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चंडीगढ़ यूटी में विश्व स्तर की शिक्षा और स्वास्थ्य मानकों का विकास

Developing World Class Education and Health Standards in UT Chandigarh
आरंभ करने की तिथि :
Sep 30, 2015
अंतिम तिथि :
Apr 01, 2016
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

एक स्मार्ट सिटी में बेहतर शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवायें उसकी ...

एक स्मार्ट सिटी में बेहतर शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवायें उसकी मुख्य सूची में होते हैं | केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ क्षेत्र को देखते हुए शिक्षण संस्थान (स्कूलों और कॉलेजों) बहुत अच्छी तरह से प्रबंधित हैं। चंडीगढ़ में कई सरकारी स्कूल शहर में सबसे अच्छे स्कूलों के साथ बराबरी पर हैं | फिर भी हम चाहते हैं कि हमारे निवासी अपने विचार/ सुझाव दें ताकि उनके द्वारा हम हमारे स्कूलों और कॉलेजों को वैश्विक मानकों के स्तर पर आश्वस्त कर सकते हैं |

चंडीगढ़ शहर न केवल अपने निवासियों (जनसंख्या 10.5 लाख) के लिए बल्कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पड़ोसी राज्यों के निवासियों के लिए भी स्वास्थ्य देखभाल का एक उद्गम स्थल है | हालांकि स्वास्थ्य परिदृश्य के वैश्विक मानकों के लिए हमारे निवासियों की अधिकतम संतुष्टि के लिए शहरनिवासियो के सुझावों तथा मतों का स्वागत करता है | मानव विकास सूचकांक (HDI) और एमडीजी (मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स MDG) के मानकों को पूरा करने के लिए हम शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र पर हमारे शहर निवासियों के स्मार्ट विचारों/सुझावो की जरूरत है।

फिर से कायम कर देना
260 सबमिशन दिखा रहा है
P Devi Shankar Sai Prakash
P Devi Shankar Sai Prakash 10 साल 7 महीने पहले
Health care delivery and quality outcomes can possibly brought to optimal contentment through issue of individual entity policy plan..Economic and professional background are considerable factors. Education would be lime success unless there would be theoretical explanations held at successive periods along with broad teaching methods like topic derivatives, connective ideas.
sainath primary scholl
sainath primary scholl 10 साल 7 महीने पहले
आभ्यासक्रमाची रचना विदयार्थ्याच्या आवडीनूसार व गरजेनूसार असावी. शिक्षक हा फक्त मार्गदर्शक व विद्यार्थी स्नेही असावा. ,लेखन,गणन सहज अवगत होण्यासाठी वर्गवार पुरेशा शेक्षणिक साहित्य उपलब्धता असावी तसेच आभ्यासक्रमाची रचना विदयार्थ्याच्या आवडीनूसार व गरजेनूसार असावी