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चयनित स्‍मार्ट और अमृत शहरों के लिए पुनर्विकास और शहरी विस्‍तार योजना बनाने के बारे में दिशानिर्देशों का प्रारूप

Draft Guidelines on Formulation of Redevelopment & Urban Expansion Plan for selected Smart and AMRUT cities
आरंभ करने की तिथि :
May 03, 2017
अंतिम तिथि :
Jun 01, 2017
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

भारत में कस्‍बों और शहरों का शहरी जनसंख्‍या में वृद्धि सहित सतत् ...

भारत में कस्‍बों और शहरों का शहरी जनसंख्‍या में वृद्धि सहित सतत् भौतिक विस्‍तार और सघनीकरण हो रहा है। कई शहरों के आन्‍तरिक भाग पुराने हैं जिन्‍हें शहर की वर्तमान जरूरतों के अनुसार पुनर्विकसित किए जाने की आवश्‍यकता है। मुख्‍य आवश्‍यकता सड़कों और अन्‍य खुले स्‍थानों जैसे सार्वजनिक उपयोग के लिए भूमि की उपलब्‍धता है। इन क्षेत्रों के लिए पुनर्विकास का कार्य स्‍थानीय क्षेत्र योजना तैयार करके शुरू किया जा सकता है ।

शहर के बड़े भाग का विस्‍तार अनियोजित ढंग से शहर के सीमावर्ती क्षेत्रों में होता है। ऐसे परिदृश्‍य में, बेहतरतीब ढंग से कृषि भू-खंडों को शहरी उपयोग में बदल दिया जाता है और शहरी अवसंरचना की व्‍यवस्‍था पर बहुत कम ध्‍यान दिया जाता है। नगर नियोजन स्‍कीम (भूमि पुनर्समायोजन) तन्‍त्र के माध्‍यम से नियोजित शहरी विस्‍तार किया जा सकता है जिसमें मौजूदा कृषि भू-खंडों को सार्वजनिक उपयोग के लिए मार्गाधिकार और भूमि के लिए कटौतियां करने के पश्‍चात् नियोजित ढंग से मिलाया और पुनर्वितरित किया जाता है। बेहतरी प्रभारों और आरक्षित भू-खंडों की बिक्री जैसे मूल्‍य प्रग्रहण वित्‍तपोषण से शहरी अवसंरचना को वित्‍तपोषित किया जाता है।

प्रस्‍तावित उप-स्‍कीम का उद्देश्‍य इन तीन महत्‍वपूर्ण मुद्दों; अर्थात (i) स्‍थानीय क्षेत्र योजनाओं के माध्‍यम से आंतरिक शहर पुनर्विकास (ii) नगर नियोजन स्‍कीम के माध्‍यम से नियोजित शहरी विस्‍तार और (iii) स्‍थानीय स्‍तर पर नियोजकों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को सुनिश्चित करने पर ध्‍यान केन्द्रित करना है।

सुझाव देने की आखरी तारीख 31 मई, 2017 है|

स्‍मार्ट और अमृत शहरों के ड्राफ्ट उप योजना को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

फिर से कायम कर देना
182 सबमिशन दिखा रहा है
sanjai kumar rai
sanjai kumar rai 9 साल 1 महीना पहले
गाजीपुर नगर के विकास की रूपरेखा - राजकीय डिग्री कालेज को विश्वविद्यालय बनाना , पवहारी बाबा आश्रम को स्वामी विवेकानंद युवा केंद्र के रूप मे विकसित होना ,कार्नवालिस की मज़ार के साथ एक आधुनिक पुस्तकालय की स्थापना ,दिल्ली वाराणसी बुलेट ट्रेन का गाजीपुर मे टेरमीनल स्टेशन बनाया जाना । सैदपुर के गुप्तकालीन स्थलों का विकास ,जमनिया - गाजीपुर- बक्सर - बलिया के बीच स्टीमर सेवा , गंगा मे डाल्फिन सेंचुरी बनाया जाना , गाजीपुर कोलकाता स्टीमर ।
sanjai kumar rai
sanjai kumar rai 9 साल 1 महीना पहले
ग़ाज़ीपुर उत्तर प्रदेश के बिकास हेतु - ग़ाज़ीपुर नगर का पौराणिक स्वरूप , उत्तरवाहिनी गंगा , मंदिरों का नगर , अंग्रेजों द्वारा निर्मित दो हवाई पट्टियां , पुर्वी भारत का वाणिज्यिक प्रवेश द्वार ।
sanjai kumar rai
sanjai kumar rai 9 साल 1 महीना पहले
1 शहर के क्षैतिज फैलाव को तुरंत रोक जाय । 2 नियोजन का मूल चिंतन विंदु उस नगर का स्वाभाविक स्वरूप हो , जैसे वाराणसी हेतु - काशी की प्राचीनता , भगवान शिव के साथ नगर की तारतम्यता , प्राच्य विषयों का प्रधान शिक्षा केंद्र , भगवान बुद्ध का प्रथम उपदेश स्थल , हस्तशिल्प केंद्र, पूरे भारत वासियों का तीर्थस्थल , आधुनिक शिक्षा का प्रधान केंद्र , विदेशियों द्वारा सबसे अधिक भ्रमड़ किया जाने वाला नगर , यती और सन्यासियों का नगर , प्राचीन गुरुकुलों का नगर , घाटों का नगर , मोक्षदायिनी गंगा ।
Dr Narendra P L
Dr Narendra P L 9 साल 1 महीना पहले
Respected Prime Minister and Officers I request you all to open Railway Enquiry and Reservation counters in interstate bus stations of metro cities and smart cities .This will not only reduce the que in railway stations but also make passengers comfortable for enquiries and reservations from Bus stations. Please make this atleast in metros and smart cities included now Sincerely Dr Narendra P L SHI KARNATAKAMOGA
M P Trehan
M P Trehan 9 साल 1 महीना पहले
It is suggested on similar lines govt may direct AWHO to start ranking system of all the housing societies annually. AWHO has a large no. of societies under its control. This action of AWHO will bring a change in the attitude of other surrounding societies and general public. The suggestive criteria for ranking the societies is as under: 1. General Cleanliness of common area. 2. Collection of Garbage. 3. Maintenance of Parks 4. Plantation of trees 5.Attitude of inhabitants of society.
M P Trehan
M P Trehan 9 साल 1 महीना पहले
This is regarding annual ranking of AWHO housing societies under Swach Bharat Campaign. I heartily admire our respected Prime Minister who thought of launching Swach Bharat Campaign.Annual Ranking of cities under the scheme undertaken every year and announcing their position as done recently gives impetus to the cleanliness drive by various govt authorities. It has created competitive spirit and conditions where public demands action by their Municipal Authorities.
Hari Singh
Hari Singh 9 साल 1 महीना पहले
इस विषय को जितना मैं समझ पाता हूँ उस दृष्टिकोण से मुझे एक सिद्धांत नज़र आता हे - हमारे पास दो तरह का पानी हे,एक कटोरी जिसमे ज्यादा नमक हे और दूसरा जो बिलकुल सादा हे। एक पीने लायक ही नहीं हे और दूसरा स्वादहीन हे तो क्यों न एक परत को मध्य में रख सिधान्तिक रूप से हम उन्हें एक साथ ले आते हें तो सामाजिक तौर पर अमीर वर्ग मतलब urnbanised को rural के पास लाने से rural में सकारात्मक सुधार आयेगा, सरकार इन दो अलग अलग बंटे मगर एक दुसरे की ओर ताकते वर्गों को पास लाने का प्रयत्न कर विकास को बढ़ावा दे सकती हे
Shalabh Gupta
Shalabh Gupta 9 साल 1 महीना पहले
Cleanliness should be made the responsibility of private citizens. A lot of dirt is due to littered food packaging items - wrappers, bottles, disposable utensils etc. Assign responsibility of cleanliness to shops/stalls for well defined areas around them. Similarly, building construction creates a lot of debris and dirt. Building owners should be made responsible for cleanliness in areas around them. Otherwise heavy fines or license cancellation. Will ensure distributed monitoring/enforcement.