यद्यपि, साक्षरता दरों में काफी वृद्धि हुई है, तथापि साक्षरता में जेंडर, सामाजिक और क्षेत्रीय असमताएं बनी हुई हैं। साक्षरता स्तरों में ये उपलब्धिैयां, प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रमों की सफलता और प्राथमिक शिक्षा में सुधारों के कारण हुई है। तथापि, प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रमों और मुक्त शिक्षा प्रणालियों की पहल के जरिए सामाजिक रूप से लाभवंचित वर्गों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों की साक्षरता स्तरों में वृद्धि करने की और अधिक आवश्यकता है। इस प्रकरण में यह राय प्राप्ति करने का प्रयास किया गया है कि हम, साक्षरता स्तरों में मौजूदा असमताओं को कम करने के लिए और अधिक प्रगति के लक्ष्य को कैसे प्राप्त कर सकते हैं।