Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

प्रौढ़ शिक्षा और राष्ट्रीय मुक्त शिक्षा प्रणालियों के जरिए महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पीसंख्यकों पर विशेष बल देते हुए ग्रामीण साक्षरता में तेजी लाना

Accelerating rural literacy with special emphasis on Women, SCs, STs & Minorities through Adult Education and National Open Schooling Systems
आरंभ करने की तिथि :
Jan 22, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

यद्यपि, साक्षरता दरों में काफी वृद्धि हुई है, तथापि साक्षरता में ...

यद्यपि, साक्षरता दरों में काफी वृद्धि हुई है, तथापि साक्षरता में जेंडर, सामाजिक और क्षेत्रीय असमताएं बनी हुई हैं। साक्षरता स्तरों में ये उपलब्धिैयां, प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रमों की सफलता और प्राथमिक शिक्षा में सुधारों के कारण हुई है। तथापि, प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रमों और मुक्त शिक्षा प्रणालियों की पहल के जरिए सामाजिक रूप से लाभवंचित वर्गों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों की साक्षरता स्तरों में वृद्धि करने की और अधिक आवश्यकता है। इस प्रकरण में यह राय प्राप्ति करने का प्रयास किया गया है कि हम, साक्षरता स्तरों में मौजूदा असमताओं को कम करने के लिए और अधिक प्रगति के लक्ष्य को कैसे प्राप्त कर सकते हैं।

फिर से कायम कर देना
539 सबमिशन दिखा रहा है
HIRAWADE DUMALA KOLHAPUR
HIRAWADE DUMALA KOLHAPUR 10 साल 7 महीने पहले
हिरवडे दुमाला गावातील प्रौढ साक्षरता प्रमाण 80% इतके आहे. निरक्षर व्यक्तींना शिक्षणाचे महत्व सांगितले जाते. त्यांचे प्रौढ साक्षर वर्ग सुरु करण्या संदर्भात प्रबोधन केले जाते. पण अशा वर्गाला प्रतिसाद मिळाला नाही. शाळेतील विध्यार्थ्यांना आपल्या पालकांना साक्षर करण्यासंदर्भात मार्गदर्शन केले जाते. प्रौढ साक्षरता वर्गाची प्रभावी अंमलबजावणी करणे गरजेचे आहे. त्यांना सक्ती करून साक्षरतेचे प्रमाण वाढवले पाहिजे.