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व्यावसायिक शिक्षा का सुदृढ़ीकरण

Strengthening of Vocational Education
आरंभ करने की तिथि :
Jan 22, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

शिक्षा में कौशल को जोड़ने और माध्यमिक शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा ...

शिक्षा में कौशल को जोड़ने और माध्यमिक शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा पर नए सिरे से ध्यान केन्द्रित करने पर अधिक बल दिया गया है। राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा अर्हता फ्रेमवर्क (एनवीईक्यूएफ) को राष्ट्री्य कौशल अर्हता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूाएफ) से जोड़ा गया है। इस ग्रुप का उद्देश्य व्यावसायिक अर्हताओं की स्वीकार्यता को बढ़ाने, व्यावसायिक शिक्षा को कार्यान्वित करने में पेश आ रही कठिनाईयों, हॉरीज़ोन्टल और वर्टिकल मोबिलिटी सुनिश्चित करने, शिक्षकों की उपलब्धता संबंधी मुद्दों की जांच करना होगा। कुछ राज्य व्यावसायिक शिक्षा को कारगर तरीके से मुख्य़धारा की शिक्षा में जोड़ रहे हैं। अन्य राज्यों में इसे कैसे अपनाया अथवा अनुकूल बनाया जा सकता है?

फिर से कायम कर देना
752 सबमिशन दिखा रहा है
megha tripathi
megha tripathi 11 साल 2 महीने पहले
अध्ययन-अध्यापन और ज्ञान पर ही समाज का पूरा भविष्य आधारित है। अध्ययन-अध्यापन और ‘ज्ञान’ समाज सुधार और जीवोद्धार तथा सुखी-सम्पन्न समाज हेतु सर्वप्रथम सबसे महत्त्वपूर्ण एवं सभी के लिए ही एक अनिवार्यतः आवश्यक विधान है । ईमान-सच्चाई-संयम-सेवा अनिवार्य होना चाहिये ! विद्या को कभी भी व्यावसायिक नहीं अपितु लक्ष्यमूलक व्यावहारिक ही होना चाहिए । यह तब ही सम्भव है जब कि ‘पिण्ड और ब्रह्माण्ड’ की यथार्थतः जानकारी के साथ ही दोनों में आपसी ताल-मेल बनाये रखने वाली होनी चाहिए!’’
Pankaj ji
Pankaj ji 11 साल 2 महीने पहले
अध्ययन-अध्यापन और ज्ञान पर ही समाज का पूरा भविष्य आधारित है। अध्ययन-अध्यापन और ‘ज्ञान’ समाज सुधार और जीवोद्धार तथा सुखी-सम्पन्न समाज हेतु सर्वप्रथम सबसे महत्त्वपूर्ण एवं सभी के लिए ही एक अनिवार्यतः आवश्यक विधान है । ईमान-सच्चाई-संयम-सेवा अनिवार्य होना चाहिये ! विद्या को कभी भी व्यावसायिक नहीं अपितु लक्ष्यमूलक व्यावहारिक ही होना चाहिए । यह तब ही सम्भव है जब कि ‘पिण्ड और ब्रह्माण्ड’ की यथार्थतः जानकारी के साथ ही दोनों में आपसी ताल-मेल बनाये रखने वाली होनी चाहिए!’’
SUSHEEL DUBEY
SUSHEEL DUBEY 11 साल 2 महीने पहले
अध्ययन-अध्यापन और ज्ञान पर ही समाज का पूरा भविष्य आधारित है। अध्ययन-अध्यापन और ‘ज्ञान’ समाज सुधार और जीवोद्धार तथा सुखी-सम्पन्न समाज हेतु सर्वप्रथम सबसे महत्त्वपूर्ण एवं सभी के लिए ही एक अनिवार्यतः आवश्यक विधान है । ईमान-सच्चाई-संयम-सेवा अनिवार्य होना चाहिये ! विद्या को कभी भी व्यावसायिक नहीं अपितु लक्ष्यमूलक व्यावहारिक ही होना चाहिए । यह तब ही सम्भव है जब कि ‘पिण्ड और ब्रह्माण्ड’ की यथार्थतः जानकारी के साथ ही दोनों में आपसी ताल-मेल बनाये रखने वाली होनी चाहिए!’’
arti pandey
arti pandey 11 साल 2 महीने पहले
अध्ययन-अध्यापन और ज्ञान पर ही समाज का पूरा भविष्य आधारित है। अध्ययन-अध्यापन और ‘ज्ञान’ समाज सुधार और जीवोद्धार तथा सुखी-सम्पन्न समाज हेतु सर्वप्रथम सबसे महत्त्वपूर्ण एवं सभी के लिए ही एक अनिवार्यतः आवश्यक विधान है । ईमान-सच्चाई-संयम-सेवा अनिवार्य होना चाहिये ! विद्या को कभी भी व्यावसायिक नहीं अपितु लक्ष्यमूलक व्यावहारिक ही होना चाहिए । यह तब ही सम्भव है जब कि ‘पिण्ड और ब्रह्माण्ड’ की यथार्थतः जानकारी के साथ ही दोनों में आपसी ताल-मेल बनाये रखने वाली होनी चाहिए!’’
S V K Sadhwani
S V K Sadhwani 11 साल 2 महीने पहले
Vocational training prepared with colabration of industry academics and government agencies. Industry will give demand areas and training methods required and university should deliver by preparing curiculum and training platform. Industry should supervise this training and support by their experts and newer technolgical demands communication to change curriculum accordingly.Goverment agencies should dedicatly become bridges between industry and universities and facilate above process.
Rajmani Prasad Sinha
Rajmani Prasad Sinha 11 साल 2 महीने पहले
An early settlement of these issues will open a vast get of vocational training which will feed the requirement of 120million skilled persons in the service sector by 2022 the world over. 4. With the passage of time and the experience gained the vocational training may be opened for lower class students too.