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Consultation on need to send free printed bills to postpaid users of mobile and landline services

आरंभ करने की तिथि :
Nov 19, 2018
अंतिम तिथि :
Dec 25, 2018
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
The current provision of Telecommunication Tariff (46th Amendment) Order, 2008 mandates the Telecom service providers to provide hard copy of bill to its post paid subscribers of ...
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Mukesh Shanker M S
7 साल 7 महीने पहले
We ahould reduce papee wastage. Printed bills not required.
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Mahesh S Handigund
7 साल 7 महीने पहले
It s true that everything has been digitlsing gradually , why the paper print is required , in turn u can save trees by avoiding paper bills.
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Kartar singh
7 साल 7 महीने पहले
Today on 27th Nov I was watching zee news program DNA about the school bags I thank full for the Indian government who make this low. Altho I request to Namo sir that this low has to be follow by the school without any failure. I have 2 kids one Daughter and a Sone I observed that the child's are missing there child hood. All the children will be thank full if there bags weight will be in limit. Kartar singh chauhan, Moradabad UP
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Rameshwar Bharat
7 साल 7 महीने पहले
आज जब हम डिजिटल इंडिया की बात करते हैं तो बिल भी कागजों पर प्रिंट क्यों किया जाये। किसी भी प्रकार का बिल क्यों न हो (बिजली,पानी, फोन आदि) उसका भुगतान भी डिजिटल तरीके से किया जा सकता हैं। सरल सा तरीका हैं, जो भी बिल हो उससे उपभोक्ता का आधार या बैंक अकाउंट लिंक कर दो। जब भी भुकतान की तिथी आएगी, ऑटो मोड में अकाउंट से पैसा कट जाएगा। पैसा कटने का संदेश व लिंक मोबाइल एवं मेल पर आ जायेगा। उपभोक्ता मेल से प्रिंट लेकर रख सकता हैं या डिजिटल तरीके से सेव कर सकता हैं।
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KEYUR RAVJIBHAI PATEL
7 साल 7 महीने पहले
Sir Please make some powerful rule for private companies like monthly pay scale, facilities, working hours, yearly leaves, and most the survival security for employee and his family. 70% indian working in private sectors, so please make some powerful rules for them. please sir.
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Hemant Jeevan Magadum
7 साल 7 महीने पहले
send bill via mobile and mail . as all having smartphone
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Anil Sakwar
7 साल 7 महीने पहले
एक साल में १२ महीने होते है यदि हर माह बिल ना देकर। छह माह या बारह माह में एक बार ही बिल दिया जाए और पूरे १२ माह या छह माह का पूरा विवरण उसमे अंकित हो तो ८० से ९० प्रतिसत पेपर की बचत होगी। तथा हर माह उस बिल का एसएमएस भेज दिया जाए।
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hari chidanand sharma
7 साल 7 महीने पहले
if we are talking about our environmental issues, we should be going for e-billing and same should be acceptable bye government offices or any other organization where it use as address proof documents.
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Rahul
7 साल 7 महीने पहले
सर नमस्कार हमे सरकार की योजना और मप्र की शासकीय योजना का पता नही चलता आप कुछ हमे बताये
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Lalit Menaria
7 साल 7 महीने पहले
उपाय:-
1.आज के दौर में हमारे पास बहुत सारे विकल्प है जैसे कि SMS द्वारा ,मोबाइल एप द्वारा, telicalling द्वारा सुचित किया जा सकता हैं।
2.इस के प्रोत्साह के लिए कंपनी को ऑफर देना चाहिए जैसे
जो पेपर बिल नही मंगाए गा उसको बिल में 5% कम भुगतान करना होगा आदि।
3. इस माध्यम से बिल समय से मिलेगा और भुगतान भी समय से होगा।
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