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एक मजबूत व व्यवसायिक हथकरधा क्षेत्र के विकास हेतु अपने सुझाव दें

आरंभ करने की तिथि :
Mar 03, 2020
अंतिम तिथि :
Jun 03, 2020
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Nidhi Agrawal
6 साल 1 महीना पहले
Incorporating technology and skill together is the need of the hour. The prominent initiatives such as Skill India, Startup India and Make in India should be used well to exploit the unrestricted as well as the restricted creative possibilities of the Handloom and Textile sector in India. Also, the bottom-most structure of the societal pyramid should be empowered with knowledge and awareness of India's rich heritage and glorious treasure of Handloom and textile.
Thanks!
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Kuldeep Jangid
6 साल 1 महीना पहले
To develop our Handlooms we should work more on cotton textiles.
We have to stop 3rd party participation....
Thank you,
Kuldeep Jangid
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Shikha hari kumar
6 साल 1 महीना पहले
Handloom sector is the one of the most popular and profit earning sector in this era..
we can promote the workers by giving them independent projects and making the deal of profit share,no 3rd party involvemnet should be allowed and give a platform. where they can project their work may in the form of exhibitions, sales, online gov store for handloom products.
categories of products and state wise publishing. Material required should be give average cost. Price should be shared.
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AMIT SHARMA
6 साल 1 महीना पहले
स्वदेशी की अहमियत को समझाना और इसे एक ब्रांड के रुप में प्रमोट करना ।
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vrishbhanath vardhman Gumate
6 साल 1 महीना पहले
Good morning Sir,
Environmental production is cotton. So many purposes like. Environment health, air filtration, water cycle, soil health, sun temperature, etc.
Thanks Sir.
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Abhey Kumar Rajput
6 साल 1 महीना पहले
To make the Handloom sector self sustainable for inclusive growth. Empowerment of the weavers through technological upgradation. Focused, flexible and holistic approach to meet the challenges of domestic and global market. Brand building in global and domestic markets.
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Prasanta Sharma
6 साल 1 महीना पहले
Two most dangerous problem in business and soceity are 1. Subsidy and 2. Quota.
No matter what we produce or trade, business can sustain only when there enough buyers to buy.
1. Govt shouldn't encourage a business for subsidy.
2. Govt should never get into direct business.
3. Govt is just like another tool to enhance possibilities of business.
4. Govt Should work as influencer and monitor of overall interest of the country.
If I get an opportunity I can show how we can make it.
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Vishwaprabha
6 साल 1 महीना पहले
Respected modi ji
This is request to low down rate of cgmst
in loan account below 3 lakh due to carona crisis. also those company which hv no chance of work during carona time. like events they can work for another activity. food industry/production compaing can be conducted bysocial gathering companies. change of track can give startup and company will not shutdown.
plz give rebate in cgmst charges.
abhishek(vishwaprabha)
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Niteshjha
6 साल 1 महीना पहले
1000 आदमी रोजगार से जुरजाऐं तो पंचायत का कायाकल्प हो सकता है।
शव्द लीमीट के कारण मे पूरी व्याख्या नही कर सकता पर ,ईतना जरुर कहूंगा ,ये फारमूला पर काम करना चहीये,हम तो साधारन लोग है ,साधारन तरीके को अपनाना चाहते हैं,यही काम सरकार अपने स्तर से सुरुवात करे तो, देश व्यापी अभियान के रूप मे परीभाशीत होगा,ईससे गांव मे रोजगार साधन बनेगें,गांव के बिकाश से देश के बिकाश को बल मिलेगा,
50 रोजगार सभी पंचायत मे होना चहीये,ये रोज मर्रा मे उपयोगी रोजगार है।
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Niteshjha
6 साल 1 महीना पहले
सम्रीध भारत का सपना साकार करने हेतू,हथकर्धा के संग सभी प्रकार के घरेलू ऊध्योग को बढाबा देना आवश्यक है।ईसके लिऐ न्ऐ रूप रेखा तैयार करना होगा, काम की सुरूवात पंचायत स्तर से हो,पंचायत के पोपलेशन के आधार पर योग्य उद्यमी की चैन करें,और प्रशिक्षण देते हुवे,रूचीनुशार आवश्यक ग्रामिण उपयोगी समान का आयात नीर्यात सभी पंचायत मे करबाने का शंकल्प ले।हमारा मानना है कार्य के प्रारंभ से, सिध्र ही परीवर्तन देखने को मीलेगा।
हर घर की जरुरत के सामान ,अनुमान रूप मे 50 पकरे तो।50*20=1000 आदमी को रोजगार मिल सकता है।
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