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30 नवम्बर 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आयोजित मन की बात कार्यक्रम के लिए अपने सुझाव भेजें

30 नवम्बर 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आयोजित मन की बात कार्यक्रम के लिए अपने सुझाव भेजें
आरंभ करने की तिथि :
Nov 04, 2025
अंतिम तिथि :
Nov 28, 2025
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आपके लिए महत्वपूर्ण विषयों और ...

माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आपके लिए महत्वपूर्ण विषयों और मुद्दों पर अपने विचार साझा करने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री, आपको मन की बात के 128वें एपिसोड में संबोधित किए जाने वाले विषयों पर अपने सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित करते हैं।

आने वाले मन की बात एपिसोड में आप जिन विषयों या मुद्दों के बारे में प्रधानमंत्री से बात करना चाहते हैं, उनसे जुड़े अपने सुझाव हमें भेजें। इस ओपन फ़ोरम में अपने विचार शेयर करें या वैकल्पिक रूप से, आप टोल-फ़्री नंबर 1800-11-7800 पर कॉल भी कर सकते हैं और प्रधानमंत्री के लिए अपना संदेश हिंदी या अंग्रेज़ी में रिकॉर्ड कर सकते हैं। रिकॉर्ड किए गए कुछ संदेश प्रसारण का हिस्सा बन सकते हैं।

आप 1922 पर एक मिस्ड कॉल भी दे सकते हैं और SMS में मिले लिंक को फ़ॉलो करके सीधे प्रधानमंत्री जी को अपने सुझाव दे सकते हैं।

और 30 नवम्बर 2025 को सुबह 11:00 बजे मन की बात से जुड़े रहें।

फिर से कायम कर देना
2495 सबमिशन दिखा रहा है
OM PRAKASH SINHA
OM PRAKASH SINHA 6 महीने 3 सप्ताह पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी, सादर नमस्ते। आज मैं कुछ वन्यजीवों के अपने अनुभव के माध्यम से पर्यावरण पर पड़ रहे खतरे को लेकर प्रकाश डालना चाहता हूं। हमारे देश में कभी बंदर बहुतायत मात्रा में पाये जाते थे।पर वृक्षों की अंधाधुंध कटाई के कारण ये बंदर आज अपने आप को बचाने हेतु संघर्ष कर रहे हैं।बेचारे ये गिने चुने और लाचार बंदर अब मानव निर्मित बड़े बड़े मकानों को ही वृक्ष समझकर रहने का प्रयास करते हैं।पर जब भी ये मानवों के करीब आते हैं,तो मानव इन्हें एक रोटी देने के बजाय हट... ढह...जैसे शब्दों से और लाठी से डराकर भगा देते है। हम बचपन में अक्सर सियार देखा करते थे। जब सारस पक्षी तालाबों में उतरती थी, तो सुंदरता देखते बनती थी। गौरैया और गिलहरी भी अब कम ही दिखाई पड़ती है। हम मानवों ने धरती पर जंगलों का सफाया कर कब्जा तो किया ही है,साथ ही आसमान में बिजली के खुले तार हम मानवों ने ऐसे फैला रखी है,मानो,पूरे पर्यावरण पर मानवों का ही एकाधिकार है। कई बार पक्षी,बंदर इत्यादि जानवर इस खुले तारों की चपेट में आ जाते हैं। वन्यजीव प्रकृति के सुंदरता बढ़ाने वाले फूल हैं, जिन्हें बचाया जाना जरूरी है। जय हिन्द
Dr krishna upadhyay
Dr krishna upadhyay 6 महीने 3 सप्ताह पहले
प्रणाम! यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, मैं आपसे बहुत बार मिलने की कोशिश की परन्तु मिल न सका । मै आपसे मिलना चाहता हूँ।मैने करोना के दिनों2019 में कुछ देश के लिए लिखा था ।जिसमें पूरे देश हित की बाते जैसे -टैक्स फ्री ,हर घर सरकारी नौकरी,महंगाई, भ्रष्टाचार, ग़रीबी जैसे ज्वलंत विषय को हल करके फिर से राम राज्य कैसे लाया जाएगा इस पर पूरा रोड मॉप बनाया गया है जो केवल आप से मिलकर ही पूरा हो सकता है । इस तरह सभी देश वासियों को पेट्रोल 20 से 25 रुपए व नगदी पैसे काला धन पूर्णतया समाप्त हो जाएगा ।और जो भी पैसा हमारे देश से बाहर गया होगा वह स्वतः वापस आएगा ये मेरा वादा है सभी देश वासियों से! भारत फिर से सोने की चिड़िया बनेगा, और चारों तरफ राम राज्य स्थापित होगा।🙏🙏🙏 धन्यवाद! बीजेपी कार्यकर्ता डॉ कृष्ण कुमार उपाध्याय सुल्तानपुर यूपी
VIVEK
VIVEK 6 महीने 3 सप्ताह पहले
मान्यवर महोदय, जयहिंद आपसे विनम्र निवेदन करना चाहता हूं बीना म प्र के पं बंशीधर जी व्याकरणाचार्य जिन्होंने 2 बषों का कठिन कारावास अंग्रेज हुकुमत के दौरान महाराष्ट्र के विभिन्न जेलों में गुजारे थे जिसमें 6 माह की काल कोठरी की सजा शामिल है , उनके नाम से अथक पथ संग्रहालय एक स्मारक बीना में स्थापित करना चाहता है । इसके संग्रह में चन्द्रशेखर आजाद का ज्वेलरी बाक्स भी है ,इस संग्रह को माननीय योगी जी ने देखा और सराहा भी है आपसे पुनः निवेदन है इस अतिमहत्वपूर्ण योजना को साकार करने में आपका मार्गदर्शन अवश्य मिलेगा 7067855007 श्री शर्मा जी अथक पथ संग्रहालय नई बस्ती बीना म प्र 470113
Jagdish tiwari
Jagdish tiwari 6 महीने 3 सप्ताह पहले
जीआरपी इंदौर ( मध्य प्रदेश ) द्वारा शुरू किए गए दो अनूठे एवं जनहितकारी अभियानों की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ, जो रेलवे सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और जनभागीदारी के उत्कृष्ट उदाहरण बन चुके हैं। 1. “हमारी सवारी भरोसे वाली” – रेलवे स्टेशनो पर रेल यात्रा उपरांत उन्हे सुरक्षित घर तक यात्रा के लिए स्टेशन के ऑटो/टैक्सी पर पुलिस सत्यापन उपरांत QR कोड लगया है । यात्री ऑटो पर लगे QR स्कैन करते ही चालक का –नाम,फोटो, वाहन नं., मोबाइल नंबर इत्यादि एक ही क्लिक में देख सकते हैं व चालक को फीडबैक भी दे सकते है। यह पहल यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा हेतु अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है । 2. “पटरी की पाठशाला” – सुरक्षा, जागरूकता और सामाजिक सहयोग का अनोखा संयोजन रेलवे स्टेशन के आसपास की बस्तियों, महिलाओं, बच्चों व यात्रियों को—रेलवे सुरक्षा, साइबर जागरूकता, महिला सुरक्षा, नशामुक्ति आदि विषयों पर सरल भाषा में प्रशिक्षण दिया जाता है। बच्चों द्वारा सुरक्षा प्रतिज्ञा ली जाती है और समुदाय में सकारात्मक सुरक्षा संस्कृति विकसित होती है।
Rajarajeswari
Rajarajeswari 6 महीने 3 सप्ताह पहले
Respected prime minister, I kindly request you to address the issue of delay in the implementation of the pay Revision commission (PRC) for telangana government employees. due to rising, living costs, mainly employees and their families are facing financial difficulties. all employees are not rice sir, kids future, EMI, lone are money is not enough. sir I request guide the my state CMS SIR PLEASE sir only once sanction the PRC , it will be great improvement and courage to employees and their children's. sir so many families are loosing their pride.
RiteshSharma
RiteshSharma 6 महीने 3 सप्ताह पहले
जीआरपी इंदौर ( मध्य प्रदेश ) द्वारा शुरू किए गए दो अनूठे एवं जनहितकारी अभियानों की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ, जो रेलवे सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और जनभागीदारी के उत्कृष्ट उदाहरण बन चुके हैं। 1. “हमारी सवारी भरोसे वाली” – रेलवे स्टेशनो पर रेल यात्रा उपरांत उन्हे सुरक्षित घर तक यात्रा के लिए स्टेशन के ऑटो/टैक्सी पर पुलिस सत्यापन उपरांत QR कोड लगया है । यात्री ऑटो पर लगे QR स्कैन करते ही चालक का –नाम,फोटो, वाहन नं., मोबाइल नंबर इत्यादि एक ही क्लिक में देख सकते हैं व चालक को फीडबैक भी दे सकते है। यह पहल यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा हेतु अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है । 2. “पटरी की पाठशाला” – सुरक्षा, जागरूकता और सामाजिक सहयोग का अनोखा संयोजन रेलवे स्टेशन के आसपास की बस्तियों, महिलाओं, बच्चों व यात्रियों को—रेलवे सुरक्षा, साइबर जागरूकता, महिला सुरक्षा, नशामुक्ति आदि विषयों पर सरल भाषा में प्रशिक्षण दिया जाता है। बच्चों द्वारा सुरक्षा प्रतिज्ञा ली जाती है और समुदाय में सकारात्मक सुरक्षा संस्कृति विकसित होती है।
Munish Jindal
Munish Jindal 6 महीने 3 सप्ताह पहले
Janvi Jindal has created history by becoming India’s first woman to hold 11 Guinness World Records and stands second only to Sachin Tendulkar among Indian sportspersons. A National Champion in Freestyle Skating, she has also pioneered Bhangra on Skates and Yoga on Skates. She is the only person from Chandigarh to receive the prestigious State Award twice—once in Culture and once in Sports. Remarkably, she has achieved all of this at just 17 i.e. before turning 18. She is a proud 10+2 Commerce student of a Government School in Chandigarh. What makes her journey truly extraordinary is that every achievement has come solely through self-learning on the internet, without any formal coach. Whatever obstacles came her way, she turned them into opportunities. Her story stands as a powerful embodiment of Prime Minister Narendra Modi Ji’s vision of Atmanirbhar Bharat by achieving the impossible through self-learning, discipline, and relentless determination.
Jagdish tiwari
Jagdish tiwari 6 महीने 3 सप्ताह पहले
जीआरपी इंदौर ( मध्य प्रदेश ) द्वारा शुरू किए गए दो अनूठे एवं जनहितकारी अभियानों की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ, जो रेलवे सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और जनभागीदारी के उत्कृष्ट उदाहरण बन चुके हैं। 1. “हमारी सवारी भरोसे वाली” – रेलवे स्टेशनो पर रेल यात्रा उपरांत उन्हे सुरक्षित घर तक यात्रा के लिए स्टेशन के ऑटो/टैक्सी पर पुलिस सत्यापन उपरांत QR कोड लगया है । यात्री ऑटो पर लगे QR स्कैन करते ही चालक का –नाम,फोटो, वाहन नं., मोबाइल नंबर इत्यादि एक ही क्लिक में देख सकते हैं व चालक को फीडबैक भी दे सकते है। यह पहल यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा हेतु अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है । 2. “पटरी की पाठशाला” – सुरक्षा, जागरूकता और सामाजिक सहयोग का अनोखा संयोजन रेलवे स्टेशन के आसपास की बस्तियों, महिलाओं, बच्चों व यात्रियों को—रेलवे सुरक्षा, साइबर जागरूकता, महिला सुरक्षा, नशामुक्ति आदि विषयों पर सरल भाषा में प्रशिक्षण दिया जाता है। बच्चों द्वारा सुरक्षा प्रतिज्ञा ली जाती है और समुदाय में सकारात्मक सुरक्षा संस्कृति विकसित होती है।
RishikeshJoshi
RishikeshJoshi 6 महीने 3 सप्ताह पहले
Respected Prime Minister sir, I deeply admire your dedication to our nation. I wish to suggest a policy of compulsory military service, similar to Israel, where every citizen serves at least two years. This would instill discipline, civic sense, and respect for the country, while also strengthening our defense with talent from all states and fields. Those who wish to pursue a lifelong military career could continue under current policies. Such a system could unite citizens and build a stronger, more resilient India. It would also foster national integration, as people from diverse backgrounds train and serve together. In the long run, this initiative could inspire future generations to value service, sacrifice, and unity as the foundation of our progress. With respect, Rishikesh Joshi