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बाल स्वास्थ्य पर फोकस

Focus on Child Health
आरंभ करने की तिथि :
Jan 22, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

बाल स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता में सुधार की आवश्याता है। स्वास्थ्य ...

बाल स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता में सुधार की आवश्याता है। स्वास्थ्य मंत्रालय समुचित मध्यस्थता के माध्यम से बाल-स्वास्थ्य के संवर्धन पर ध्यान केन्द्रित कर रहा है। वर्तमान में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय 6-14 वर्षों के आयुवर्ग के स्कूल जाने वाले बच्चों की पोषाहार की जरूरतों का मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना के माध्‍यम से समाधान करता है। डब्ल्यूसीडी के अंतर्गत बाल विकास एकीकृत योजना भी बाल स्वास्थ्य के मामलों का समाधान करती है। तथापि, भारत सरकार के संगत मंत्रालयों द्वारा बहुक्षे‍त्रीय हस्तक्षेपों में तालमेल कायम करने की आवश्यकता है। मौजूदा योजनाओं से प्राप्त परिणामों और उनके समन्वयन सहित कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं की जांच करने की आवश्यकता है। इस विषय पर विचार और सुझाव आमंत्रित किए जाते हैं कि वर्तमान योजनाओं में सुधार के माध्यम से और नए समग्र हस्तक्षेप सुझाने से बच्चे पर अधिक ध्यान केन्द्रित करना कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है।

फिर से कायम कर देना
849 सबमिशन दिखा रहा है
Mini Varma
Mini Varma 11 साल 1 महीना पहले
First and foremost , time of meals should be fixed inall schools in the country. Most of the schools have a lunch break after 10 , which is extremely unhealthy for children , most of whom leave home early without eating a breakfast. Secondly, 15 minutes daily in the morning should be spent on physical excercise. Thirdly, running a few metres in the morning energises the body n stimulates the mind. Fourthly, concentration through chanting or yoga should be taught.
Dr N K Pachauri
Dr N K Pachauri 11 साल 1 महीना पहले
यदि हमें विद्यार्थियों का सच में भला चाहते हैं तो उनके परिवार को ही और अधिक राशन देकर, खाते में सीधा धनराशी देकर, माता पिता को भी सुविधाए देकर MDM को बंद कर सकते है. मोदी जी बच्चों के हाथ में बचपन से ही कटोरा मत दीजिये अन्यथा प्रत्येक गाँव में भोजन केंद्र खोल दीजिए जिसमे माता , पिता , बच्चे सभी सुबह शाम खाना खाएं
Dr N K Pachauri
Dr N K Pachauri 11 साल 1 महीना पहले
माननीय मोदी जी देश के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जब से मिड डे मील योजना शुरू हुई है तब से विद्यालयों में पढाई का स्तर पूर्ण रूप से गिर गया है. MDM चालू होने से स्कूलों में ग्राम प्रधान की दखलंदाजी बढ़ गयी है. ग्राम प्रधान, राशन डीलर और गाँव के दबंग लोगो का ध्यान केवल गेहूं चावल और MDM कनवर्जन कास्ट पर लगी रहती है. यदि शिक्षा का स्तर सुधारना है तो तत्काल MDM ( भोजन केंद्र/ लंगर) बंद करने के बारे में निर्णय लीजिये और टीचर को केवल पढ़ाने दीजिये.
kamal sahu
kamal sahu 11 साल 1 महीना पहले
बच्चों की सेहत का ध्यान रखने की जिम्मेदारी शिक्षकों को देना गलत है। मेरा इशारा मध्यान्ह भोजन की और है। यह शिक्षा की गुणवत्ता के लिये एक अवरोधक बन सकता है।
Kapil Grover_1
Kapil Grover_1 11 साल 1 महीना पहले
Samrity erani mam bhot acha lgta ha jab ap interviews ma achi achi bata karti ha but ground level pa apna na ek saal ma na kuch kya ha or syad hi kuch kara or jha tak childs ki health ka svaal ha kya pta is policy ma bhi apa ham students ko caste level se baat da india ma bata to bhut equality ki hoti ha par politician hma students life ma hi baat data ha kya ham general class vala mhnt kam karta ha ya india ma janam lana hamari galty ha