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महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मनाने के संबंध में अपने सुझाव दें

आरंभ करने की तिथि :
Mar 25, 2018
अंतिम तिथि :
May 08, 2019
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

25 मार्च, 2018 को अपने 'मन की बात' के संबोधन के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र ...

25 मार्च, 2018 को अपने 'मन की बात' के संबोधन के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से विचार और सुझाव आमंत्रित किए और कहा कि महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मनाने के संबंध में अपने सुझाव व विचार MyGov पर भेजें। देश में यह उत्सव कैसे मनाया जाए? क्या नये-नये तौर-तरीक़े अपनाए जाएं? इस संबंध अपने विचार यहाँ साझा करें!

फिर से कायम कर देना
5435 सबमिशन दिखा रहा है
Ashish
Ashish 7 साल 9 महीने पहले
Government khadi ko lekar bhut sare survey kar rhi hai par kya par kya ek aam admi tk khadi k vastra aur uske saman phuch pata hai Gandhi ji k sapno ko is tarah pura karna asambhav hai isliye iska ek hi tarika hai direct selling company jiske jariye hm desh k har nagrik ko iska avsar pradan kar skte hai aur berojgari b door kar sakte hai jo ki videsho me hota hai aaj videshi hmara khadi use karta hai paruntu bhartiya nhi kar pata karn mahgayi product bhar aate hi double rate ka ho jata hai Socho
Shailendra barde
Shailendra barde 7 साल 9 महीने पहले
सहकारी व सोसायटी आदी के द्वारा किसान व गरीबौ का पंजीयन कराकर दोनो को उनकी आवश्यकता का लाभ दिलाया जा सकता हैं. इससे गरीब वर्ग को रोजगार और किसानौ को मजदूर दिला सकते है. और जो गरिबो को जौ 1-2 रूपये किलो गँहू व चावल आदी दिया जा रहा है उसके लिये कम से कम महिने मे 20दिन कार्य करना अनिवार्य करना चाहीये ताकी वह काम पर उपस्ति रहे उसके बाद उन्हे 1-2 रूपये किलो अनाज दिया जाये। और जब किसानो के पास कार्य न हो तब भी गरीबो को अनाज दिया जाऐ.
Prabhunath tiwari
Prabhunath tiwari 7 साल 9 महीने पहले
अाज देश का िकसान अावारा पश्ुअाें अाैर महगाइ से इतना त्रसत है िक अाप साेच भी नहीं सकते। अाप काे इन चापलूस अध्कािरयाें के भरमजाल से समय रहते बाहर िनकलना हाेगा नहीं िजसका परणाम अाप काे जल्द ही देख्ाने काे िमल जायेगा।
Shailendra barde
Shailendra barde 7 साल 9 महीने पहले
क्या ना हम किसान और गरिब वर्ग क लिये योजना बनाये जैसे हमारे यहाँ गाँवो मे सहकारी विभाग और सोसायटी आदी है , इनकी सहायता से गाँव के गरिब वर्ग को रोजगार व जिन किसानो को मजदूर कि आवश्कता वह इन सहकारी व सोसायटी क माध्यम से सम्पर्क कर रोजगार प्राप्त कर सकते है. आपकी योजनाये अच्छी है जैसे आप गरीबो को 1-2 रूपये गँहू चावल दे रहे है वह ठीक पर इस योजना से गाँवो मे मजदूर नही मील पाते क्यो ना इसे भी रोजगार से जोडा जाऐ
Dinesh Singh_83
Dinesh Singh_83 7 साल 9 महीने पहले
केन्द्रो पर मात्र एक या दो ट्रेड में ही प्रक्षिक्षण दिया जा रहा है क्योकि कर्मचारियो के अभाव में इन केन्द्रो का संचालन कैसे किया जा सकता है क्या इन केन्द्रो को इस तरह से संचालित करने या बर्बाद करने की ज़िम्मेदारी इन्हे दी गई है की जिसके लिए पूर्ण रूप से रोजगार महानिदेशालय में महानिदेशक रोजगार, उप महानिदेशक रोजगार, उपसचिव, अवर सचिव जिम्मेदार हैं दुर्भाग्य तो यह है कि श्रम सचिव के संग्यान मे है फिर भी उन्हे कैसे संतुष्ट किया होगा देश के लोग अपने राष्ट्र को विकसित देश होने के सपने देख रहे है क्या
Dinesh Singh_83
Dinesh Singh_83 7 साल 9 महीने पहले
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार की रोजगार महानिदेशालय के अधीन कार्यरत विकलांग व्यावसायिक पुनर्वास केंद्र दिव्यांगजनों के पुनर्वास के लिए कार्य करता है इन केंद्रों के संचालन में उदासीनता की वजह से इनकी स्थिति काफी दयनीय हो गयी है विशेषज्ञ कर्मचारियों व्यवसायिक अनुदेशक, मनोवैज्ञानिक,पुनर्वास अधिकारी , फोरमेन , केंद्र प्रमुख सहायक निदेशक, उपरोक्त सभी विशेषज्ञ के पद हैं जिसके बिना इन केंद्रों का चलाना असंभव है इन केंद्रों की वस्तुस्थिति है कि अधिकतर उपरोक्त लिखित पद खाली पड़े हुए हैं इन केन्