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26 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आयोजित मन की बात कार्यक्रम के लिए अपने सुझाव भेजें

26 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आयोजित मन की बात कार्यक्रम के लिए अपने सुझाव भेजें
आरंभ करने की तिथि :
Apr 08, 2026
अंतिम तिथि :
Apr 24, 2026
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आपके लिए महत्वपूर्ण विषयों और ...

माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आपके लिए महत्वपूर्ण विषयों और मुद्दों पर अपने विचार साझा करने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री, आपको मन की बात के 133 वें एपिसोड में संबोधित किए जाने वाले विषयों पर अपने सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित करते हैं।

मन की बात के आने वाले एपिसोड में जिन विषयों या समस्याओं पर आप चाहते हैं कि प्रधानमंत्री जी बात करें, उनके बारे में हमें अपने सुझाव भेजें। इस खुले मंच में अपने विचार साझा करें या आप वैकल्पिक रूप से टोल-फ़्री नंबर भी डायल कर सकते हैं 1800-11-7800 और प्रधानमंत्री के लिए अपना संदेश हिंदी या अंग्रेजी में रिकॉर्ड करें। रिकॉर्ड किए गए कुछ संदेश प्रसारण का हिस्सा बन सकते हैं।

आप 1922 पर एक मिस्ड कॉल भी दे सकते हैं और SMS में मिले लिंक को फ़ॉलो करके सीधे प्रधानमंत्री जी को अपने सुझाव दे सकते हैं।

और 26 अप्रैल 2026 को सुबह 11:00 बजे मन की बात सुनना न भूलें।

फिर से कायम कर देना
2666 सबमिशन दिखा रहा है
kunal kishore
kunal kishore 1 महीना 3 सप्ताह पहले
प्रधानमंत्री जी प्रणाम। आयुर्वेद हमारे देश की स्वदेशी चिकित्सा प्रणाली है। यह एक प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है।यह पूरी तरह से वैज्ञानिक शोध पर आधारित है। यह सस्ता है और फिटनेस बनाए रखने के लिए सबसे अच्छा है। 1 आयुर्वेद को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेद स्कूल खोले जाने चाहिए। 2 आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र अनुसंधान और नवाचार के लिए आवश्यक है। 3 शहरी क्षेत्रों के लिए आयुर्वेद पार्क विकसित किए जाने चाहिए।4 हमारे देश के सभी जिलों में आयुर्वेद विश्वविद्यालय खोले जाने चाहिए। 5 आयुर्वेदिक दवाओं और संबंधित उत्पादों पर सब्सिडी दी जाएगी।
SHARIF SHAIKH
SHARIF SHAIKH 1 महीना 3 सप्ताह पहले
प्रधानमंत्रीजी, सरकार निवृत अधिकारियों को 2 से 5 वर्ष की नियुक्तियां कर रही है। रेल्वे, LIC और जनरल इन्शुरन्स मे यह कार्य पिछले कई वर्षों से चल रहा है, आश्चर्य है कि नए बच्चों को सरकार जॉब क्यों नहीं देती क्या उन पर विश्वास नहीं, निवृत लोगों से भी कम वेतन पर 3 से 5 वर्ष की नियुक्ति कर युवाओं को रोजगार सरकार दे, अच्छे कार्य पर 3 या 5 वर्ष कार्यकाल बढाए, युवा वर्ग पर भरोसा नहीं कर सरकार बेरोजगारी को बढावा दे रहीं हैं। पिछले कई वर्षों से राज्यों में देखने मे आया है की सचिव/मुख्य सचिव निवृत होते ही तुरंत मुख्यमंत्री के निजी सचिव के रूप में लाखों के मानधन पर नियुक्त हुए हैं।
Tabasum
Tabasum 1 महीना 3 सप्ताह पहले
“Respected Sir, I am writing as a young student who has great hopes for the future of India. We, the youth, look towards your leadership with expectations of growth, better opportunities, and positive change. We feel the need for an education system that focuses not only on marks but also on practical knowledge, creativity, and skill development. At the same time, mental health awareness among students deserves more attention, as many of us face pressure regarding our future. We also hope for increased job opportunities and support for innovation so that we can contribute meaningfully to the nation’s progress. Your efforts have inspired many young minds, and we trust your vision for a stronger India. We kindly request you to continue focusing on empowering the youth, as we are ready to work hard and build a bright future for our country.”
AshishAgarwal
AshishAgarwal 1 महीना 3 सप्ताह पहले
आदरणीय महोदय ! सन्दर्भ भारत में किनार समाज से है ! मैं किन्नरों के खिलाफ नहीं हूँ ! परन्तु आज का किन्नर बहुत आक्रामक और डकैत प्रवृत्ति का हो गया है ! ग़ज़िआबाद में पॉश इलाकों में यह डरा धमका कर लाख रूपए तक वसूल कर रहे हैं ! आप समझ सकते हैं कि देने वाले को कितनी आत्म ग्लानि होती होगी ! सरकार का इन्हे मेनस्ट्रीम में लाने का प्रयास सराहनीय है! परन्तु fact यह है की बहुत से निकम्मे एवं कामचोर भी नकली किन्नर बन कर धन उगाही कर रहे है! मेरा पक्ष है कि ! अ ) किन्नरों का proper रजिस्ट्रेशन और मेडिकल जांच हो ! बी) इनको राज्य सरकार के कोष से भत्ता दिया जाये जिसे आयकर दाता से वसूल किया जाए और इनका चंदा माँगना गैर कानूनी घोषित किया जाये ! स) जब तक यह संभव नहीं होता , एक अधिनियम द्वारा इनके साथ एक policeman का होना अनिवार्य कर दिया जाये और मनमानी करने से रोका जाये !
Navya Choudhary
Navya Choudhary 1 महीना 3 सप्ताह पहले
I am samarveer singh a student of aps Ratnuchak class 6th i would request the honourable PM to please listen to my question. Sir we talk about development and equality for all beings but why not dogs? Can we please have dog shelters and dog shelters made where all streets dogs can live peacefully.
AnitaMaru
AnitaMaru 1 महीना 3 सप्ताह पहले
एक सरकारी अध्यापिका हुं, आपकी बातों को save करके मेरे विद्यार्थियों को इस प्लेटफार्म पर जुड़ना और अपनी राय रखना सिखाऊंगी।
GirijaShankar Mohapatra
GirijaShankar Mohapatra 1 महीना 3 सप्ताह पहले
Keeping in mind, the BENGAL Election, the original list of voters confirmed by Chief Election Commissioner must be tallied with the actual votes made and the votes from bogus voters should be renders disqualified. As Tens of Thousand of burkhawali women are heading to Bengal for giving votes which may not be real voters. I mean all fraud actions should be blocked and taken to task….