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29 दिसंबर, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के लिए भेजें अपने सुझाव

आरंभ करने की तिथि :
Dec 10, 2019
अंतिम तिथि :
Dec 28, 2019
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 60 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

29 दिसंबर, 2019 को प्रातः 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें

फिर से कायम कर देना
8303 सबमिशन दिखा रहा है
Mukesh choudhary
Mukesh choudhary 6 साल 6 महीने पहले
Pm महोदय, आप से एक आशा पढने वाले बेरोजगारो की तरफ से, पढने वालो की जीत होनी चाहिए ? आरक्ष्ण ख़त्म होना चाहिए, जो पढेगा so लगेगा, इसमें इतना भेदभाव क्यू. विनम्र निवेदन है तथा मुझे आशा है की आप इस बात पर अमल करेंगे...
SHARIF SHAIKH
SHARIF SHAIKH 6 साल 6 महीने पहले
मा. प्रधानमंत्रीजी,अगर आप हर भारतीय को घर देने का स्वप्न पूरा करने का मानस रखते हैं तो वह लोग जो घरों की कीमतें बढ़ाने के लिए ज़िम्मेदार हैं उन की आय पर आप को और अधिक आयकर लगाने होगे, इन में कुछ सरकारी अधिकारी,कर्मचारी राजकीय नेता ऐसे है जी के आय का स्रोत घर और प्रॉपर्टी के किराए से है और ये समाज मे दबंग होते जा रहे हैं जमीन की कीमतें बढ़ाने मे ऐसे ही लोग जिम्मेदार है और यही खास वजह है प्रॉपर्टी के दामों में बढ़ोतरी की, दूसरी तरफ सरकार प्रति वर्ष रेडी रेकनर मे प्रॉपर्टी के दाम बढ़ाती है गलत है।
Arvind Shukla
Arvind Shukla 6 साल 6 महीने पहले
राष्ट्रपुत्र को सादर प्रणाम, महोदय निवेदन है कि आपके और हमारी भाजपा सरकार के द्वारा शुरू की गयी विभिन्न योजनाओं का पूर्णतः सही रूप में क्रियान्वयन करने हेतु आपसे विनम्र निवेदन है कि ग्राम पंचायत और तहसील स्तर पर मानदेय आधारित सजग औऱ सरल तथा योग्य व्यक्तियों की नियुक्तियों पर ध्यान दिया जा सकता है जिससे कि योग्य और जरूरतमंद लोगों को सभी सुविधाओं सुचारू रूप से उपलब्ध हो सके, साथ ही तात्कालिक रोजगार सृजन हो सके एवं साथ ही साथ आपके और हमारी सरकार की विभिन्न योजनाओं को मूल रूप में जनमानस तक पहुंच सके
sivashanmugam subramaniam
sivashanmugam subramaniam 6 साल 6 महीने पहले
Have to give awareness about Indian history, indian inventions, Indian contributions to the world, Indian scriptures, value of our ancestors, rishis, siddhars teachings, to the people's living in India especially. Indians must understand about Indian history. After that, No one can separate India.
Manisha Tikariha
Manisha Tikariha 6 साल 6 महीने पहले
Animals also have equal right to live in this earth as we have. Human are doing varieties of cruelty on animals. And we have no sympathy for animals suffering & pain. Dear Modi ji, could you please request to Indians, for not harming animals. Also we they see any orphan animal injured or in trouble then to call to the nearest Animal welfare NGOs. Also could you pls build a Gov. body, who can work for the welfare of animals.
Vijayam Kartha
Vijayam Kartha 6 साल 6 महीने पहले
Increasing the Happiness Quotient of India Recent studies report that being kind to ourselves or to anyone else — even a stranger — or actively observing kindness around us boosted happiness. The honorable PM may exhort people to try this challenge: do one small, kind thing each day for someone and see the impact it has on oneself.
Vijayam Kartha
Vijayam Kartha 6 साल 6 महीने पहले
The Einstein Challenge: India I care - the Gandhian Brigade An easily replicable model for citizens and organisations The Honorable Prime Minister may appeal to all citizens and organisations to adopt a road or one or more kilometer of its radius to develop it as a prototype of ‘clean, green, compassionate and happy’ India based on Gandhian principles of Satya, Ahimsa, Sarvodaya and Satyagraha.