Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

राष्‍ट्रीय शहरी आवास और पर्यावास नीति, 2015

Share your views on National Urban Housing and Habitat Policy, 2015
आरंभ करने की तिथि :
Feb 16, 2015
अंतिम तिथि :
Mar 04, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

भारत सरकार आवास की बढ़ती कमी को दूर करने के लिए राज्‍य सरकारों को ...

भारत सरकार आवास की बढ़ती कमी को दूर करने के लिए राज्‍य सरकारों को मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु राष्‍ट्रीय आवास नीतियां तैयार कर रही है। सर्वप्रथम आवास नीति की घोषणा मई, 1988 में की गई थी। वर्तमान में राष्‍ट्रीय शहरी आवास और पर्यावास नीति (एनयूएचएचपी), 2007 लागू है। इसकी प्रति http://mhupa.gov.in/policies/duepa/HousingPolicy.2007.pdf पर उपलब्‍ध है। यह वांछित है कि विगत वर्षों में हुए परिवर्तनों को दर्शाने तथा वर्ष 2022 तक “सभी के लिए आवास” के लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने के लिए मौजूदा नीति में संशोधन किया जाए।

इस संबंध में नई “राष्‍ट्रीय शहरी आवास और पर्यावास नीति, 2015” के लिए निम्‍नलिखित के संबंध में जानकारियां मांगी गई हैं :-

1. वर्ष 2022 तक “सभी के लिए आवास” को प्रोत्‍साहित करने में भारत सरकार की भूमिका क्‍या होनी चाहिए?
2. उक्‍त लक्ष्य/ को प्राप्त करने के लिए राज्यब सरकारों को क्याu करना चाहिए?
3. शहरी स्था नीय निकायों की भूमिका क्यात होनी चाहिए?
4. इस लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने में राज्‍य आवास बोर्डों/निगमों तथा अन्‍य राज्‍य संस्‍थाओं की क्‍या भूमिका हो सकती है?
5. आवास कार्यक्रमों के कार्यान्‍वयन में शहरी स्‍थानीय निकायों से क्‍या प्रमुख अनुभव प्राप्‍त हुए हैं?
6. वर्ष 2022 तक “सभी के लिए आवास” में निजी क्षेत्र क्‍या भूमिका निभा सकता है?
7. उद्योगों की भूमिका क्यां है?
8. व्‍यक्‍ति विशेष की भूमिका क्या होनी चाहिए?
9. इस लक्ष्य के लिए वित्तीेय संसाधनों को किस प्रकार जुटाया जाएगा?
10. सामान्‍य रूप से आवास तथा विशेष रूप से “सभी के लिए आवास” उपलब्‍ध कराने के लिए किस प्रकार के विधिक और नियामक ढांचों की आवश्‍यकता है?
11. आवास के लिए शहरी भूमि की और व्यावस्थास किस प्रकार कराई जा सकती है?
12. रोजगार/आजीविका तथा आवास के बीच के संबंध को किस प्रकार अधिक मजबूत बनाया जा सकता है?
13. विशेष रूप से व्या पक स्तबर पर तीव्र, सुदृढ़, सुस्थिार और पर्यावरण रूप से अनुकूल मकान बनाने के लिए नई भवन निर्माण प्रोद्योगिकियों को किस प्रकार प्रोत्साजहित किया जाएगा?

आप अपनी टिप्पणियां 3 मार्च 2015 तक भेज सकते हैं।

फिर से कायम कर देना
791 सबमिशन दिखा रहा है
Hajaratrahim Inamdar
Hajaratrahim Inamdar 11 साल 4 महीने पहले
Development me jo gaon me gharkul yojna hai WO west of money hai gaon ko sudhar na hai to Hume aaj se 20 saal aage ki soch rakhni hogi gaon me society system chalu karni chahiye jis se ke gaon ka rahan sahan bi badale ga aur government ka paisa bi west nahi hoga aur in society me logo ko ghar ke liye lumsam amt bi bharna hoga jaise ki agar mai ik building bana raha hun aur uska over all exp 20 ho gaya jisme 10 1bhk room bana diye hai aur is me jisko ghar chahiye use 1lac rs pay karna hoga bacha
HP JALAN
HP JALAN 11 साल 4 महीने पहले
The shopping malls should have provisions for space for portable/movables counters; hence no street hawkers. The Malls should have also provisions for organizing trade fairs/promotional sales by SME and small shop owners. The mall should have three tier shopping experience.
Praveen Arora
Praveen Arora 11 साल 4 महीने पहले
Urban housing policy should be done keeping all things in mind. Today our cities are choking with problems of infrastructure, increasing population, traffic/ congestion, sanitation & hygiene, water, electricity, schools & colleges, medical & hospitals, increasing crime rate, rise in price of basic commodities day by day. Emphasis should be on local agriculture production. Putting too much of population in a small area is of major concern as it puts pressure on natural resources of that area.
karansinh jadeja
karansinh jadeja 11 साल 4 महीने पहले
१).हमारे देश मे बोहोत उची इमारते बननी चाहीऐ जीससे कम जमीन मे जयाडा लोग रेसके. इसलीए जो इलाके airport से डुर हे. वाहासे उचाइ की सीमा हतादेनी चाहीए. २).सरकार को इसी पोलीसी लानी चाहीऐ जीससे devloper जालदी इमारत तेयार करे. ओर उस इमारत की सुंदरता पे भी धीयान दे. भारत मे भी dubai,sengapur.honkong जे सी इमारते बननी चाहीए आप एसी पोलीसी बानाइऐ.
Prakash Deshpande
Prakash Deshpande 11 साल 4 महीने पहले
आवास इच्छुक नागरिको के पंजिकराण के बाद हमें यह विदित हो सकेगा की वास्तव में कितने नए यूनिट की आवश्यकता होगी उनका निर्माण कितने समय में किया जा सकेगा पारंपरिक बहु मंजिला ईमारत बनाने में दो वर्ष का समय लग जाता है उनकी आयु कितनी होगी क्या गैर पारंपरिक तरीकों से सस्ती इमारतों का निर्माण किया जा सकता क्योकि पक्के कहे जाने वाले मकानों मेंटेनेंस में काफी खर्चा करना पड़ता है क्या ऐसे मकानों में रहने वाले गरीब लोग मेंटेनेंस का खर्च उठा पाएंगे
Balendra Shukla
Balendra Shukla 11 साल 4 महीने पहले
All Housing Projects are directly linked with Urban Poors. some points 1. Every Where Project Manager should be Social Expert because he can make relation with the slum dwellers and explain the benefits of the projects to them in their language. engineers cant do. Administration support from collector is needed in each step. no body get stay from court until this is an emergency 2.
Prakash Deshpande
Prakash Deshpande 11 साल 4 महीने पहले
राष्ट्रीय आवास योजना द्वारा आवास प्राप्ति के इच्छुक नागरिको का पंजीकरण एक वेबसाईट के माध्यम से तुरंत प्रारंभ किया जा सकता जहाँ पर आवक्श्यक जानकारी एवं डाक्यूमेंट्स अपलोड करने के लिए कहा जा सकता इच्छुक नागरिको से उनकी वर्तमान चल अचल संपत्ति के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है कोई नागरिक नए स्थान पर आवास क्यों चाहता है यह पूछा जा सकता है नए आवास के इच्छुक लोग धन की व्यवस्था कैसे चाहते है तथा ऋण का भुगतान कैसे करेंगे क्या कुछ धन आवास इच्छुक लोगो के पास है