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अपने विचारों को प्रधानमंत्री के 26 फरवरी 2017 के मन की बात कार्यक्रम का हिस्सा बनायें

Let your ideas be a part of PM's Mann Ki Baat on 26th February 2017
आरंभ करने की तिथि :
Feb 14, 2017
अंतिम तिथि :
Feb 23, 2017
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

हमेशा की तरह प्रधानमंत्री मोदी आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर ...

हमेशा की तरह प्रधानमंत्री मोदी आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार आपके साथ साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 29वें संस्करण के संबंध में प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके विचार को शामिल किया जा सके।

आप अपने पसंदीदा विषयों, जिन पर आप चाहते हैं कि प्रधानमंत्री बात करें, के बारे में अपने सुझाव भेजें।

आप अपने विचार इस खुले मंच पर साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड कर सकते हैं। इन संदेशों में से कुछ को प्रसारित भी किया जा सकता है।

आप 1922 पर मिस्ड कॉल देकर और एसएमएस में दिए लिंक पर जाकर सीधे प्रधानमंत्री को भी अपने सुझाव भेज सकते हैं।

26 फरवरी 2017 को प्रातः 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना ना भूलें।

फिर से कायम कर देना
3586 सबमिशन दिखा रहा है
Sanjana Subramanian
Sanjana Subramanian 9 साल 4 महीने पहले
saharanpur को स्मार्ट सिटि बनाने के लिए सर्व प्रथम सर्वसुविधा युक्त अस्पताल होने चाहिए जहां पर गरीब से गरीब व्यक्ति भी अपनी बडी से बडी बीमारी का इलाज मुफ्त में या सामान्य खर्चे पर करा
Sanjana Subramanian
Sanjana Subramanian 9 साल 4 महीने पहले
saharanpur को स्मार्ट बनाने के लिए सड़को के किनारे ठेले हटाये जाये अतिक्रमण हटाया जाये सड़को के बनाने के बाद उसकी खोदाई पर रोक लगाई जाए.
YOGESH BADHAN
YOGESH BADHAN 9 साल 4 महीने पहले
ग्रामपंचायत मे ग्रामसेवक ग्रामपंचायत सदस्यो को लेके सभी योजनाये खा जाता है, नगरपालिका मे मुख्याधिकारी,पंचायत समिती मे BLOCK DEVLOPMENT OFFICER,झिल्ला परिषद मे HEAD OF DEPT.और CHIEF EX.OFFICER पदाधीकारियो से मिलबाटकर इतना भ्रष्टाचार करते है कि सामान्य जनता को कोई लाभ नही होता और DEVLOPMENT भी नही होती.ये कब बदलेगा.
PRAKASH K ZALA
PRAKASH K ZALA 9 साल 4 महीने पहले
Increase height of platforms. It is a nightmare for old people or for physically challenged people to board trains in India. Even for the young and healthy ones, it is a challenge to board with luggage. Why can't we increase the height of our platforms so that that they are at the same level as the trains?
PRAKASH K ZALA
PRAKASH K ZALA 9 साल 4 महीने पहले
Respect the Drivers :A leading cause of train accidents in India is driver fatigue - with drivers often driving for 16-18 hours for a strech. The driver's cabin is hot and there is not even a provision to answer nature's call. Goods trains etc will often be made to halt in ungodly places in the dead of the night. Just imagine you in the middle of a forest in a train.
YOGESH BADHAN
YOGESH BADHAN 9 साल 4 महीने पहले
सरकारी कर्मचारी और अधिकारी TRANSFER (बदली)को लेके SERVICE का बहुतसा TIME,ENERGY WASTE करते है इससे प्रशासन का नुकसान होके सुशासन लाने मे देर होती है, भ्रष्टाचार बढता है.सभी सरकारी /निमसरकारी/झिल्ला परिषद,महानगर पालिका,नगर पालिका जो भी कर्मचारी है या अधिकारी है उसको ३ साल मे किसी भी हालत मे TRANSFER करनी चाहिये.अगर मिलिटरी का जवान अपना घरदार छोडके ऐसी हालत मे रह सकता है तो इनको क्या PROBLEM है.
anirudh sahoo
anirudh sahoo 9 साल 4 महीने पहले
Quota - can't be removed, but should be at least updated with time. A large portion of indian population wants to remove bias being made on basis of caste and religion. it not only is making decision making a dirty process but also degrading the country. Quota system may be needed, but it should be provided only on economical and merit basis.