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19 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात के लिए विचार आमंत्रित

आरंभ करने की तिथि :
Jan 08, 2025
अंतिम तिथि :
Jan 18, 2025
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
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1931 सबमिशन दिखा रहा है
naveen Goyal
1 year 5 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी
विषय :- सभी धार्मिक पूजन सामग्री से भगवान की फ़ोटो ओर उनका नाम हटाने हेतु आग्रह
महोदय
हमारा देश सनातनी सभ्यता वाला एक विशाल देश है और यह सोचकर ओर देख कर बाद आश्चर्य हो रहा है कि उसी सनातनी सभ्यता को हम ही बर्बाद कर रहे है दूपबत्ति अगरबत्ती हवन सामग्री एवं पूजा में प्रयोग होने वाली सामग्री पर हमारे भगवान की फ़ोटो होती है जो प्रयोग के बाद या तो कचरे के डिब्बे में फेंक दी जाती है या फिर वो यमुना मैया के किनारों पर उड़ेल दी जाती है
मेरा आपसे निवेदन है कि इस ओर कोई कानून बनाया जाए जिससे हमारे सनातन धर्म की प्रभुता अखंडता हमेशा बनी रहे
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Somnath Bhattacharya
1 year 5 महीने पहले
28 months without salary working discuss how it is possible to survive as a public servant.
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RAMANAND Kumar
1 year 5 महीने पहले
आधार कार्ड को देश लोगों का पहचान पत्र के रूप में लागू कर दिया जाए
और आधार कार्ड को लेकर जन्मतिथि का बहुत बड़ा देश में समस्या है अब सरकार को चाहिए कि 1 से 2 वर्ष सुधार करने के नियम लागू कर दे
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Harkrishan Singh
1 year 5 महीने पहले
😁 give me exam papers
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Yash Rawat
1 year 5 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय जी ,
प्रयागराज महाकुंभ को प्लास्टिक मुक्त रख्रकर बहुत महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम उठाया है।
गंगा, यमुना और नर्मदा जैसी अन्य पवित्र नदियों को प्रदूषित करने वाले सीवेज जल को रोकने के लिए सख्त उपायों की आवश्यकता है।
कृपया मन की बात में सलाह जारी करें कि देश भर में पर्यावरण, जल, वन और जलवायु विभाग, इस पर विशेष ध्यान दे।
प्रयागराज महाकुंभ की तरह भारत भर में प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने और बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग को बढ़ावा देने की तत्काल आवश्यकता को संबोधित करें।
क्योंकि यह प्रकृति और मानव दोनों की भलाई के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है।
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Shantam Kumar Prasad
1 year 5 महीने पहले
modi ji, aasa karta hu ki aap meri baat sun rahe honge.. maine logo ko gutka kha kar public places pe tookte dekha hai... ye bahut hi zyada ganda anubhav hai...par main practical insaan hu.. mujhe nahin lagta ki log iss lat ko chodne Wale hai... so hamen gutka toilet alag se banana hoga... jaha log thook sake.. nahin to log yaha waha Jahan tahan kahin bhi thookenge ...I know it is stupid but aur kya solution hai... hamare desh bharat ki ye problem hai... isliye iska solution bhi bharat se hi aayega...
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Yash Rawat
1 year 5 महीने पहले
आदरणीय प्रधान मंत्री महोदय,
आजकल सरकारी डाॅक्टर लाखों रूपयों का वेतन पाने के बावजूद अपने शासकीय निवास पर प्राइवेट क्लीनिक चला रहे है
एवं प्राइवेट हाॅस्पिटल में मोटी फीस लेकर आपरेशन करने भी जाते रहते है।
जब आम जनता सरकारी हाॅस्पिटल में इलाज के लिये जाती है तो वे प्राइवेट हाॅस्पिटल अथवा अन्य जगह रेफर कर देते है।
इस कारण बेवजह देरी से कई लोगों की जान चली जाती है। अधिकांश डॉक्टर तो केवल अटेंडेंस पर साइन करने आते है।
आगामी मन की बात में, कृपया इस पर प्रतिबंध लगाने और डॉक्टरों की बायोमेट्रिक अटेंडेस से आने जाने के समय पर ध्यान देने की तत्काल आवश्यकता को संबोधित करें।
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Shantam Kumar Prasad
1 year 5 महीने पहले
modi j, please do something...
hamare desh main har taraf kachara hai... gaon ka haal bhi bura hai...
mujhe nahi pata aako gound reality ka pata hai ya nahin... aap ye massage padte ho ya nahin...ki aapne bhi talwe chatne Wale aapne agal bagal baita rakhe hai...
i am extremely sorry for using such words...but...
please do something....
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PranavT
1 year 5 महीने पहले
India must adopt advanced waste management systems similar to those in Indore, which has set a benchmark for cleanliness and sustainability. Every city should improve waste segregation, recycling, and disposal practices to reduce landfill waste and promote circular economy principles. Moreover, over 50% of India's rivers are severely polluted, and urgent measures must be taken to clean them. By 2030, the goal should be to restore these rivers to a state where they are not only free of pollutants but also safe for consumption. This requires a combination of stronger enforcement of environmental laws, advanced water treatment technologies, and public awareness campaigns. In addition to environmental concerns, the government must focus on improving transparency in public projects. Ensuring that funds allocated for various initiatives are well-documented and accessible to the public will enhance trust and accountability. The government must be answerable to the people.
Thankyou sir
mygov_1737127815154965854.pdf
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GayatriJoshi
1 year 5 महीने पहले
Dear Prime Minister Modi,
We, the members of Beautiful Bharat, urge you to address the harmful impacts of balloon releases during celebrations like Republic Day. Balloons, while festive, cause severe environmental damage, polluting our land and water bodies and posing deadly risks to wildlife and even children. Our "No Balloons Please" campaign has raised awareness since 2018, garnering over 70K signatures rooting for earth-friendly alternatives. We kindly request you to discourage balloon releases and promote sustainable celebration methods through Mann Ki Baat. Your support will help protect our environment for future generations. Thank you.
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