गर्भवती माताओं को नि:शुल्क प्रतिरक्षा के लिए सुविधा प्रदान करने के बावजूद केवल 32.4% अनुसूचित जनजातीय माताओं (सभी सामाजिक समूहों में सबसे कम) ने ही यह सलाह प्राप्त की है कि गर्भावस्था की जटिलताएं अनुभव करने पर वे कहां जाएं।
1) इसके क्या कारण हो सकते हैं?
2) गर्भवती जनजातीय माताओं को 100% प्रतिरक्षा प्राप्त देने के लिए कौन से हस्तक्षेप आवश्यक होंगे?
3) 100% टीकाकरण को प्राप्त करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों, एजेंसियों (सरकारी तथा गैर-सरकारी) की क्या भूमिका हो सकती है।
हम इस विषय पर कुछ अनुभव और सलाह साझा करने का निवेदन करना चाहेंगे।
इस विषय पर अधिक जानकारी यहां पायी जा सकती है