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कौशल विकास और उद्यमिता के लिए राष्ट्रीय नीति का मसौदा 2015 पर अपने विचार साझा करें

आरंभ करने की तिथि :
May 08, 2015
अंतिम तिथि :
May 23, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय को देश में कौशल विकास और ...
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DEVENDRA KUMAR
11 साल 1 महीना पहले
There are lot of unqualified doctors are practicing in rural ares in Bihar,thereby so many patient are dying.There should be some strict govt norms to check such peoples and they should be taken to task immediately.There are examples in village-Gopalpur and Tineri in Masauri Prakhand in Patna dist.No officals are bother to catch them.This village comes under Ram kripal yadav constituency.
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Anurag Dwivedi
11 साल 1 महीना पहले
The skill development should be market oriented. what skills are required by corporates or companies that should be given to youths. One skill program should be included as subject in 9,10,11 and 12th class. We can also learn the skill program from Germany.
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Devender Kumar Rapria
11 साल 1 महीना पहले
In India there is need to compulsory for every student to take a skill in 10,11,12 class during his school time.and for Illiterate person there is a separate institute in Every District on India.
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Rameshchandra Chaudhari
11 साल 1 महीना पहले
Skill development is location, aptitude, challenges, scope, resources dependent.
Off the air it cannot be discussed.
We have to 1. identify areas of scares resources, people with required aptitude.
2. Anticipating future need of resources.
3. There are some general skills those everybody should have, there are common skills which help in almost every field. Those should be included since schooling.
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Deepak Jacob
11 साल 1 महीना पहले
Our higher education policy should be changed to give more importance to skill development for 10 .11 and 12 th standards and tech them life skills like home electrical and plumbing repair,vegetable cultivatiobn in gardens in schools
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Deepak Jacob
11 साल 1 महीना पहले
Formulate policies in which government engineering colleges give space for Indian software companies like TCS,Infosys and wipro to nurture students as apprentices during their internship period.
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Deepak Jacob
11 साल 1 महीना पहले
Eicher had started an automobile lab at amal jyothi engineering college in kanjirapilly,kerala which helps in giving practical experience to students.Government should formulate policies where in vehicle manufacturers should be asked to start automobile labs in engineering and polytechnic colleges to get skilled manpower.
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RAM PARKASH GROVER
11 साल 1 महीना पहले
IT TAKES THREE GENERATIONS TO PREPARE A SUCCESSFUL ENTREPRENEUR N ONE GESTURE/ACT OF GOVT CAN RUIN THE WHOLE PROCESS.A YOUTH WHO STUDIES B.TECH/M.TECH ETC CAN GET A WHITE COLOR HASSLE FREE JOB WITH SALARY/PERKS FROM RS.5 LACS TO 5 CRORES P.A.WITH NO INVESTMENT NO RISK.HENCE, NO ONE IS FOOL ENOUGH TO PUT HIS HEAD IN MORTAL,BY TRYING ENTREPRENEURSHIP.WHILE THERE R LAWS FOR MINIMUM SALARIES THERE MUST BE LAWS FOR MAXIMUM SALARIES/PERKS.
MNCS DON'T WANT YOUTH TO BE SKILLED OR BECOME ENTERPRE
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sushil_10
11 साल 1 महीना पहले
सर यदि मेटेरियल की ढुलाई ट्रेन से हो तो सरकार की कमाई भी होगी और सामान की कीमत भी कम होगी। और कालाबाज़ारी भी बंद हो जायेगी। डीजल की खफत कम और polution भी कम हो जायेगा। एक बार इस बात पर ध्यान दे।
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sushil_10
11 साल 1 महीना पहले
सर ध्यान से सोचे तो गिटटी बालू पत्थर जिनकी कीमत कुछ नही होती है जहा ये होते है, लेकिन जहा पर इनकी अधिकता नही होती है वहा पर रेट 6 गुना तक हो जाती है।ऐसा क्यों होता है लेकिन किसी भी सरकार का ध्यान नही जाता है की कारण क्या है।सर इस का ये है की 12 रु.फ़ीट बालू का दाम बाजार में 65 रु बिकता है इसी तरह गिट्टी और पत्थर का भी होता है।सब से बड़ा कारण इस में ट्रक भाड़ा और कमाई है जो की लगभग 45 रु फ़ीट आ जाता है और इस के बाद टैक्स हो जाता है।इसी तरह सारे मेटेरियल में लगभग बड़ जाता है।
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