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भारत की वर्चुअल संग्रहालय के लिए एक राष्ट्रीय पोर्टल की रचना पर अपने विचार साझा करें

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आरंभ करने की तिथि :
Mar 10, 2015
अंतिम तिथि :
Apr 11, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

वर्चुअल म्यूकजियम को ऐसे परस्पतर संवादात्मसक वर्चुअल स्पेपस के रूप ...

वर्चुअल म्यूकजियम को ऐसे परस्पतर संवादात्मसक वर्चुअल स्पेपस के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसमें संग्रहालयों की वे वीथिकाएं और संग्रह शामिल हैं जो विश्वे भर के दर्शकों के अवलोकनार्थ उपलब्ध हैं। वर्चुअल म्यूजियम सांस्कृतिक विविधता और कलाकृतियों को अवलोकनार्थ प्रस्तुत करने का ऐसा साधन है जिसके द्वारा एक देश के लोग दूसरे देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के विषय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। संस्कृ‍ति मंत्रालय द्वारा भारत के वर्चुअल म्यूथजियमों का पोर्टल आरंभ किए जाने का प्रस्तााव है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों से सुझाव आमंत्रित हैं।

वर्चुअल म्यूकजियम पर संक्षिप्त

आप अपनी टिप्पणियां 10 अप्रैल 2015 तक भेज सकते हैं।

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Akshatha Nayak
Akshatha Nayak 11 साल 3 महीने पहले
Ancient sites like Nalanda, under-water Dwarka etc need virtual reconstruction of how they might've been back then. Also scriptures like Vimanika-shastra etc to show the possible aeronautic achievements in past and the need of decoding those scriptures to help develop the modern world. Also to prevent the modern India from religiously following the scriptures/tradition while providing the scientific analysis with which the people shall decide what can be followed & when based on individual needs
narendra kumar patel
narendra kumar patel 11 साल 3 महीने पहले
22 मार्च को मन कि बात मे किशानो कि समस्या से जुडे सवाल के साथ साथ अनाज भाण्डारण कि समस्या पर जरुर कुछ बात बताइयेगा क्योकि आज भी किसानो के द्वारा उगया गया आनाज खुले मे पडा रहता है और किसान आपने खुन पसीने से उगये गये अनाज को खुले मे पडे देख कर बहुत दुख होता है मै भि एक किसान क बेटा हु इस दुख को मै अच्छी तरह जानता हु