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राष्ट्रीय रेल योजना के मसौदे पर सुझाव दें

आरंभ करने की तिथि :
Dec 23, 2020
अंतिम तिथि :
Jan 22, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

देश की कुल माल भाड़ा ईको प्रणाली में क्षमता की कमी की अपर्याप्तता को ...

देश की कुल माल भाड़ा ईको प्रणाली में क्षमता की कमी की अपर्याप्तता को दूर करने और इसके सामान्य हिस्से में सुधार लाने के प्रयास में भारतीय रेलवे ने राष्ट्रीय रेल योजना हेतु ड्राफ्ट बनाया है।

राष्ट्रीय रेल योजना नामक दीर्घकालिक रणनीतिक योजना का एक प्रारूप रेलवे की ढांचागत हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए रणनीतियों के साथ-साथ अवसंरचना क्षमता बढ़ाने के लिए विकसित किया गया है। राष्ट्रीय रेल योजना रेलवे के भविष्य के सभी बुनियादी ढाँचे, व्यवसाय और वित्तीय नियोजन का एक सामान्य मंच होगा। इस योजना को अब विभिन्न मंत्रालयों के बीच उनके विचारों के लिए परिचालित किया जा रहा है। रेलवे का लक्ष्य जनवरी 2021 तक इसकी अंतिम योजना को फाइनल रूप देना है।

ड्राफ्ट स्ट्रैटेजी डॉक्यूमेंट को यहां क्लिक करके पढ़ा जा सकता है।

आप 22 जनवरी 2021 तक नवीनतम ड्राफ्ट पर अपने बहुमूल्य इनपुट/टिप्पणी/सुझाव साझा कर सकते हैं।

फिर से कायम कर देना
1737 सबमिशन दिखा रहा है
Lokesh Kumar Verma
Lokesh Kumar Verma 5 साल 5 महीने पहले
महोदय समय पर पहुँचना ही सबसे बड़ा सुदार होगा । माल ढुलाई के लिए हर पैसेंजर ट्रेन के साथ क एक माल ढुलाई वेगन होना चाहिए ।
Binay Kumar Basu
Binay Kumar Basu 5 साल 5 महीने पहले
Sir,Do not privatise rail.Let services be more for old persons easy & safe during journey. Reasonable fare be increased yearly for good services.Any lapses from rly.staff,catering,toilets be solved immediately. Citizen expectation from good government is a nice journey. Late arrival/departure be stopped like developed countries.Platform be cleaned always.Unauthorised person be stopped for entrance without valid ground.Let be rail journey be attractive.
Manoj Soni
Manoj Soni 5 साल 5 महीने पहले
महोदय रेलवे देश का महत्वपूर्ण रेलमार्ग इंदौर-खंडवा और अकोला-खंडवा को अमान परिवर्तन करने में बहुत ज्यादा विलंब कर करोडों रुपयों का राजस्व नुकसान कर रहा है।इंदौर-खंडवा के बीच केवल महू-सनावद के बीच 80 km गेज परिवर्तन यदि रेलवे कर दे तो अजमेर-रतलाम-इंदौर-ओम्कारेश्वर-खंडवा-बुरहानपुर-मलकापुर-अकोला-नांदेड़-हैदराबाद के बीच यात्री और मालगाड़ीयो की आवाजाही से अत्यधिक राजस्व की प्राप्ति के साथ यात्रियों को राजस्थान से दक्षिण के बीच शॉर्टकट रूट से कम समय मे आवागमन हो सकेगा।
Khushi
Khushi 5 साल 5 महीने पहले
भारतीय रेलवे ने एक मसौदा (ड्राफ्ट ) तैयार किया है. नेशनल रेल प्लान के तहत साल 2030 तक माल ढुलाई में रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ाकर 45 फीसदी करने का लक्ष्य है। क्षमता संबंधी कमियों को दूर करने और देश के माल ढुलाई (फ्रेट) इकोसिस्टम में अपनी औसत  हिस्सेदारी को बढ़ाने के प्रयास के तहत, भारतीय रेल ने राष्ट्रीय रेल योजना का मसौदा पेश किया है.
prasad
prasad 5 साल 5 महीने पहले
भारतीय अन्त: जलीय समुद्री रेलमार्ग १. कच्छ की खाडी समुद्री रेलमार्ग , मुन्द्रा से जामनगर तक, , द्वारका से २. खम्भात की खाडी समुद्री रेलमार्ग , दीव से मुम्बई तक, , हजीरा से अलंग तक ३. भारत - श्रीलंका समुद्री रेलमार्ग
anil tapdiya
anil tapdiya 5 साल 5 महीने पहले
वाशिम बडनेरा 85 किलोमिटर के रेललाइन को अतिशीघ्र मंजूरी दे देना चाहिए ताकि दक्षिण से उत्तर की ओर जानेवाली गाड़ियों ओर मिलट्री को कम समय ओर कम किलोमीटर का एक रूठ उपलब्ध होगा ओर जो अती व्यस्त अकोला स्टेशन है उसे भी थोडी राहत मिलेगी तथा 5 नये तहशिल रेल लाईन पहलीबार होगे तो वहासे रैल को ईनकम भी ज्यादा होगी कम खर्च काये लाईन शायद 2_3 साल मै ही पुरा खर्चा वसुल कर लैगी ओर अकोला खंडवा रेललाइन मे जो अड़चन आ रही है उसे जल्द ही पुरा करना चाहिए दीली की ओर जानेवाली गाड़ियों 250 300किलोमीटर बेचेगाओर पैसाभी बचे
Sudha Vitthalbhai Patel
Sudha Vitthalbhai Patel 5 साल 5 महीने पहले
sir सबसे पहले ये सुनिश्चित करे की बिना टिकट कोई यात्रा ना करे । इसके लिए तकनिकी सहायता लेकर खोज करनी चाहिए इसे केसे रोका जाय? रेल्वे स्टेशन,रेल डिब्बो का आधुनिकीकरण हो ।सेनिटेशन का खास तौर पर ध्यान रखा जाना जरूरी है । नई रेल लाईन को हर गाऊँसे जोडते हुए शहर की मण्डी,APMC, से जोड़ने का प्रयोग करना चाहिए ताकी किसान अपनी फसल को सीधे ही APMC तक ट्रांसफर कर सके जो रोड का ट्राफीक भी कम करने में सहायक साबित हो सकता है ।