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संगम ऐप के माध्यम से विभिन्न संस्कृतियों को जानें और अपना फीडबैक दें

आरंभ करने की तिथि :
May 24, 2019
अंतिम तिथि :
Jun 23, 2019
17:00 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय ...

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA)ने 'SANGAM' नामक एक मोबाइल और वेब म्यूजिक एप्लीकेशन बनाया है। ऐप के नाम से स्पष्ट है कि यह भक्ति और आस्था की विभिन्न धाराओं के संगम की कल्पना पर आधारित है। साथ ही यह कला के विविध रूपों का संगम भी है जो हमारी धार्मिक परंपराओं का हिस्सा हैं। यह ऐप्लीकेशन शास्त्रीय, लोक, भक्ति और लोकप्रिय शैलियों के संगीत के पारखी लोगों के लिए वन-स्टॉप वर्चुअल डेस्टिनेशन के तौर पर बनाया गया है।

'SANGAM’ भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की अपनी तरह की पहली पहल है और इसकी निम्नलिखित प्रमुख विशेषताएं हैं:

1. संगम में 24 भारतीय भाषाओं में मंत्र, भगवान विष्णु (और उनके विभिन्न अवतार जैसे राम और कृष्ण, आदि), भगवान शिव, भगवान गणेश, देवी दुर्गा और देवी (जैसे लक्ष्मी, सरस्वती)। ) आदि पर आधारित 2500 भक्ति गीत हैं।

2. सामग्री में राष्ट्रीय ऑडियो-विजुअल कल्चरल आर्काइव्स से भारत रत्न (पंडित भीमसेन जोशी, उस्ताद बिस्मिल्ला खान और डॉ. एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी के साथ-साथ वेद, आदि शंकराचार्य की मोहा मुदगरा, कवि जयदेव की गीत गोविंदा, गोस्वामी तुलसी दास की रामचरित मानस, संत कबीर के दोहे, मीरा बाई के भजन, त्यागराज के कृति और संत तुकाराम के अभंग जैसे शास्त्रीय ग्रंथों के सस्वर पाठ शामिल हैं।

3. इसके अलावा इसकी समृद्ध सामग्री में हिंदुस्तानी और कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और लोक संगीत की विभिन्न परंपराओं के बीच ठुमरी, दादरा, भजन, अभंग, कृति और पदम और अन्य शैलियां शामिल हैं।

4. संगम ऐप पर जल्द ही सभी धर्मों के कई सूफी, गुरबानी और अन्य भक्ति परंपरा के गीत जोड़े जाएंगें

संगम ऐप अब एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, और यह एक वेब एप्लिकेशन के रूप में भी मौजूद है।

लिंक:
एंड्रॉयड
https://play.google.com/store/apps/details?id=org.musicapp

आईओएस
itunes.apple.com/in/app/sangammusic/id1448593292?mt=8

वेब
www.sangam.gov.in

कॉल टू एक्शन: - संस्कृति मंत्रालय ने भारत के नागरिकों से संगम ऐप को बढ़ावा देने, साझा करने और इसका आनंद उठाने के साथ-साथ अपना-अपना फीडबैक देने का आग्रह किया है।

फिर से कायम कर देना
817 सबमिशन दिखा रहा है
Shah Viren Chandrakantbhai
Shah Viren Chandrakantbhai 7 साल 2 सप्ताह पहले
https://www.divyabhaskar.co.in/south-gujarat/latest-news/surat/news/five-younger-dead-in-car-accident-near-navsari-het-only-one-son-of-family-1559797740.html?ref=ht Dear Sir, please do something extra ordinary for deaths due to road accidents. Thousands of families have suffered due to it and it is almost endless. Please appoint a committee for it and do needful for it.
RABI RANJAN SINGH
RABI RANJAN SINGH 7 साल 2 सप्ताह पहले
एक राष्ट्र श्रेष्ठ राष्ट्र की परिकल्पना पुरे देश के नागरिकों का है हमारे देश के अलग- अलग हिस्सो में अलग - कानून क्यों है काश्मीरी पंडितों की पुनर्वास क्यों नही हो रही काश्मीर पंजाब उत्तर पूर्व के प्रान्तो, लक्ष्यद्वीफ/पांडीचेरी में अल्पसंख्यकों (सनातन/हिन्दूओ) को संविधान प्रदत आरक्षण और विशेष धाराओं का लाभ क्यों नहीं नहीं मिल पा रहा है धार्मिक स्थलों के अनुदान और धार्मिक यात्रा के लिए समान व्यवस्था/ दिशा निर्देश क्यों नहीं है समान नागरिक कानून क्यों नहीं है जय हिंद, वंदे मातरम। 🙏🙏🙏🙏🚩🚩🚩🚩
Chanchalr rajpoot
Chanchalr rajpoot 7 साल 2 सप्ताह पहले
Modi g aap surf kisano ka he Karja maaf latte hai wo Karja maaf nhi karte jo beti ke shadi ke lye liya tha mere papa driver hai 250000 ka Karja lya tha driver hai 7000 per month kamate hai usme se 5500 that ke kist hai baki paiso se ghar ka kharcha kaise chalta hai na BPL hai na kuch kya kare beti paida karke galti jo ho gye sir plz mere ghar ka loan maaf karwa do fir hum apne 7000 mai he Kush hai koi govt job bhe nhi chaheye
Dr. Rajnish Pandey
Dr. Rajnish Pandey 7 साल 2 सप्ताह पहले
जिस प्रकार स्वच्छता मिशन को आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने हाथ मे लिया | उसी तरह पेड लगाने व बचाने के लिए, प्रयास की जरूरत है| आज देश प्रधानमंत्री जी का अनुकरण कर रहा है अगर वह देशवासियो से विनम्र अपील भी कर दें तो पेड़ लगाए व बचाए जा सकते हैं| इसी तरह गाँव के लोगों को बिजली दुरूपयोग रोकने के लिए जागरूकता अभियान की जरूरत है | गाँव के लोग बिजली का स्विच ही नहीं बंद करते | एल, ई, डी बल्ब के महत्व नहीं जानते |उन्हे मुफ्त बिजली न देकर मीटर लगवाएं व 100 से 200 यूनिट की छूट दें ,पूरे देश को लाभ होगा |