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आरंभ करने की तिथि :
Jun 18, 2019
अंतिम तिथि :
Jul 01, 2019
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
भारत दुनिया की शीर्ष 5 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा ...
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vijay awadhiya
6 साल 11 महीने पहले
सरकार ,शहर की विचारधारा के हिसाब से योजना बनाती ,सरकार समझती है देश मे सब पढे लिखै है सब अन्याय के विरुद्ध आवाज उठा सकते है सबको अंग्रेजी पढना, बोलना समझना आता है। यही सबसे बडी गलती होती हैं।गरीब ओर गरीब हो रहा है, अन्याय के विरुद्ध आबाज नही उठा सकता क्योंकि हर सरकार यही चाहती है। अगर मै गलत हूं तो एक चेलेज श्री मा.मोदी जी और श्री अमित शाह जी से है अभी संसद चल रही ,ससद के सभी सासद से एक प्रशन मेरे तरफ से करके देखे सच्चाई सामने आजायेगी,, देश मे लोक हित कितनी योजनाएं चल रही है उनका बिबरण बताये।
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jagdish dhakad
6 साल 11 महीने पहले
Every homemaker women or women in general in our country responsible for daily household work , and largest waste producers in our country, ask them to keep wet ,dry ,biodegradable, non-biodegradable , paper , plastic and metal waste separate and give them a clean incentive by DBT scheme, this activity to be monitored through AI based devices and if they deposit it to nearest collection center they will incentivise more , so we can make different level and categories on basis of effort
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rakesh kandpal
6 साल 11 महीने पहले
महिलाओं के लिए छोटे-छोटे समूह बनाकर उसको सरकार द्वारा सहायता देकर गवर्नमेंट कोई भी उत्पाद को बढ़ावा देकर उन लोगों को कच्चा माल मुहैया कराकर उनसे माल खरीदकर उसे मार्केट में बेचने की व्यवस्था कर सकती है
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Jyothish
6 साल 11 महीने पहले
Each and every homemaker in a locality on a daily basis makes 20-50 rotis along with their routine. The rotis will be packed and labeled as a set of 5 or 10. At a specified time these rotis will be collected by a collection agent and will be transferred to a collection point. The rotis will be then transferred to a nearby hospital or health centre which will be served in their canteen. This will be a daily income for home makers and will be a homemade food for the patients and standbys.
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PARESH V TANK
6 साल 12 महीने पहले
महिलाओ को सशक्त करने हेतु, विभिन्न ओपन यूनिवर्सिटी में एवं ITI में महिलाओ को शिक्षण हेतु निशुल्क व्यवस्था होनी चाहिए
ओपन यूनिवर्सिटी में व्यावसायिक कोर्स को बढ़ावा देना चाहिए.
और इन संस्थानों में पढ़ी हुई महिलाओ को प्रमाणपत्र के आधार पर वित्तीय सहायता करनी चाहिए..
इससे वह पढेगी और वित्तीय रूप से सशक्त होंगी
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tilakchand pandit bamnote
6 साल 12 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी आप महिलाओं को ऐसे मजबूत बनाये की उनको घर कामों मे ही मुनाफा मिले जैसी कि सब्सिडी महिलाओ के अकाउंट मे जमा हो ज्यादा से ज्यादा आर्थिक काम महिला अकाउंट मे हो और उनको पेंशन मिले उनके पति यों के ही पैसा मे उनको फायदा हो आप नयी योजना लाएंगे नेता उसे अपने रिश्तेदारों मे बाते गे
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Doctor Surya Kumar Singh
6 साल 12 महीने पहले
the things made by housewife like handbags, school dresses, chips, papd etc need marketing support because most of them can't do door to door marketing or online marketing therefore the agencies like Kadi gram udyog or Mahila Grihudyog etc must pickup the products made by housewife's
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Apurva Bhide
6 साल 12 महीने पहले
Dear Sir,
We can help women in the household to make paper bags so that we can also help in saving our enviornment.
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Rakesh Kumar Lakhara
6 साल 12 महीने पहले
महिलाएं अपने हाथ से बनाये हुए सामान को टैक्स फ्री करना चाहिये और ऑनलाइन सामान बेचने के लिए अलग से वेबसाईट हो जिसमे सिर्फ महिलाये ही सामान बेच सके।
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Rajan Nair
6 साल 12 महीने पहले
My humble pranams to Your Excellency.
Many of the home makers in our country are toiling for the welfare of the family and they are the real national builders .Many are with lot of skills but with no income and opportunity. I would suggest to create a National Authority to promote a platform for the development of these people by giving part time jobs in the sectors of food supply in Railway stations ,
Private home Tutions, Tailoring etc..A chain of restaurants in the Model
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