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कैसे एक ब्रांड के रुप में भारतीय हथकरघा को बढा़वा दिया जाए और उपभोक्ताओं के लिए उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए ?

How to promote Indian handlooms as a brand and to ensure quality products to the consumers?
आरंभ करने की तिथि :
Feb 13, 2015
अंतिम तिथि :
Mar 11, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

भारत की असाधारण कौशल और शिल्प कौशल के साथ हथकरघा उत्पादों को बनाने ...

भारत की असाधारण कौशल और शिल्प कौशल के साथ हथकरघा उत्पादों को बनाने में उत्कृष्टता की एक लंबी परंपरा है। इस क्रियाकलाप में 44 लाख बुनकर लगे हुए हैं जिनमें से 78% महिलाएं हैं।

केन्द्र सरकार ने हथकरघा (उत्पादनार्थ वस्तुओं का आरक्षण) अधिनियम, 1985 के द्वारा हथकरघा उद्योग के संरक्षण एवं विकास के लिए हथकरघा के अनन्य उत्पादन के लिए वस्तुएं अथवा वस्तुओं की श्रेणी आरक्षित की है।

इस प्रयास में आगे वस्त्र मंत्रालय ने भारतीय हथकरघा उत्पादों को प्रोत्साहन व संरक्षण प्रदान करने तथा घरेलू व अन्तयर्राष्ट्रीय बाजार में एक प्रमुख स्थान हासिल करने के लिए दिनांक 28.06.2006 से “हथकरघा मार्क” योजना आरंभ की है। यह हथकरघा क्षेत्र से निकले हाथ से बुने उत्पादों को लोकप्रिय बनाने के लिए भारत के हथकरघा उत्पादों को एक सामूहिक पहचान प्रदान करता है। इस प्रकार से हथकरघा मार्क केवल उत्पाद की मौलिकता को सुनिश्चित करता है।

यद्यपि बुनकर प्रचुर विविधता वाले डिजाइनों एवं बनावटों को तैयार करता है लेकिन विभिन्न कारणों से उत्पाद की गुणवत्ता पर ज्यादा जोर नहीं दिया जाता। गत वर्षों में हथकरघा मार्क के कार्यान्वयन के अनुभवों से इस बात के संकेत मिलते हैं कि इससे हथकरघों से वस्त्रों का उत्पादन करने का सीमित प्रयोजन ही पूरा हो पाया है और इससे गुणवत्ता संबंधी मानदंडों की पूर्ति नहीं हो पायी है जो कि हथकरघा को एक विशिष्ट उत्पाद के रुप में विकसित करने के लिए अनिवार्य हैं।

इस बात की जरुरत पर बल दिया गया है कि एक ऐसे कपड़े का उत्पादन किया जाए जो “दोष रहित और पर्यावरण पर दुष्प्रभाव रहित” हो और ऐसा “भारतीय हथकरघा” ब्रांड विकसित किया जाए जो सामाजिक व पर्यावरणीय अनुपालना करते हुए उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करे।

परिकल्पना दस्तावेज पर अपने बहुमूल्य विचार और राय साझा करें।

भारतीय हथकरघा ब्रांड पर संकल्पना पत्र: http://cdn.mygov.nic.in/bundles/frontendgeneral/pdf/concept-paper-on-indian-handlooms-brand.pdf

आप अपनी टिप्पणियां 10 मार्च 2015 तक भेज सकते हैं।

हथकरघा मार्क योजना: http://cdn.mygov.nic.in/bundles/frontendgeneral/pdf/handloom-mark-scheme.pdf

हथकरघा (उत्पादन आरक्षण) अधिनियम, 1985: http://cdn.mygov.nic.in/bundles/frontendgeneral/pdf/the-handlooms-reservation-of-articles-for-production-act-1985.pdf

फिर से कायम कर देना
700 सबमिशन दिखा रहा है
RAJIV ROY
RAJIV ROY 11 साल 4 महीने पहले
We request our PM ICSE board may be close because due to its children are facing lot of problem in ICSE board, There is no similarities between CBSE and ICSE, ICSE board Schools are involved in how to make money, ICSE board schools are maximum convent school, they pressured there students to buy books cloths and every items from there specified shops only. Each students carry about 10 KG of Books on every days. They should be stop.
Swatantra Anand
Swatantra Anand 11 साल 4 महीने पहले
प्रयासों से सरकार की सहभागिता से गरीबों हेतु एक उत्कृष्ट योजना के साथ ? औद्योगिक क्षेत्र में आवश्यक जो कम से कम खेती उपयोगी जमीन को अधिग्रहण करते हुए राष्ट्रीय विकास करते हुए समाजिक न्याय के साथ साथ ८०% आबादी को भी आर्थिक विकास में उनका भी जीवन स्तर उठाने का प्रयास करें ? क्योंकि औद्योगिक विकास को बल हेतु जमीन की कोई भी कीमत ज्यादा नहीं हो सकती ? उत्पादन से कुछ समय में लागत वापस आ सकती है? किसी भी योजना को तेजी से लागू करने हेतु ? किसानों पर किया हुआ खर्च करके उन्हें खुश रखते हुए अनावश्यक धरना ?प्रदर्शन? आंदोलनों पर भरोसा जीतते हुए राष्ट्रीय विकास के साथ साथ क्रृषी विकास के नारा " उत्तम खेती , मध्यम बान , निषीध चाकरी और भीख निदान " कहावत को चरितार्थ कराने से आज की सरकार का नारा " अच्छे दिन
Swatantra Anand
Swatantra Anand 11 साल 4 महीने पहले
जमा करा देगी ? अथवा उनके जनधन योजना अंतर्गत बैंक खाते में सीधे तौर पर जमा कराया जा सकता है ? ४.इन योजनाओं के चलतेकिसी भी किसान की आर्थिक संकट नहीं उत्पन्न होगा साथ ही उसे भी देश के विकास में सीधे तरीके से जुडने का सौभाग्य प्राप्त होगा ? ५ साथ ही गरीब किसान को अपने अनिश्चितकालीन खेती जो भगवान भरोसे रहती थी ? उसका डर व कर्ज मुक्ति के साथ साथ आत्म हत्या की घटनाओं से भी छुटकारा प्राप्त हो सकेगा ? ७. इस प्रकार से किसान सहकारिता खेती पर वैज्ञानिक रूप से अच्छे समाज में अपने आपको उन्नत करते हुए अपने अगले पीढी को भी आधुनिक समाज में बढा सकेगा ? इस....
Swatantra Anand
Swatantra Anand 11 साल 4 महीने पहले
श्रीमान मोदी जी; जंतर मंतर पर अन्ना जी का प्रदर्शन सरकार के लिए सरदर्द है हमारी संस्था आजाद हिन्द सेवा दल के बुद्धि जीवी लोगों का " भूमि अधिग्रहण विधेयक अध्यादेश " के संदर्भ में सुझाव है कि इसके अंतर्गत जिस किसी भी किसान की भूमि राष्टीय विकास हेतु अधिग्रहण किया जाएगा ? १.उन लोगों के लिए दुगुनी खेती की जमीन उसी जिले में एक चक बना कर दी जा सकती है ,या २. दुगुनी दर का किसान विकास पत्र व विकसित उद्योग मे नौकरी भी दी जा सकती है , या ३. सरकार स्वयं उस क्षेत्र में सहकारी संस्था बना कर आधुनिक खेती कराएगी साथ ही सभी संबंधित किसानों को उनके जमीन के अनुपात का शेयर सर्टिफिकेट एलाट कर देगी साथ ही उन्हें कम से कम १५% सालाना का नियमित डिवीडेन्ट के साथ सहकारी संस्था द्वारा उत्पादन का मुनाफा सालाना उनके बैंक अकाउंट में
ganpat seervi
ganpat seervi 11 साल 4 महीने पहले
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