Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

30 जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव

Inviting ideas for Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 30th January 2022
आरंभ करने की तिथि :
Jan 01, 2022
अंतिम तिथि :
Jan 28, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 85 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

30 जनवरी 2022 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें|

फिर से कायम कर देना
5467 सबमिशन दिखा रहा है
NAVIN CHANDRA PATHAK
NAVIN CHANDRA PATHAK 4 साल 4 महीने पहले
परमादरणीय प्रधानमंत्री जी, 30 जनवरी राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की पुण्य तिथि है इसलिए उस दिन के मन की बात कार्यक्रम में उनके सिद्धांतो पर चर्चा होना तर्कसंगत एवं स्वाभाविक है | हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि आप उनके मुख्य सिद्धान्त अहिंसा पर देशवासियों के समक्ष अपना विचार प्रस्तुत करें क्योंकि वर्तमान परिदृश्य में यह बहुत ही आवश्यक हो गया है | कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में किसी भी बात का बहाना बनाकर सरकारी संपतियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है | इससे देश के आम नागरिक बहुत ही प्रभावित हो रहे हैं | हाल ही में बिहार एवं उत्तर प्रदेश में हुए हिंसा जिसमें रेलवे की संपतियों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया गया है इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है | आशा है इस बार के मन कि बात कार्यक्रम में इस विषय पर आपके द्वारा कहे गये शब्द लोगों के मन में घनात्मक विचार सृजित करने में उत्प्रेरक कि भूमिका अदा करेगा और वे लोगों के बहकावे में आकर इस तरह की गतिविधि करते समय आत्म-मंथन करेंगे और देश हित में निर्णय लेंगे |
NAVIN CHANDRA PATHAK
NAVIN CHANDRA PATHAK 4 साल 4 महीने पहले
परमादरणीय प्रधानमंत्री जी, विगत 26 जनवरी के दिन इस वर्ष का 73 वां गणतन्त्र दिवस था | इस दिन राजपथ पर आयोजित गणतन्त्र दिवस समारोह में जहां एक तरफ भारत की सैन्य ताकत के संग संग देश की सांस्कृतिक विरासत की झलक एवं नारी शक्ति का अनूठा प्रदर्शन देखने को मिला वहीं दूसरी तरफ भारतीय वायुसेना के 75 विमानों ने पहली बार फ़्लाइ पास्ट करके अपनी ताकत का अहसास दिलाया | आजादी के अमृत महोत्सव वाले इस गणतन्त्र दिवस में देश की आन – बान – शान की झांकी में सब कुछ अलग एवं अविस्मरणीय था | आपको इसके लिए हार्दिक बधाई |
NAVIN CHANDRA PATHAK
NAVIN CHANDRA PATHAK 4 साल 4 महीने पहले
परमादरणीय प्रधानमंत्री जी, 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का जन्मदिवस था | आजाद हिन्द फौज के संस्थापक एवं आजादी के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने बाले इस महान शख्सियत को आजादी के इतने दिनों के बाद भी अभी तक वो सम्मान नहीं मिला जिसका वे वास्तविक हकदार थे | आजादी के बाद की गलतियों को सुधारते हूए आपकी सरकार ने आजादी के इस महानायक को कृतज्ञ राष्ट्र की विनम्र श्रद्धांजलि दी है और उनके 125 वीं जयंती के अवसर पर आपके द्वारा दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर उनकी होलोग्राम मूर्ति का अनावरण किया गया है जो देश की आने वाले पीढ़ियों में राष्ट्रीय कर्तव्य भावना को जागृत करने में सहायक होगी | प्रधान मंत्री महोदय आपको इसके लिए देश की देशभक्त जनता की तरफ से कोटि कोटि बधाई |
NAVIN CHANDRA PATHAK
NAVIN CHANDRA PATHAK 4 साल 4 महीने पहले
परमादरणीय प्रधानमंत्री जी, नव वर्ष 2022 एवं 73वें गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ | जनवरी माह देश के आजादी में निर्णायक भूमिका निभाने बाले महत्वपूर्ण व्यक्तियों से संबन्धित दिवसों जैसे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का जन्म दिवस, गणतन्त्र दिवस एवं गांधी जी का पुण्य तिथि इत्यादि को अपने आप में समेटे हुए है | फरवरी माह में सरकार द्वारा बजट प्रस्तुत किया जाना है | अत: इस माह के मन की बात कार्यक्रम में इन महापुरुषों, गणतन्त्र दिवस एवं बजट पर आपके विचार की प्रतीक्षा में हूँ |
Mudit Mittal
Mudit Mittal 4 साल 4 महीने पहले
I want to know that why we need to study and what you think about the education system of India as I have heard from many people including IAS and many more that the things we learn are of no use, only less than 5% of it is rarely used. The thing which is of no use in future why we have to invest in that and put efforts. So why to study and give exams? In India we determine a person if he is intelligent or not on the basis of the marks obtained. According to you who is intelligent, what is the definition of intelligent? A person not getting good marks is criticized, stereotyped and made fun my everyone leading to depression and suicide. India's education system should be changed or not so that after exams and during exams no one feel stress. I am not able to explain my situation as a student. As I see you as my mentor you must have understood my feelings. I know this question is irrelevant but PLEASE ANSWER. ------------------ On behalf of everyone student and youth.
JyotishDas
JyotishDas 4 साल 4 महीने पहले
1-Vacancies time par nakalna chahiye 2- sari vacancies ka exam time par ho 3-education free kar deni chahiye aur education quality ko time time par improve karna chahiye 4- uniform code jald se jald lagu karna chahiye 5-caste ke base par reservation ko khatam kar Economical conditions ke base par reservation karna chahiye
Milan Dobra
Milan Dobra 4 साल 4 महीने पहले
मै मिलन गोपाळ डोबरा खारदांडा कोळीवाडा मुंबई से पंतप्रधान नरेंद्र मोदी जी से निवेदन करता हुॅं, महाराष्ट्र और मुंबई के जितने भी कोलीवाडा है वह महाराष्ट्र के नक्शे से गायब है 15 / 20 साल पहले कांग्रेस और राष्ट्रवादी की मिली सरकार थी तभीसे हमारे महराष्ट्र के सभी कोलीवाडे फिरसे नक्शे पर आ जाये और हमे भूमीपुत्रोंको हमारी मौजूदगीका एहसास हो जाये | भारत माता की जय ............ धन्यवाद ............
Vanshika Taneja
Vanshika Taneja 4 साल 4 महीने पहले
Good evening to all the respected dignitaries reading this. today as I aspire to have a political career I have a fear and a thought which always hinders my mind that is politics the right career as we all know in today’s date politics has deteriorated it’s name due to corruption . When will this corruption go and the youth of today , the nation builders of tomorrow can without a fear come into this. As the elections are nearing can we consider removing corruption as one of the manifestos.