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28 मई 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात के लिए विचार आमंत्रित

आरंभ करने की तिथि :
May 03, 2023
अंतिम तिथि :
May 26, 2023
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
28 मई 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात के लिए विचार ...
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टिप्पणियाँ (1)
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YourName Mrs.Rakesh kalsi
3 साल 1 महीना पहले
Must provide jawans good equipment and best facilities to their families for their safety...Jai Hind
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Susanta Kumar Pattnaik
3 साल 1 महीना पहले
India is in need of green revolution and peace revolution.Peace revolution due to our traditional important say mass Chanting, yoga and other side Social and Economic Sector flourishing.Social sector - family,child, youth, geriatric and community welfarism activities ( Government assisted living pattern - ration, religious and tourism, connectivity, economic assistance to community.
Sir,NGO is corrupt but government should go for some renowned persons say social activist, qualified social worker etc for independent government project operations say, temple, youth club etc for opportunities for work for people.
Missionaries are not in mark and church liberty is a question mark.In india - " total liberty to churches should not be.
Green revolution - climate change issues, plantation, avoid polutions, biodiversity and biogas activities, solar energy etc gives peace and happiness.Green revolution - community will be in change, personalities for execution.
Army - modern technical support
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Prateek pareek
3 साल 1 महीना पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
देश एक नोट बंदी देख चुका है और सरकार, आरबीआई ,बैंक ने बहुत अच्छा कार्य किया था . काले धन पर लगाम लगी थी. बहुत सा illegal पैसा वापस आ गया था. अभी RBI ने फिर से घोषणा करी है 2000 के नोट की. मेरा सुझाव है - हमारी रोजमर्रा और की जिंदगी में हर चीज की एक शैल लाइफ होती है ,expiry होती है. क्यु ना नोट्स/रूपये की भी expiry कर दी जाए. यानी कि नोट छापने के साथ ही उस नोट की expiry डेट भी निर्धारित कर दी जाए. एक बार की मेहनत लगेगी, कभी नोट बन्दी नहीं करनी पड़ेगी. कालेधन पर भी लगाम लगेगी. कैश का कारोबार भी कम होगा. एक सुझाव है।
आपका परम भक्त
Prateek Pareek
9829501228
Jaipur
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Samarth D A
3 साल 1 महीना पहले
respected sir, As now schools are going to start. i want to suggest a BIG ISSUE.THAT IS FAILING OF STUDENTS.As a educationist i don't want to FAIL any students in 10 or 12 grade.b'cos they will become drop outs.instead we should give 'i-improvement' in their marks cards and promoted to next higher class.because most of the students fail in one or two subjects which are difficult to them.which are easy or interesting to them they get passed.they should get higher edn in which they have passed.NO FAIL IN INDIA.PLS COMMENT.IF THEY Pass in social science they can take arts.pass in science let them go to science.pass in drawing and physical education-let them study in that stream.let them do there carrer in P.E AND DRAWING.I DON'T WANT ANY STUDENT GET FAILED BECAUSE OF WRONG SYSTEM.THEY HAVE LIFE IN THERE INTRESTED STREAM.SO NO DROP OUTS IN INDIA.PLS PM GI,YOU CAN COMMENT ON THIS IN MAN KI BAATH.YOU ARE THE RIGHT PERSON TO TAKE A GOOD DECISION.THANKS.REGARDS
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Amit Chauhan
3 साल 1 महीना पहले
खेती से प्रेम,लगाव एवं उसके मायने ।
हम सामाजिक प्राणी हैं । एक दूसरे की सहायता एवं सहयोग के बिना जीना असंभव है। ना केवल हमें मनुष्य की आवश्यकता होती है बल्कि पशु , प्राणी एवं पक्षी भी हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं।
किसान की दृष्टि से मैं यहाँ अपना एक सुंदर अनुभव साझा करना चाहता हूं और उम्मीद रखता हूं कि मेरे अन्य किसान किसान भाई भी इसी प्रयोग को आजमाएं । जिससे हम सब मिलकर प्रकृति एवं पर्यावरण का स्तर और भी ऊंचा उठा सकते हैं।
मैंने बाजरे की खेती की और उसका एक हिस्सा स्वयं के उपयोग में न ला कर उसे पक्षियों के लिए छोड़ दिया। मैंने यह देखा की न केवल पक्षी बल्कि मधुमक्खी भी खेतों में मंडराने लगी । कई तरह के अलग-अलग पक्षी इस बाजरे का आनंद उठाने लगे। उनकी चह - चहाने की आवाज मुझे मंत्रमुग्ध कर देती और एक अलग ही दुनिया में ले जाती।
मेरा छोटा योगदान मुझे इतना नैसर्गिक आनंद भोगने का अवसर प्रदान करेगा यह सोचा भी न था! बाजरे की वजह से भिन्न - भिन्न पक्षियों की संख्या इस कदर बढ़ जाएगी यह मेरी कल्पना शक्ति से परे। यह पक्षी अलग-अलग तरह के किटको को खाकर मुझे मेरी खेती
mygov_1684775296257443.pdf
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Harsh Kumar
3 साल 1 महीना पहले
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बगथला के विद्यार्थी विवेक को राज्यस्तरीय गौ संवर्धन पर स्लोगन प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में विधायक लक्ष्मण सिंह वे बोर्ड के चेयरमैन डॉक्टर वेद प्रकाश यादव वह जिला शिक्षा अधिकारी नसीब सिंह ने विद्यार्थियों को सम्मानित किया इस सम्मान को प्राप्त करने पर प्राचार्य मंजू भाई ने विद्यार्थी विवेक को बधाई दी ब स्टॉप सदस्यों का आभार व्यक्त किया
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Susanta Kumar Pattnaik
3 साल 1 महीना पहले
Challenging factors - cyber security, market price fluctuations, imbalance economic substances, social unrest, youth, family & child welfare, health and fitness, yoga flourishing, Ayurveda promotion,texile and culture promotion, Agriculture and allied promotion,new technologies and other up to date methods for development and information assimilation.
governance - Good governance says, peoples participation sportive to Govt program and opinions and comments gather & government should be closure to people issues, is became a issue for renewal or modification or any reform agenda.
community welfarism - community resources should be utilised for community purpose, youth spirit exploration and educational promotion ( skill education to the community youth).
Infrastructure - new Universities say Women Medical University, more Women Universities in india, yoga to medical education ( a separate department), connectivities etc
" people 's voice, opinions and comments are important " for demo
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Devinder Dhingra
3 साल 1 महीना पहले
पिछली पोस्ट से आगे.......
और उस राज्य के वित्तीय स्थिति की समीक्षा करें और उसे पब्लिक के सामने प्रस्तुत करें यदि राज्य की वित्तीय स्थिति नकारात्मक हो रही है तो सत्तारूढ़ पार्टी को सचेत करें और उन खर्चों पर रोक लगाए इसके बाद यदि राज्य की वित्तीय स्थिति उस पार्टी के सत्ता में आने से पहले की वित्तीय स्थिति से नकारात्मक हुई है तो दंडात्मक कार्रवाई भी होनी चाहिए इसके लिए जितना घाटा हुआ है उसका निर्धारित प्रतिशत उस पार्टी को अपने पार्टी फंड से सरकारी खजाने में जमा कराना चाहिए यदि पार्टी के पास इतना फंड ना हो हो या पार्टी पैसे जमा ना कराए तो उसके चुनाव लड़ने पर रोक लगनी चाहिए
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Devinder Dhingra
3 साल 1 महीना पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी,कुछ समय पहले श्रीलंका के हालात को देखकर अपने देश में इस बारे में चिंता स्वाभाविक है। यदि गौर से देखा जाए तो इसका मूल कारण चुनाव में किए गए लोकलुभावन वादे हैं। आज भी आपने देखा होगा की पार्टियों को यह सबसे आसान रास्ता नजर आता है। क्युकी किसी की कोई जवाबदेही नही है ।मेरा सुझाव भी इसी के लिए है ।मेरा मानना है कि चुनाव आयोग के अंतर्गत एक कमेटी ऐसी गठित हो जो सबसे पहले इस राज्य या देश की वित्तीय स्थिति को सार्वजनिक करे और सभी पार्टियों से ये शपथ पत्र लें कि वह राज्य की मौजूदा स्थिति से राज्य को और मजबूत स्तिथि में ले कर जाएगी
इसके साथ राजनीतिक पार्टियों के द्वारा की जाने वाली घोषणाओं की समीक्षा करें और उस में किए गए वादों में होने वाले खर्च के लिए आने वाली आय का ब्यौरा उन पार्टियों से ले यानी जो जो खर्च वादों को पूरा करने के लिए होगा उसके लिए पैसा कहां से आएगा इसका ब्यौरा पार्टियों को उस कमेटी के समक्ष रखना होगा और उसे कमेटी द्वारा सार्वजनिक भी करना चाहिए इसके बाद उस कमेटी को यह अधिकार होना चाहिए कि वह हर साल उन वादों की तथा उन वादों पर हो रहे खर्च की ... जारी है
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vunnavalalita
3 साल 1 महीना पहले
आदरणीय प्रधान मंत्री जी नमस्ते , यह सही है कि पहले की अपेक्षा अभी हर रेलवे स्टशनो में सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है पर देखा जाता है कि छोटे छोटे शहरो में एक फ्लेटफार्म से दूसरे फैल्टफार्म मे गाडी बदलने के लिये जाना पडता है तो बुजूर्गो को सिढीया चल कर जाना पडता है तो बहुत कठीनाई का सामना करना पडता है लिफ्ट भी नही होता।
मेरे विचार में ट्राली की व्यवस्थता की जाय, यह भी टिकट के साथ ही बुक होजाना चाहिये या पहले जैसे कुली रहा करते थे वैसे ही ट्राली भी बहुत ज्यादा होना चाहिये।मै कुछ दिन पहले ही इस कठिनाई का सामना की थी । यह मेरे अकेली की नही हर बुजूर्गो की समस्या है
रेल गाडी की ही दूसरी समस्या यह है कि जब बडे शहरो में फ्लैटफार्म खाली नही रहता तो गाडी को दूसरे फ्लैटफार्म में बदल दिया जाता है और आखिरी दस पन्द्रह मीनट पहले ही सूचित किया जाता है।
इससे हर यात्री को विशेष कर बुजूर्गो को बहुत कठिनाई होती है।
मेरा प्रधानमंत्री जी से निवेदन है कि इन दोनो समस्या का हल किया जाय।
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