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फर्टिलाइजर सेक्टर में इनोवेशन पर विचार आमंत्रित

आरंभ करने की तिथि :
Jan 15, 2023
अंतिम तिथि :
Feb 14, 2023
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
नैनो यूरिया को उर्वरक नियंत्रण आदेश (एफसीओ) 1985 में अनंतिम रूप से शामिल ...
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टिप्पणियाँ (1)
टिप्पणियाँ (1)
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Aman Kumar
3 साल 4 महीने पहले
New fertilizer technology is focused on improving the efficiency and utilization rate of fertilizer, rather than simply increasing soil's nutrient level. Additives like adjuvants, organic acids, and microbial solutions are being used to enhance effectiveness.
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linson kurian
3 साल 4 महीने पहले
create community of farmers to share and discuss the problem they faced , how they over come the challenges etc.
there are lot of YouTube videos related to farming. there should be some state government level channels to promote/ educate farmer with authentic contents.
conduct periodic feedback/ review of agriculture department from farmers to ensure all the government schemes/ supports are reaching to the farmers and take strict action against the employee if they fail to provide support.
ensure minimum price for the crops and collect the crops from the farmers without any middle man.
provide insurance for the crops which will build trust among farmers.
provide periodic training to the farmers.
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Guljar Hasan
3 साल 4 महीने पहले
बहुत ही अच्छा कार्य करते प्रधानमंत्री जी को बहुत बहुत बधाई देता हूं आशा करता हूं प्रधानमंत्री जी ओर भी बेहतर काम करके भारत को नाई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे
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Deepali Hingne adv
3 साल 4 महीने पहले
बहोत दुख होता है हर क्षेत्र मे उन्नती/प्रगती हो ...बस खेती ही पिछे लगे
ऐसा qऔर कब तक..हम सब मिलकर भी प्रयास कर सकते है
ईन politician को ignor करो
एक गाव या आसपास के 4/5गाव मिलकर भी काम करे और state govt
ध्यान देने पर मजबूर करे...
किसान ...in such unpredictable(climate)..और सिर्फ मेहनत
तो भारत ईनके बीना विश्वगुरु & whithin 3 अर्थव्यवस्था कैसे बनेगी
और बन भी गई तो long term टिकेगी कैसे..
& in such corruption...looby ..
सामान्य लोग ही पर्वा नही करते ..politician तो फीर पुछोही मत..
so..
_q कसान मंडी तक जाए ..मंडिही किसान तक लानी चाहिए
Market on wheel ...up2 farming ...
those who r not able 2 go ...or poor
_धान निकालने के बाद जो भी खेती मे बचता है
how 2 reuse it or govt should provide tat all waste purchase & utilise in multiple _construction even in water possible ..
_use technology especially AI how...
arewise farming depend on climate_try 2shifted in rotation 2mutiple ...
_actually farming is not problem opportunity are.
so people by self collectively help...
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Wasif Ayoub
3 साल 4 महीने पहले
We can use cow dung and our house hold waste to convert into fertilizer
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Suman Karmakar_4
3 साल 4 महीने पहले
thanks all
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Mumtaj ahmad
3 साल 4 महीने पहले
yes
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NilofarNabi
3 साल 4 महीने पहले
The compound fertilizer production line has less investment, quick results and good economic benefits. The whole equipment process is compact, scientific and advanced. Energy saving and consumption reducing, no waste removal, stable operation, reliable running, convenient maintenance. The adaptability of raw materials is wide, and the machine is suitable for the granulation of compound fertilizer, medicine, chemical industry, feed, etc., and the granulation rate is high. This machine can produce various compound fertilizer with different concentration and different types (including organic fertilizer, inorganic fertilizer, biological fertilizer, magnetic fertilizer, etc.). In particular, the granule for tombarthite and ammonium carbide compound fertilizer fills the domestic void and lead the country.
Working Principle
Process of compound fertilizer production line
Raw material ingredients: Urea, ammonium nitrate, ammonium chloride, ammonium sulphate, ammonium phosphate
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CHANDRAPrakashJoshi
3 साल 4 महीने पहले
मैं एक कृषि आदान का विक्रेता हु ,
फ़र्टिलाइज़र में निम्न बदलाव होने चाइए
सब्सिडी किसान के खाते में जमा होनी चाइए , जिससे कालाबाजारी खत्म हो जाएगी !
आयात होने वाले उर्वरक पर सब्सिडी कम करके जो उर्वरक देश मे बनते या उत्पादित (खनन) होते है उन पर सब्सिडी ज्यादा दी जाए !
बड़ी फर्टीलाइजर कंपनियों को ऑर्गेनिक उत्पाद ( DAP की जगह PROM) बनाने को बढ़ावा देना चाइए क्योंकि बड़ी नामी कंपनियां ऑर्गेनिक उत्पाद में बढ़िया क्वालिटी देगी !
रासायनिक खाद की तरह ऑर्गेनिक खाद का भी अधिक्तम मूल्य निर्धारित होना चाहिए !
प्राइवेट कंपनी को दानेदार नाइट्रोजन बनाने के लिए प्रेरित करना चाइए क्योकि नैनो यूरिया के स्प्रे से पौधा हरा तो हो रहा है परन्तु बढ़वार कम रहती है !
शहरो में मानव द्वारा जो मल-मूत्र निकाला जाता है उसको नालियों के गन्दे पानी मे मिक्स ना कर के अलग रूप से इक्कठा कर के ऑर्गेनिक खाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है !
सब्सिडी वाली खाद (जैसे DAP यूरिया NPK SSP इत्यादि) इनका 50% बेचान सहकारी संस्था ( को-ओपरेटिव सोसायटी & FPO ) के माध्यम से होना चाहिए , जिससे कालाबाजारी रुक सके !
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Hanuman Singh
3 साल 4 महीने पहले
गोबर गैस व देसी पता से अर्क निकाल कर खाद बनाये हर जिले मे ऐक ऊधोग लगाने मे मददकहो सरकार ईस पर ।हमारा ट्रस्ट बहूत अच्छा प्रदर्शन कर सकता ।ह आर्थिक सहयोग दे सरकार तो गाय के गोबर व पता से डिऐपी जिपसम से तैयार खाद मे जहर डालने कि जरुरत नही होगी
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