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30 जुलाई 2023 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात के लिए विचार आमंत्रित

30 जुलाई 2023 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात के लिए विचार आमंत्रित
आरंभ करने की तिथि :
Jul 03, 2023
अंतिम तिथि :
Jul 28, 2023
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

पीएम नरेंद्र मोदी आपके लिए मायने रखने वाले विषयों और मुद्दों पर अपने ...

पीएम नरेंद्र मोदी आपके लिए मायने रखने वाले विषयों और मुद्दों पर अपने विचार साझा करने के लिए तत्पर हैं। प्रधानमंत्री आपको उन विषयों पर अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित करते हैं, जिन्हें उन्हें मन की बात की 103 कड़ी में संबोधित करना चाहिए।

आने वाले मन की बात एपिसोड में प्रधानमंत्री जिन विषयों या मुद्दों पर बात करना चाहते हैं, उनके बारे में अपने सुझाव हमें भेजें। इस ओपन फोरम में अपने विचार साझा करें या वैकल्पिक रूप से आप टोल-फ्री नंबर 1800-11-7800 पर भी डायल कर सकते हैं और हिंदी या अंग्रेजी में प्रधानमंत्री के लिए अपना संदेश रिकॉर्ड कर सकते हैं। कुछ रिकॉर्ड किए गए संदेश प्रसारण का हिस्सा बन सकते हैं।

आप 1922 पर एक मिस्ड कॉल भी दे सकते हैं और सीधे प्रधानमंत्री को अपने सुझाव देने के लिए एसएमएस में प्राप्त लिंक का अनुसरण कर सकते हैं।

और 30 जुलाई 2023 को सुबह 11:00 बजे मन की बात के साथ बने रहें।

फिर से कायम कर देना
4646 सबमिशन दिखा रहा है
Ajaypal
Ajaypal 2 साल 11 महीने पहले
जय श्री राम सर हर ग्राम पचांयत मे वट मठ की स्थापना करवाय जो हमारे पूर्वजो की जीवन शैली को द्रश्राता है जससे वट एक प्राण वायु देने वाला वृक्ष है २४ घन्टे आक्सीजन देता है जिस तरह आक्सीजन की कमी कोरोना काल मे हुई कभी किसी ग्राम पचायत मे आक्सीजन की कमी नही होगी मेरा मानना यह है यह एक जन कल्याणकारी विषय है अगर इस लेख मे कोई गलती हो तो माफ करना आपका आभारी अजय पाल जय श्री राम.
kheemanand pandey
kheemanand pandey 2 साल 11 महीने पहले
पीएम किसान निधि १४ वी किस्त का शुभ अवसर साथ ही जन जन की बात का आगामी ३० जुलाई २०२३ का भी बेसब्री से इंतज़ार विगत साठसालों की एकछत्र सत्ता में रहने वाले दल भ्रष्टाचार के दल दल में फंसे हुए हैं तुष्टिकरण की आग ऐसी कि गठबंधन भी षड्यंत्र रुपी बना बैठे हैं मात्र नौ साल का नमो संकल्प धरातल पर बहुआयामी नीतियों का लोकतांत्रिक स्वरूप बिछा डाला सीनियर सिटीजन में उत्साह आमजनता में आत्मसम्मान का जज्बा युवाओं को कौशल विकास की राह व्यापारियों में आत्मनिर्भरता का जनून और अभिभावकों को हौसला आदि नमो नेतृत्व
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AdarshPrakash
AdarshPrakash 2 साल 11 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी को मेरा शत् शत् नमन, हमलोगों के लिए यह गर्व की बात है कि अब हमारा देश आगे बढ रहा है जिसके लिए आपको धन्यवाद। परंतु कुछ विशेषयों पर चर्चा करना जरूरी है जो हमारे विकास की राह में बाधा हैं जैसे गैरसरकारी शिक्षण संस्थानों के द्वारा लिया उच्च शुल्क , जरूरमंदो को छात्रवृत्ति पाने में आने वाली असुविधाएँ इत्यादि। इन बाधाओं के कारण अनेक छात्र अपनी पढ़ाई पुरी नही कर पाते एवं देश की विकास में अपना योगदान नही दे पाते हैं। अंतः आपसे नम्र निवेदन है कि इस विषय पर चर्चा करे एवं निष्कर्ष निकाल कर ऐसे सभी छात्रों को कृतार्थ करे। आपका विश्वनीय आदर्श प्रकाश भारतीय नागरिक
rajiv kumar_56
rajiv kumar_56 2 साल 11 महीने पहले
हमारे माननीय प्रधानमन्त्री महोदय सादर प्रणाम महाशय देश के एक नागरिक होने तथा एक सिविल सेवा के अधिकारी होने के नाते आपके इस प्रण से की आप 2047 तक देश को विकशित बनायेगे मुझे काफी रोष और भीषण दुःख पहुंचा है. देश के आजाद हुए 75 साल से ज्यादा हो गये है और हमारे पास सभी प्रकार के अकूत संसाधन मौजूद होने तथा देश में आपके जैसे विजन वाले नेता होने के बाद भी 2047 का लक्ष्य. बहुत ही डरवाना तथा कष्टकारी. ये न सिर्फ आपकी अक्षमता को पुरे विश्व के सामने प्रदर्शित कर रहा है बल्कि देश के लोगो की क्षमता और काबिलियत पर आपने गम्भीर प्रश्न खड़े कर दिए है. महाशय हम आज जिस स्थिति में है और जो संसाधन हमारे पास उपलब्ध है उससे हम सिर्फ अगले पांच सालो में एक विकशित राष्ट्र बन सकते है और आज से अगले सात सालो में दुनिया का सबसे ताकतवर राष्ट्र भी. आपको ये तो पता ही होगा की की जर्मनी हिटलर के नेतृत्व में किस प्रकार 5 से 6 सालो में ही एक बिखरे राष्ट्र से एक महशक्ति बन गया था. अतः श्रीमान से अनुरोध है की देश की नीतियाँ 5 सालो में विकशित बनाने की ओर प्रेरित होनी चहिये न की 2047 के परिप्रेक्ष्य में.