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आरंभ करने की तिथि :
Jul 28, 2021
अंतिम तिथि :
Aug 07, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
भारत का हथकरघा उद्योग हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक ...
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Ravi kumar
4 साल 10 महीने पहले
Hamen Apna Kala Sanskriti ko bacha Ke Rakhna chahie
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A K Mahajan
4 साल 10 महीने पहले
अपनी उज्वल परंपरा एवं हस्तकला को जीवित रखना बहुत जरुरी है.
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ASHOK KUMAR SAIN
4 साल 10 महीने पहले
mujhe bahut Achcha Laga
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DrMPSaravanan
4 साल 10 महीने पहले
Since Handlooms are with Natural fibres of plant origin, good for the health points of view. Irritation due to artificial fibres can be reduced.
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akash shukla
4 साल 10 महीने पहले
Ossam this is fabulous 😍👌
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DrMPSaravanan
4 साल 10 महीने पहले
Bringing back Handlooms again will encourage the cottage industries and rural employment. Unemployment in rural sector can be reduced.
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DrMPSaravanan
4 साल 10 महीने पहले
Hand looms are our traditional Assets, bring back our handloom culture. Thanks to our PM ji for bringing this topic for discussion
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Prem Narayan Mahanta
4 साल 10 महीने पहले
Sir, a few years back our organisation submitted a proposal with project report to Handloom department, govt. of Assam, but nothing is till today. Details may be sent to you if asked for.
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Khushboo Sharma
4 साल 10 महीने पहले
nice
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Prem Narayan Mahanta
4 साल 10 महीने पहले
Handloom technology is improving very seldom. In Assam ‘Maati Taatshal’ is still used in some villages by women weavers. Though in Assam in government official record there are 250000 weavers, but in practice vey less numbers are weaving clothes for their use only. Commercial weavers are mostly tribal women.
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