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फर्टिलाइजर सेक्टर में इनोवेशन पर विचार आमंत्रित

फर्टिलाइजर सेक्टर में इनोवेशन पर विचार आमंत्रित
आरंभ करने की तिथि :
Jan 15, 2023
अंतिम तिथि :
Feb 14, 2023
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

नैनो यूरिया को उर्वरक नियंत्रण आदेश (एफसीओ) 1985 में अनंतिम रूप से शामिल ...

नैनो यूरिया को उर्वरक नियंत्रण आदेश (एफसीओ) 1985 में अनंतिम रूप से शामिल किया गया है। प्रारंभिक परीक्षणों में, विभिन्न फसलों पर नैनो-यूरिया स्प्रे ने टॉप-ड्रेस्ड नाइट्रोजन पर बचत के साथ, उर्वरकों की पूरी तरह से अनुशंसित खुराक के तहत प्राप्त की तुलना में तुलनीय उपज दी।

अपने आकार-निर्भर गुणों, उच्च सतह-से-आयतन अनुपात और अद्वितीय ऑप्टिकल गुणों के कारण नैनो उर्वरक पौधों के पोषण में आवेदन के लिए बहुत बड़ा वादा रखते हैं। नैनो फर्टिलाइजर पौधों के पोषक तत्वों को नियंत्रित तरीके से रिलीज करता है, जिससे उच्च पोषक तत्व उपयोग दक्षता में योगदान होता है।

इस संदर्भ हेतु और फर्टिलाइजर सेक्टर में इनोवेशन के संबंध में अपने विचार भेजें, जो किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

जमा करने की अंतिम तिथि 14 फरवरी 2023 है।

फिर से कायम कर देना
845 सबमिशन दिखा रहा है
Raju Bhai Stylish
Raju Bhai Stylish 3 साल 5 महीने पहले
Namaskar 🙏 My name is Raju Verma, I am from Gonda district of Uttar Pradesh. One question in my mind is going on for a long time. These are those who send meat here - about them. I have seen many times, when we get out of the house, from any work, in the morning, afternoon or evening. As I was going to school once. So there was a tragedy loaded with a chicken on my side, but due to the crowd, we had to walk with that meat carriage, I was suffocating, meaning that he was able to breathe so much. Then after some time the crowd was decreasing, I reached the school. But even then I was feeling his smell from inside. When I reached outside the school gate, I started coming back, then I returned home with the advice of a Kaka. I did not get relief for two days I could not go to school. Not only do I do not know how many people would have trouble. And those who eat meat also have trouble with them. So my idea is that the flesh related transport should be run at night. 🙏 thank you.
Raju Bhai Stylish
Raju Bhai Stylish 3 साल 5 महीने पहले
नमस्कार 🙏 जी मेरा नाम राजू वर्मा है मैं उत्तर प्रदेश के गोंडा जिला से हूँ। मेरे मन में एक सवाल बहुत दिनों से चल रहा है। ये जो गाड़ियों से मांस यहां - वहां भेजते हैं इनके बारे में है । मैंने कई बार देखा है, जब हम घर से बाहर निकलते हैं किसी काम से, कभी भी सुबह, दोपहर या फिर शाम को। जैसे कि मैं एक बार स्कूल जा रहा था। तो मेरे बगल से एक मुर्गी से भरी हुई गाड़ी गुजर रही थी पर भीड़ के कारण कुछ समय हमें उस मांस की गाड़ी के साथ चलना पड़ा मेरा तो दम घुट रहा था, मतलब उस गाड़ी में से इतनी ज्यादा बदबू आ रही थी कि मैं साँस नहीं ले पा रहा था। फिर कुछ समय बाद भीड़ कम हुआ मैं स्कूल के पास पहुंच गया। पर तब भी मुझे उसकी बदबू अंदर से महसूस हो रहा था। स्कूल के गेट के बाहर पहुंचते ही मुझे उल्टियां आने लगी, फिर मैं एक काका जी के सलाह से घर वापस लौट गया। मुझे दो दिन तक आराम नहीं हुआ मैं स्कूल नहीं जा पाया। सिर्फ मैं ही नहीं ना जाने कितने लोगों को इससे परेशानी होती होगी। और जो लोग मांस खाते भी है उनको भी इससे परेशानी है। तो मेरा विचार है कि मांस संबंधित परिवहन सिर्फ रात में चलाया जाए। 🙏 धन्यवाद.