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कौशल विकास और उद्यमिता के लिए राष्ट्रीय नीति का मसौदा 2015 पर अपने विचार साझा करें

Share your views on Draft National Policy for Skill Development and Entrepreneurship 2015
आरंभ करने की तिथि :
May 08, 2015
अंतिम तिथि :
May 23, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय को देश में कौशल विकास और ...

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय को देश में कौशल विकास और उद्यमशीलता के लिए एक रोडमैप तैयार करने को कहा गया है। व्यांपक और हॉलिस्टिेक पॉलिसी दस्तासवेज तैयार करना इस प्रक्रिया का अभिन्नक अंग है। इसमें पहले से तैयार कौशल-विकास की मौजूदा राष्ट्री्य नीति (एन पी एस डी) 2009, पर नए सिरे से दृष्टि डालने की आवश्यिकता है।

मंत्रालय कौशल-विकास और उद्यमशीलता 2015, पर राष्ट्रीयय नीति का एक मसौदा तैयार करने में जुटा हुआ है। सभी संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों/विभगों से कौशल विकास और उद्यमशीलता की दिशा में किए जा रहे कार्यो के साथ-साथ इस क्षेत्र की समस्या ओं और चिंताओं के संबंध में प्रारम्भिरक इनपुट्स मांगे गए थे। राष्ट्री य नीति का मसौदा इन्हींं प्रारम्भिेक इनपुट्स तथा पिछले छह माह के दौरान सभी संबंधित हित-धारकों के साथ विचार-विमर्श के आधार पर तैयार किया गया है। अब इस मसौदा नीति पर विस्तृवत विचार-विमर्श की आवश्यरकता महसूस हुई है जिससे कुशल भारत का निर्माण तीव्र गति, स्केतल और गुणवत्ताव के साथ संभव हो और इस संबंध में सुसंगत विजन और रोडमैप तैयार किया जा सके।

कौशल विकास और उद्यमिता के लिए राष्ट्रीय नीति का मसौदा 2015

कौशल विकास और उद्यमिता के लिए राष्ट्रीय नीति का मसौदा 2015 पर अपने इनपुट्स/सुझाव साझा करें।

आप अपनी टिप्पणियां 22 मई 2015 तक भेज सकते हैं।

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DEVENDRA KUMAR
DEVENDRA KUMAR 11 साल 1 महीना पहले
There are lot of unqualified doctors are practicing in rural ares in Bihar,thereby so many patient are dying.There should be some strict govt norms to check such peoples and they should be taken to task immediately.There are examples in village-Gopalpur and Tineri in Masauri Prakhand in Patna dist.No officals are bother to catch them.This village comes under Ram kripal yadav constituency.
Rameshchandra Chaudhari
Rameshchandra Chaudhari 11 साल 1 महीना पहले
Skill development is location, aptitude, challenges, scope, resources dependent. Off the air it cannot be discussed. We have to 1. identify areas of scares resources, people with required aptitude. 2. Anticipating future need of resources. 3. There are some general skills those everybody should have, there are common skills which help in almost every field. Those should be included since schooling.
Deepak Jacob
Deepak Jacob 11 साल 1 महीना पहले
Eicher had started an automobile lab at amal jyothi engineering college in kanjirapilly,kerala which helps in giving practical experience to students.Government should formulate policies where in vehicle manufacturers should be asked to start automobile labs in engineering and polytechnic colleges to get skilled manpower.
RAM PARKASH GROVER
RAM PARKASH GROVER 11 साल 1 महीना पहले
IT TAKES THREE GENERATIONS TO PREPARE A SUCCESSFUL ENTREPRENEUR N ONE GESTURE/ACT OF GOVT CAN RUIN THE WHOLE PROCESS.A YOUTH WHO STUDIES B.TECH/M.TECH ETC CAN GET A WHITE COLOR HASSLE FREE JOB WITH SALARY/PERKS FROM RS.5 LACS TO 5 CRORES P.A.WITH NO INVESTMENT NO RISK.HENCE, NO ONE IS FOOL ENOUGH TO PUT HIS HEAD IN MORTAL,BY TRYING ENTREPRENEURSHIP.WHILE THERE R LAWS FOR MINIMUM SALARIES THERE MUST BE LAWS FOR MAXIMUM SALARIES/PERKS. MNCS DON'T WANT YOUTH TO BE SKILLED OR BECOME ENTERPRE
sushil_10
sushil_10 11 साल 1 महीना पहले
सर यदि मेटेरियल की ढुलाई ट्रेन से हो तो सरकार की कमाई भी होगी और सामान की कीमत भी कम होगी। और कालाबाज़ारी भी बंद हो जायेगी। डीजल की खफत कम और polution भी कम हो जायेगा। एक बार इस बात पर ध्यान दे।
sushil_10
sushil_10 11 साल 1 महीना पहले
सर ध्यान से सोचे तो गिटटी बालू पत्थर जिनकी कीमत कुछ नही होती है जहा ये होते है, लेकिन जहा पर इनकी अधिकता नही होती है वहा पर रेट 6 गुना तक हो जाती है।ऐसा क्यों होता है लेकिन किसी भी सरकार का ध्यान नही जाता है की कारण क्या है।सर इस का ये है की 12 रु.फ़ीट बालू का दाम बाजार में 65 रु बिकता है इसी तरह गिट्टी और पत्थर का भी होता है।सब से बड़ा कारण इस में ट्रक भाड़ा और कमाई है जो की लगभग 45 रु फ़ीट आ जाता है और इस के बाद टैक्स हो जाता है।इसी तरह सारे मेटेरियल में लगभग बड़ जाता है।