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मन की बात के 100वें एपिसोड हेतु अभिनव सुझाव/विचार आमंत्रित

मन की बात के 100वें एपिसोड हेतु अभिनव सुझाव/विचार आमंत्रित
आरंभ करने की तिथि :
Jan 02, 2023
अंतिम तिथि :
Apr 27, 2023
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

3 अक्टूबर 2014 की शुरुआत के बाद से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र ...

3 अक्टूबर 2014 की शुरुआत के बाद से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अपने बहुचर्चित कार्यक्रम मन की बात के माध्यम से देश के विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए एवं जनभागीदारी को प्रोत्साहन देते हुए देशवासियों के साथ लगातार जुड़ रहे हैं।

मन की बात कार्यक्रम अब जल्द अपने 100वें एपिसोड की ओर बढ़ रहा हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री एक बार फिर देशवासियों के साथ जुड़ेंगे।

लेकिन 100वें एपिसोड में ऐसा क्या होगा? कुछ ख़ास?

हाल ही में मन की बात के 95वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने मन की बात के 100वें एपिसोड के लिए उत्सुकता जताते हुए देशवासियों से मिले कुछ पत्रों का जिक्र किया।

क्या आपके पास भी ऐसा कोई अभिनव सुझाव/विचार है?

आइए, मन की बात के 100वें एपिसोड को इतना शानदार बना दें कि देश के इतिहास में यह एक अमिट छाप छोड़ दें।

सुझाव की अंतिम तिथि 27 अप्रैल 2023 है|

फिर से कायम कर देना
15355 सबमिशन दिखा रहा है
Rajesh Shah
Rajesh Shah 3 साल 2 महीने पहले
आज जब पुरे भारतवर्ष में नई शिक्षा नीति को लागू लिया जा रहा है , तो क्यों न हम राष्ट्र निर्माता शिक्षकों के कल्याण और उनके विकास के उपर भी बात करे ! भारत वर्ष में आज भी कई शिक्षक प्राइवेट विद्यालयों और महाविद्यालयों में बहुत ही कम वेतनमान पर कार्य कर रहे है ! वेतनमान कम होने से अधिक गुणवत्ता वाले लोग इस कार्य में नहीं आ रहे है , खास कर कंप्यूटर तथा दूसरी टेक्निकल क्षेत्र में ! यहाँ यह बताना बहुत प्रासंगिक है की मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा में कॉलेज में कंप्यूटर शिक्षकों की कोई गवर्नमेंट पोस्ट भी नहीं है.
madhu dubey
madhu dubey 3 साल 2 महीने पहले
Respected Prime Minister I live in delhi and have observed that in any public area there is always a dustbin specially in parks and other tourism related places. However, in most of the places where people reside in open colonies, this is not the case. I suggest that there should be a dust bin in 1km radius or 500 meter radius. This will still need contribution from everyone of us, because if the intention is right only then we can achieve what we want. For example even when there is no dust bin we can keep the wrapper or any other material till we find one and then dispose off there. I will try to contribute as much as possible from my end.
AdvikGupta
AdvikGupta 3 साल 2 महीने पहले
Respected PrimeMinister My son Advik Gupta is six years old . His mann ki baat is he wants to add a colour to our national flags number. He says there are not three colours in the flag.there re 4 colours and fourth colour is the colour of Ashoka chakra. Why we don't consider its colour? So, to avoid such questions in future we should add it . Thank you.
Sadhana Saurabh
Sadhana Saurabh 3 साल 2 महीने पहले
🇮🇳मेरा प्रयास,मेरासंग्रह। आज पुनःमैं मां भारती के वीर सपूतों का जिन्होंने मातृभूमि के लिए अपना तन-मन-धन अर्पित कर दिया,साझा कर रहे हैं।आज मैं ऐसे क्रांतिकारियों,स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को जिनका(01-31)मार्च माह में जन्म हुआ,शहीद हुए,पुण्यतिथि है, आप सभी देशवासियों से साझा कर रही हूं। हम देशवासी आपके सदैव ऋणी हैं, बारंबार नमन करते हैं।प्रत्येक माह साझा करने का मेरा मकसद यह है कि हम अपने इन महान देशभक्तों को अवश्य जाने । इनसे प्रेरणा लें, इन्हें नमन कर सच्ची श्रद्धांजलि व्यक्त करें। जय हिंद!
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SURAJSharma
SURAJSharma 3 साल 2 महीने पहले
प्रियतम नरेंद्र मोदी सर भारत में कुल जनसंख्या का 72% गांव में निवास करता है । यदि बडे पर्यटनों के साथ गांवो में मशहूर पुराने मंदिरों, हवेलियों तथा लोकप्रिय पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देंगे तो गांव में रोजगार भी बढ़ेगा क्योंकि भारत एक पर्यटक स्थली के रूप में भी जाना जाता है। हमारी संस्कृति को देखने दुनिया भर से लोग आते हैं तो आप का यह पहला कदम हो कि भारत के गांव की तरफ पर्यटकों को आकर्षित किया जाए , जिससे गांव अपने आप उत्थान करेगा और यह गांव ही नहीं हमारे देश की संपूर्ण विरासत का उत्थान होगा अगर भारत देश में 'विश्वास और मेहनत' की बात की जाए तो 1 गांव के युवक से अच्छा इसे कोई नहीं समझ सकता। अगर हम उसी देश के भविष्य को गांव के लोगों के हाथों में पहुंचाएंगे तो विरासत को फिर से जगाने में बहुत कम समय लगेगा आज देश का युवा इस देश के लिए सोचे यह हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात है । धन्य हैं जो हम इस भारत देश में जन्म लिया जहां हमारे देश का प्रधानमंत्री सबके मन की बात सुनता हैं। थैंक यू सर
tushar
tushar 3 साल 2 महीने पहले
आदरणीय प्रधान मंत्री जी, मैं जानता हूं कि जो मैं कहने जा रहा हूं उसके लिए ये सही मंच नही हैं पर फिर भी एक सुझाव साझा कर रहा हूं. अगरतला और गुवाहाटी एअरपोर्ट से शहर के भीतर जाने के लिए कोई भी सरकारी बस सेवा उपलब्ध नही है ,यात्रियों को आटो के सहारे अगरतला एअरपोर्ट से आवागमन करना पड़ता है। और गुवाहाटी एअरपोर्ट से झलुकबाड़ी आना पड़ता है सरकारी बस सेवा के लिए. इसलिए इस मंच से दोनो राज्य सरकारों से सविनय निवेदन है कि इस समस्या का समाधान शीघ्र अति शीघ्र निवारण करें। धन्यवाद
Nitin Parihar
Nitin Parihar 3 साल 2 महीने पहले
Namastey! 'Work From Home' should be engouraged. Govt should push Firms and departments which can exist with this parallel model of work. Considering the benefits it has, please give it a thought. Here are some benefits - 1. With increased broadband coverage across india and even in villages, people can work from home without itturuption. 2. Local economy gets a boost. If we stay in our village or town we are able to invest there and local vendors and retailers get benefited. 3. Population load decreases from the Tier 1 Cities which inderectly helps in pollution control and better life. 4. People from villages can live in village and work. They can look after their farm land and support local business. 5. Traffic Jam in Tier 1 cities will get reduced. Time saved in commute can be used else where in nation's progress or Fit India, Khelo India. 6. Uniform population distribution, will encourage MNCs to start their office in small cities, leading to uniform growth across India.