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बाल स्वास्थ्य पर फोकस

आरंभ करने की तिथि :
Jan 22, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
बाल स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता में सुधार की आवश्याता है। स्वास्थ्य ...
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टिप्पणियाँ (1)
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ARUN KUMAR PAREEK
11 साल 1 महीना पहले
सबसे पहले तो मध्यान भोजन को परखे कि यह भोजन वास्तव मे पौष्टिक है क्या ? यदि नहीं है तो भोजन की व्यवस्था विद्यालय स्तर पर देनी चाहिए तथा उसे ईमानदारी से परखना चाहिए
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Piyush Kumar_4
11 साल 1 महीना पहले
In New education policy 2015 must include as a compulsory subject health care of children by them self because if the students from class 6 to 12 studied as compulsory subject of health and health care then each and every student take care of them self
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DINESH SHADANGI
11 साल 1 महीना पहले
For child health only mid day meal is not important but also good and clean environment ,good and clean toilet is also must in all school.For this one fix structure design with water availability of toilet should be in all Govt. school in all over country.
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Murali Prasad Bheema
11 साल 1 महीना पहले
The Children in India who are in primary education are not showing interest to come to school. They are afraid of teachers.Many teachers teaching in that level are not compassionate. Encourage students to Schools by attracting them. The teachers are advised not to impose Home works.For this let the teachers know about shanthinikethan of Visvakavi,Gurudev our Tagore.
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Nepal Singh Patel
11 साल 1 महीना पहले
आसन प्राणायाम शारीरिक श्रम खेलकूद शुद्ध वातावरण में रहन सहन शुद्ध सात्विक खान पान ऐसे माहौल
में बच्चो का स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहेगा |
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Manjeet Singh Negi
11 साल 1 महीना पहले
government should pass law for weight of school bags. 10-15 kg bags for a 10 yrs old child. it is a crime. my daughter wake up early at 5:00AM for school, school bus came at 6 AM. she returned at 2:30 PM from school with a lot of home work and project work. she doesn,t have time for revision, and playing outside it seems a dreams. what should this type of education gives to our child.
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Ajay kumar sharma_4
11 साल 1 महीना पहले
सबसे पहले तो मध्यान भोजन को परखे कि यह भोजन वास्तव मे पौष्टिक है क्या ? क्योकि यह मशीनों द्वारा पकाया जाता है । इसे खाने से बालक के स्वास्थ्य पर कोई भी असर नही पड रहा है इससे अच्छा तो यह कि भोजन न कराया जाए । दूसरा यह कि फ़ोलिक एसिड की गोली को भी परखा जाए यदि ऐसा करना है तो ईमानदारी के साथ विद्यालय मे इसकी व्यवस्था की जाए
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satyendra kumar sharma
11 साल 1 महीना पहले
sarkari schools me posahar band kiya jaye
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Amandeep Kaushik
11 साल 1 महीना पहले
all known that health is wealth. without good health student can not study well. They can not attend the class.
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Sunita Nagpal
11 साल 1 महीना पहले
One fruit must given to every student daily in mid day meal.
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