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केंद्रीय उत्पाद विधेयक, 2024 पर सुझाव आमंत्रित

आरंभ करने की तिथि :
Jun 07, 2024
अंतिम तिथि :
Jun 26, 2024
18:15 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने 'केंद्रीय उत्पाद ...
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SUBHAJIT KARMAKAR
2 साल 1 week पहले
waa
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KARTHICKPUTHIYAVAN
2 साल 1 week पहले
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Shubhodeep Goswami
2 साल 1 week पहले
जबलपुर से कटरा वाया कटनी, सतना, चित्रकूट, कानपुर, दिल्ली, अमृतसर, जम्मू तवी नई ट्रेन चलाई जाए और इसी ट्रेन की रैक शेयरिंग करके जबलपुर मैसूर पैलेस क्वीन सतपुड़ा एक्सप्रेस नई ट्रेन वाया नैनपुर, बालाघाट, गोंदिया, बल्लारशाह, कचेगुड़ा, महबूबनगर, धर्मावरम, बेंगलुरु नई ट्रेन चलाई जाए।
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sandeep more
2 साल 1 week पहले
अनेक प्रकार के टॅक्ष और 30 % तक इन्कमटॅक्ष हो तो लोग टॅक्ष चोरी ही करेंगे। ईन्कम टॅक्ष , प्रोफेशनल जैसे सभी टॅक्ष हटाये और जनता को खतरनाक मानसिक त्रास और भयानक पेपरवर्क से मुक्त करे।
वैसे भी कोई भी चीज लो उस पर जनता टॅक्ष देती ही हैं फिर ईन्कम टॅक्ष की क्या जरुरत हैं? और मजे की बात यह हैं 2021 में 8.22 करोड टॅक्ष पॅयर थे उनमें 7.50 करोड लोगो का इं.टॅक्ष शुन्य था सिर्फ 72 लाख लोगों ने ही टॅक्ष भरा था।
1). वन टाइम जीएसटी लागु करे। कंपनीयों से निकलने वाली और हर नई चीज पर एक ही बार जीएसटी लगाये और सर्विस सेक्टर में सिर्फ 2% फिक्स टॅक्ष लगाये और जीएसटी क्रेडिट, रिटर्न, कंम्पोझीशन जैसी सब झंझट निकाल दे।
2).बैंक के हर डेबीट ट्रांजैक्शन पर 0.5%से 1% टॅक्ष लगाये ।
अभी जीएसटी रिटर्न, क्रेडिट, कंम्पोझीशन की झंझट और जीएसटी नंबर ना होनेसे हजारों करोड़ के बील ही नही बनते।
फिर भी अगर ईन्कम टॅक्ष लेना ही हैं तो तीन लाख के ऊपर कितनी भी इन्कम हो 3% का फिक्स ईन्कम टॅक्ष लगाये।
ज्यादातर समय इन्कमटॅक्ष बचाने के चक्कर में इंकमटॅक्ष से ज्यादा अकाउंटन्ट की फिस हो जाती हैं।
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mukesh
2 साल 1 week पहले
create a more efficient and business-friendly legal framework
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SUBRAMANYA
2 साल 1 week पहले
Sir
It should be like feel free mechanism. Easy to catch faults.
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Adv Praveen Pratap
2 साल 1 week पहले
सर,आपके द्वारा जन हित की बहुत ही अच्छी योजनाओं का निर्धारण हुआ जो वास्तव में जनहितकारी थी,और विकसित भारत के लिए आवश्यक थी।
इसके लिए आप धन्यवाद के पात्र हैं,
किंतु प्रश्न पैदा होता है, कि उन लाभकारी योजनाओं को जनता को न समझाया जा सके तो क्या लाभ?
कृपया जो भी जनहितकारी योजना का निर्धारण हो वह वास्तविक रूप से साधारण जनता तक पहुंचाई जाएं जिससे व्यक्ति उन योजनाओं का स्वयं मैरिट निर्धारित कर सके।
प्रणाम सर जी
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ALI HAIDAR NAQVI
2 साल 1 week पहले
Jai Hind Jai Bharat
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ALTAB MONSURI
2 साल 1 week पहले
Incorporation of Digital Excise Management System (DEMS)
1. Introduction of DEMS
-
Overview: Use blockchain- based DEMS to streamline excise duty collection, improve transparency, and reduce tax evasion.
-Objective: Enhance efficiency and accuracy in excise duty processes with real-time tracking and secure data.
2. Key Features of DEMS
-Blockchain Technology:Ensures transparent and tamper-proof records.
-Real-time Tracking: Monitors production and movement of goods to reduce delays.
-Automated Compliance:Uses AI for automatic duty calculations and filings.
Smart Contracts:Automates transactions and payments.
Integration:Works with existing business systems for easy adoption.
3. Benefits
Transparency:Reduces corruption and fraud.
-Efficiency:Lowers administrative workload and speeds up processes.
Cost Reduction: Cuts paperwork and manual work.
- Data Security:Protects financial data from breaches.
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S.K.Gupta
2 साल 1 week पहले
Govt should consider abolishing the Central Excise Duty more so when hapless consumers are also being made to pay Goods and Services Taxes, yet another form of Indirect tax, which covers almost all items of their daily use as also their basic necessities too.
Where is the justification for having such multiple indirect taxation regime in the country?
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