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Consultation on need to send free printed bills to postpaid users of mobile and landline services

आरंभ करने की तिथि :
Nov 19, 2018
अंतिम तिथि :
Dec 25, 2018
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
The current provision of Telecommunication Tariff (46th Amendment) Order, 2008 mandates the Telecom service providers to provide hard copy of bill to its post paid subscribers of ...
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Umamageswari Maruthappan
7 साल 6 महीने पहले
I would like if the emailing process, as mentioned above, comes into effect. it will allow each one to use the mailing Facility, owing to the large no. of mobile users. This way of digitalizing is also a welcome step. I agree on the cutting of trees. Also, paper work can be time consuming and hectic. In my opinion, if we have to come up with any strategy, we need to go on a path which has lesser cons, in general. It's evident that paperless one has more benefits for individuals & nation.
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IHXXXXXXDF
7 साल 6 महीने पहले
चुनाव आयोग द्वारा ऐसा नियम बढ़ाएं जो भी पार्टी चुनाव में लड़ती हैं उसको पहले बताना होगा कि वह किस पार्टी के साथ गठबंधन करेगी चुनाव जीतने के बाद गठबंधन करती है इसी कारण जनता को धोखा होता है जैसे कि कर्नाटक में हुआ
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Sonu kumar
7 साल 6 महीने पहले
महोदय, भारत को अपने 70%तक कैशलेस कर दिया है ।यह सराहनीय है लेकिन पोस्टपेड उपभोक्ताओं के मामले में अभी भी सरकारी दफ्तरों के कर्मचारियों की अवधारणा पेपर बिल की ही है,क्योंकि सरकारी टेलिकॉम की कंपनियां अपने उपभोक्ताओं से पेपर बिल की मांगती है ,ऑनलाइन भुगतान के बावजूद यह सोचने योग्य बात है । इस पर ध्यान देना होगा ।ताकि हम अपने भविष्य के लिए भी कुछ पेड़ और कागज बचा सके।
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SATYAM VAISHNAV
7 साल 6 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्रीजी के नेतत्र्व में डिजिटल इंडिया व कैश लेस के तहत बहोत बदलाव हुआ है जिस देश के गावो में लोगो को मालूम तक नहीं था की कैश लेस क्या होता लेकिन प्रधानमंत्री जी प्रयासों से ये सब संभव हो सका है
और रही बात पेपर बिल की जो में कहना चाऊंगा की अब भारत उचाइयो को चु रहा है जिसमे हमें कैश लेस व पेपर लेस हर काम कर देना चाइये व वेरिफ़िएड डॉक्यूमेंट के लिए डिजिटल लॉकर का इस्तेमाल करना चाइये ताकि हमारे पेड़ पौधे भी रहेंगे व सभी काम भी आसान होगा और एक स्वस्त व हरा भरा भारत बनेगा
जय भारत
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MADHA RAM
7 साल 6 महीने पहले
वर्तमान समय में पेपर बिल भेजना किसी तरह से उचित नहीं है लेकिन साथ ही डिजिटल बिल की उपलब्धता को आसान कर देना चाहिये ताकि किसी भी उपभोक्ता को कभी भी जरुरत के समय बिल की प्रति के लिये आफिस के चक्कर लगाने ना पडे और आसानी से और न्युनतम फीस पर मिल जाये सब जगह
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Ananda ks
7 साल 6 महीने पहले
yes
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Krishna Kumar
7 साल 6 महीने पहले
lsir mai ek garib pariwar sai hun mera naam krishna kumar h village mojampur sujan post Mohammad pur deomal disttric bijnor up sai hun sir Mera makan Nahi Bana h pm awash Yojna sai wanchit hun mkano ki shuchi Mai hamara naam thha par ab htadiya gaya h hum 8sadasiye h ek makan h usmai hi gujara kar rahen h
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Arunachalam
7 साल 6 महीने पहले
yes it's do for developing
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Adarsh Verma
7 साल 6 महीने पहले
हमें यह समझना चाहिए कि पेड़ हमारे लिए बहुत ही जरूरी है इसलिए इसे कम से कम काटना चाहिए । इस लिए बिल की सॉफ्ट कॉपी ही देनी चाहिए
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jyoti mehta
7 साल 6 महीने पहले
आज का युग विज्ञान का युग है और जैसा कि हम सब जानते हैं कि हमारी आज की पीढ़ी प्राकृतिक संसाधनों के बचाव की और कोई खास ध्यान नहीं दे रही है, इसी को ध्यान में रखते हुए मेरे विचार से हमें पेपर पर बिजली बिल या अन्य कोई बिल की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि हम सब जानते हैं कि पेपर पेड़ से बनता है और आज के समय में पेड़ बचे ही कहाँ हैं तो हम सभी का आपसे अनुरोध है कि जितना हो सके पेपर बचाएं और बिल की soft copy उपलब्ध करवाएं।
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