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स्कूल मानक, स्कूल आकलन और स्कूल प्रबंधन पद्धतियां

आरंभ करने की तिथि :
Jan 22, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
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Nandeibam Rajesh
10 साल 11 महीने पहले
I will say this will be the totally rubbish and eye wash School Quality Assessment and Accreditation System where few companies will be profited because we should target rural school leaf roof,no electricity no internet how we can Assessment instead of this we should asses the performance of students online rt 4rm Unit test to final so that low achiever can monitor and remedial method can be implement
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arun dhiman_1
10 साल 11 महीने पहले
SIR SHIKSHA KA ADHAR SIRF CIRTIFICATE PANA HI RAH GAYA.SCHOOL M PADHAI SIRF IS MAKSAD SE KARAI JATI H K BACHCHE EXAM PAS KAR LE.UNKE MAN M SHISHA K PRATI PYAR NAHI BALKI EXAM KA DAR BAITHAYA JATA H.SHIKSHA KYA H YE KOI NAHI BATATA.OR NAITIK SHIKSHA K NAM P BS PRASHN PUSTIKA HI RAH GAYI.HAR VISHAY KI PADHAI MATRA ISLIYE HOTI H TAKI EXAM PAS HO SAKE BETTER MARKS LA SAKE.YE HI MAKSAD SCHOOL PRASHASHAN KA B HOTA H CAURSE KHATM KARNA H BHALE BACHCHA SAMJHE YA NA SAMJHE.
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arun dhiman_1
10 साल 11 महीने पहले
sir CBSE BOARD,UP BOARD,RAJASTHAN BOARD,HARYANA BOARD.... SHIKSHA K ITNE BOARD KYU H?AGAR SHIKSHA EK RASHTRIYA MUDDA H TO ITNE BOARD KYU.HINDI MEDIUM WALA ENGLISH M NAHI PADH PATA ENGLISH WALA HINDI MEDIUM M NAHI.KAHI P KUCHH TO KAHI P KUCHH CAURSE.SHIKSHA TO VYAPAR BAN KR RH GYA.PVT SCHOOLS M MANMANI DRESS,MANMANI KITABE BS STANSARD BUILDING HI SCHOOL KI PAHCHAN RAH GAYI.KISI NETA YA ADHIKARI KA BACHCHA SARKARI SCHOOL M NAHI PADHTA KYU?SIR PURE INDIA M EK BOARD EK HI KITABE KYU LAGU NAHI HOTI..
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DHANORA DHOLPUR
10 साल 11 महीने पहले
dhanora dholpur
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Satyanarayan Patidar
10 साल 11 महीने पहले
Stop all private schools and when chidlre's of politicians and bureaucrats shall start to come to Govt school, then automatically the education system in India will improve.
These should be no upper calss and lower class in education. only education can remove powerty, health issues, and can create jobs.
this about it. Education should be provided by govt schools only and it should be free of cost. stop all other subsidies, people will earn to feed themselves.
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omprakashswami
10 साल 11 महीने पहले
a meeting was held on gsss jhajhu(kolayat), bikaner, rajasthan on 10.7.2015. The purpose of meeting was on NEW EDUCATION POLICY. Conclusion of meeting is atteched in following pdf
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Anurag Katiyar
10 साल 11 महीने पहले
Dear P.M.
In my opinion the complete education system need to be restructured from primary to 12th.Which should work under the central education ministry instead of state government and private education system should be omitted. All the courses must be uniform accross the country.Grading system should be applied at the place of marking system which will decrease the pressure from students.Interstate competition could be replaced by international competition by restructuring education system.
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amit sharma_65
10 साल 11 महीने पहले
3- कितने ही सरकारी स्कूलों(उच्चप्राथमिक) में 1 ,2,3,4 अध्यापक लगे हुए हैं और कई विद्यालयों में
10,12 अध्यापक क्यों
आज अधिकांश विद्यालयों में
प्रधानाध्यापक नहीं
चपरासी नहीं
बाबू नहीं
और सरकारी डाकें व फाइलिंग अध्यापक ही सम्भाल रहें है
एक अध्यापक दिन भर पोषाहार में व्यस्त
कितना सामान देना है कितना बचा है क्या खत्म होने वाला है क्या लाना है कितने बच्चों ने खाया गेहुं की व्यवस्था कैसे हो चावल कहां से लायें भोजन ठीक पका की नहीं पकाने वाले आज आ रहें या नहीं कहीं छोड तो नहीं दिया
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amit sharma_65
10 साल 11 महीने पहले
2- smc का गठन विद्यालय से समाज को जोडने के लिये किया गया था लेकिन आज कुछ समीतीयों को छोड दिया जाये तो अधिकतर समीतीयां विद्यालयों पर बोझ ही साबित हो रही है क्योंकी इनके गठन बैठक इनके कार्यों की समस्त जिम्मेदारी अध्यापक की है अध्यापक इनसे काम करवाने के लिये पीछे घूमो इन्हे कोई मतलब नहीं स्कूल व्यवस्था सुधार में सहयोग
तो बहुत दूर की बात है अगर संदेह है तो वर्तमान में शिक्षा नीती पर चर्चा के लिये पंचायत मुख्यालयों पर बैठकें आयोजित की गई उनमें मुख्यालय के अलावा अन्य समीती के कितने सदस्य उपस्थित रहे
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JABASAR JHUNJHUNU
10 साल 11 महीने पहले
DEAR PM SIR,
ACCORDING TO MEETING OF ALL HM AND PRINCIPAL IS MOST HELPFUL FOR ALL BOYS AND VILLGE.SO IT IS MOST EFFECTIVE EDCUTAION POLICY
pithusar.pdf
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