Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

आईआईटी मुंबई और आईआईएससी बंगलुरु में नैनो प्रोद्योगिकी का प्रयोग किस प्रकार किया जाए

आरंभ करने की तिथि :
Sep 10, 2014
अंतिम तिथि :
Sep 30, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

आईआईटी मुंबई और आईआईएससी बंगलुरु द्वारा आयोजित एवं इलेक्ट्रॉनिकी ...

आईआईटी मुंबई और आईआईएससी बंगलुरु द्वारा आयोजित एवं इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डीईआईटीवाई) द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त भारतीय नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स यूजर प्रोग्राम (आईएनयूपी) का आयोजन नैनो प्रौद्योगिकी की चुनौतियों का समाधान ढूँढने के लिए किया गया था। आईएनयूपी के माध्यम से भारत के एमएचआरडी से मान्यता प्राप्त संस्थाओं या विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहे छात्र एवं अभिनव कार्य कर रहे शिक्षक इन नैनो फेब्रिकेशन संबंधित सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं जिसके अंतर्गत फेब्रिकेशन के लिए 150 से अधिक उपकरण और विभिन्न नैनो इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है। छात्रों को शिक्षकों और वरिष्ठ छात्रों द्वारा उनके अनुसंधान कार्य एवं आदर्श विकास हेतु परामर्श भी दिया जाता है। आईएनयूपी उपकरणों से संबंधित जानकारी देने के लिए कार्यशालाओं और इन उपकरणों का प्रयोग किस प्रकार किया जाए इसके लिए “प्रायोगिक सत्र” का भी आयोजन करता है।

यदि आप भारत से पीएचडी कर रहे हैं और नैनो इलेक्ट्रॉनिक के क्षेत्र में कुछ नया करना चाहते हैं तो आप अपने विचार http://www.inup.iitb.ac.in और http://www.nano.iisc.ernet.in/inup/ पर साझा कर सकते हैं। आईएनयूपी छात्रों को वित्त,सहायता,परामर्श और सुविधाएं प्रदान करेगा परंतु सुझाए गए विचार आपके अपने होने चाहिए।

फिर से कायम कर देना
1732 सबमिशन दिखा रहा है
Sushil Agarwal
Sushil Agarwal 11 साल 6 महीने पहले
Make the technology Open-source so youngsters from all over India can study and research on the technology and its applications. There should be a contract with every researcher thus allowed that all findings and subsequents inventions will be patented jointly in the name of Researcher and Govt of India and can be put to public/strategic use by GOI.