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27 मई 2018 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के लिए अपने विचार साझा करें

आरंभ करने की तिथि :
May 16, 2018
अंतिम तिथि :
May 24, 2018
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

हमेशा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपसे जुड़े महत्वपूर्ण ...

हमेशा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार आपके साथ साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 43 वें संस्करण के संबंध में प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके अनोखे विचार को शामिल किया जा सके।

आप अपने पसंदीदा विषयों, जिन पर आप चाहते हैं कि प्रधानमंत्री बात करें, उसके बारे में अपने सुझाव व विचार भेज सकते हैं।

आप अपने विचार इस खुले मंच पर साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। आपके संदेशों में से कुछ संदेशों के चुनिंदा हिस्से को मन की बात में प्रसारित भी किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल देकर और एसएमएस में दिए लिंक पर जाकर सीधे प्रधानमंत्री को भी अपने सुझाव व विचार भेज सकते हैं।

28 मई 2018 को प्रातः 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना ना भूलें।

फिर से कायम कर देना
1795 सबमिशन दिखा रहा है
Surendra sharma
Surendra sharma 8 साल 1 महीना पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी पब्लिक कुछ नया चाहती है पाकिस्तान को करारा जवाब देने की ओर और कांग्रेस को मुह तोड़ जवाब और जितने बिपच्छ वाले
Mazumdar Sankar
Mazumdar Sankar 8 साल 1 महीना पहले
This is a positive and constructive step in building a knowledgeable and educated society. Sir, you can give a call to all religious centres to adopt the same policy that is providing mid day meal to the school going students in the vicinity of the temples, Gurudwaras, Mosques and churches. Mazumdar Sankar, Primary Teacher, Atomic Energy Central school-1, Anushaktinagar, Mumbai
tanwir alam
tanwir alam 8 साल 1 महीना पहले
Prime Minister jee namaskar .... aapka bahut bahut dhanne wad jo aap apne mann ki baat ko ham janta ke sath bante ha aur usse janta faidha uthane ka kosus karti hai ....hap aap ke abhari hai ke aap ne abhi tak jo bhi kam kiya woh srahne ke kabil hai .aur ham sab aap ke sath sath hai .aap ki jo kosis rahi hai janta tak pahunchne ki woh bahut had tak kamyab rahi hai ,janta ka aap ne bahut khayal rakha hai bas janta ko thori kathinai hojati hai baat ko samajhne me .inshaallah time lagega buthoga
rajendrakumar rebari
rajendrakumar rebari 8 साल 1 महीना पहले
वर्तमान ने मीडिया में दलित महादलित जैसे शब्दों का बहुत उपयोग होता हे! यह कानूनन बंद होना चाहिए!नागरिको, को अपने ही लोगो को हम लोग कैसे अशोभनीय, कमी सूचक,हीनभावना जनक या अमंगलकारी शब्दों से सम्बोधित किया जा सकता हे विनती हे यह सम्बोधन बंद होने चाहिए ...आदरनिये सा
Mazumdar Sankar
Mazumdar Sankar 8 साल 1 महीना पहले
Sir, Last summer(June, 2017) our family visited the famous pilgrim centre of Lord Sri Krishna in Udupi(Karnataka). We have seen a large number of school children from deprived classes and poor families in queues to have their lunch. This lunch is provided by the Udupi temple committee at free of cost. Hundreds of school children are having their mid day meal in Udupi temple every day. Same tradition can be followed in other temples which have large number of devotees and visitors.
RIMPI YADAV BJP
RIMPI YADAV BJP 8 साल 1 महीना पहले
माननीय प्रधान मंत्री जी, माननीय प्रधान मंत्री जी, नमस्कार, मैं रिम्पी यादव, भाजपा नेत्री, 175-हिलसा विधान सभा क्षेत्र, नालन्दा, बिहार प्रदेश के रहने वाली हूँ। मैं आपको नौनिहाल बच्चें, जो देश के भविष्य हैं, के टीकाकरण के प्रति ध्यान आकृष्ट कराना चाहती हूँ। बिहार प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में निमोनिया एवं हैजा का टीकाकरण नहीं किया जाता है, क्योंकि उसकी उपलब्धता अस्पताल में नहीं है। मैं भी अपनी 2nd सुपुत्री विजेता यादव जी के लिए प्रयास कर चूँकि हूँ और मुझे सफलता नहीं मिली। हलाँक...
rajendrakumar rebari
rajendrakumar rebari 8 साल 1 महीना पहले
नागरिकों के सम्बोधन में भेदभाव क्यों ? किसी को दलित,किसी को महादलित तो कोई सवर्ण ! प्रकृति को मानो ..कानूनन बंद हो यह चलन जनता की आवाज हो बुलंद