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29 जुलाई, 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के लिए अपने विचार साझा करें

आरंभ करने की तिथि :
Jul 09, 2018
अंतिम तिथि :
Jul 24, 2018
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

हमेशा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपसे जुड़े महत्वपूर्ण ...

हमेशा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार आपके साथ साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 46 वें संस्करण के संबंध में प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके अनोखे विचार को शामिल किया जा सके।

आप अपने पसंदीदा विषयों, जिन पर आप चाहते हैं कि प्रधानमंत्री बात करें, उसके बारे में अपने सुझाव व विचार भेज सकते हैं।

आप अपने विचार इस खुले मंच पर साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। आपके संदेशों में से कुछ संदेशों के चुनिंदा हिस्से को मन की बात में प्रसारित भी किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल देकर और एसएमएस में दिए लिंक पर जाकर सीधे प्रधानमंत्री को भी अपने सुझाव व विचार भेज सकते हैं।

29 जुलाई 2018 को प्रातः 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना ना भूलें।

फिर से कायम कर देना
1734 सबमिशन दिखा रहा है
DILIP KUMAR SINGH
DILIP KUMAR SINGH 7 साल 11 महीने पहले
माननीय प्रधान सेवक महोदय, सादर प्रणाम! बहुत प्रसन्न हूं आपकी सेवा से की आपने देश सेवा में तन में धन अर्पित किया है। मैं की बात करते हैं बहुत अच्छा लगता है।हमारी सलाह है कि एक बार ग्रामीण महिलाओं से बात कीजिए। माताएं बहने बेटियों से भगिनियों से भी उनकी समस्याओं के बारे में बात कीजिए।ग्रामीण परिवेश में आ रही दिक्कतों के बारे में जानिए। उन बेटियों से भी बात कीजिए जिनकी पढ़ाई उत्तम ढंग से नहीं हो रही। उम्मीद है हमारी बात पर जरूर मनन करेंगे। दिलीप कुमार सिंह बलिया बुज़ुर्ग नवादा (बिहार)
Abhilash
Abhilash 7 साल 11 महीने पहले
Human psychology has a lot to do with what he see's in the morning.If you see something positive you will automatically think positively and live positively.Our News papers, news channels highlight only the negativity in our nation and the positivity is push to a small corner in some unread page of the newspaper and if it is news its hardly spoken off.Kindly show positives in the front page of our newspapers and new channel and move the negative part to the back so that people can think positive
Abhilash
Abhilash 7 साल 11 महीने पहले
Human psychology has a lot to do with what he see's in the morning.If you see something positive or if you watch something positive or if you hear something positive you will automatically think positively and live positively.Our News papers, news channels highlight only the negativity in our nation and the positivity is push to a small corner in some unread page of the newspaper and if it is news its hardly spoken off.Kindly show p00ositives in the front page of our newspapers and new channel
Ravi Ranjan
Ravi Ranjan 7 साल 11 महीने पहले
जनप्रतिनिधि जब चाहें अपनी salary बढ़ा लेते हैं, लेकिन आम आदमी के लिये क्या ? क्या यह ठीक नहीं होता कि सब की salary चाहे वह पर private sector में हो या सरकारी नौकरी या जनप्रतिनिधि एक समान रूप से बढ़े ! voting और election लड़ने के लिए education जरूरी हो, अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब भारत को अनपढ़ ओर जाहिलों का देश कहा जायेगा । आगे आपका विचार आप तो सुधारों के लिए जानें जायेंगे !
Ravi Ranjan
Ravi Ranjan 7 साल 11 महीने पहले
मान्यनीय प्रधानमंत्री जी, सविनय निवेदन है कि कृपा करके भारत के कानून को सर्वमान्य बनाने में सहयोग करें, वर्तमान कानून में बहुत सारी खामियाँ हैं जो आपके सतत प्रयास से ही दुर हो सकता है। भारत में सबके लिये एक कानून नहीं है, जो जरूरी है, चाहे वह किसी भी जाति और धर्म का हो, Education system एक नहीं है(राज्य और केन्द्र),उसमें भी CBSE,ICIC board, क्या जानबुझ कर गरीबों को बेकार board की education दिया जा रहा है ? Job में भी यही बात है जिसको जो मन करता है वही salary देता है, क्या यह सही है?
Rajeev Ranjan
Rajeev Ranjan 7 साल 11 महीने पहले
आदरणीय सर,सादर नमन! ओरगेनिक कृषि उत्पादों एवं ओरगेनिक दूध की उत्पादकों से खरीद के लिए प.बंगाल माडल पूरे देश में लागू करने की जरुरत है।NDDBद्वारा मार्गदर्शित यह योजना मदर डेयरी द्वारा संचालित की जा रही है।कृषि उत्पादों को जहां कीटनाशक एवं रासायनिक उर्वरकों के बगैर उत्पादित किया जाता है,वहीं विपणन करने में प्लास्टिक बैग या कंटेनर का भी प्रयोग नहीं किया जाता है।यह कदम देश की कृषि के साथ मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए भी संजीवनी साबित हो सकता है।#ब्रांड नेम#सुंदरिणी#