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Inviting comments and suggestions on the Draft Accessibility Standards for the Services Sector

Inviting comments and suggestions on the Draft Accessibility Standards for the Services Sector
आरंभ करने की तिथि :
Oct 10, 2025
अंतिम तिथि :
Oct 31, 2025
17:30 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

The Department of Empowerment of Persons with Disabilities (DEPwD), Ministry of Social Justice & Empowerment (MSJE), in collaboration with MyGov, invites comments and suggestions ...

The Department of Empowerment of Persons with Disabilities (DEPwD), Ministry of Social Justice & Empowerment (MSJE), in collaboration with MyGov, invites comments and suggestions from stakeholders and the general public on the draft accessibility standards for the Services Sector. These draft standards, which identify non-negotiable rules, have been prepared to strengthen the creation of barrier-free environments in accordance with the Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 and relevant rules.

The draft document is now available for review. Click here to read.

All interested individuals are requested to carefully examine the proposed standards and submit their feedback, comments, and suggestions on the MyGov platform, ensuring that personal details are entered accurately during registration.

फिर से कायम कर देना
376 सबमिशन दिखा रहा है
Adv Praveen Pratap
Adv Praveen Pratap 8 महीने 2 सप्ताह पहले
सर, जहां तक मैने आपको निजी रूप से स्टडी किया है,तो जाना है कि आपके फैसले चाहे कितने भी कड़वे क्यों न हों देश हित में हों तो देश की जनता ने आपका समर्थन किया है। कह सकते हैं कि आप अपने कड़वे फैसले ही आपके सफलता के सूचक हैं। भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए आपने सार्थक कदम उठाएं हैं किंतु निम्न स्तर पर इसका सार्थक व रचनात्मक लाभ नहीं मिल सका है। सर कोई ऐसी योजना का निर्धारण अवश्य करें जिससे भ्रष्टाचार फ्री भारत का निर्माण हो सके। सर आप अवश्य कर सकते हैं। प्रणाम सर जी जय भारत
Harish kumar bagh
Harish kumar bagh 8 महीने 2 सप्ताह पहले
यह एक विचारणीय और योग्य कदम है नय विकलांगता कानून सर्विस सेक्टर के उलट सरकार का सकारात्मक प्रयास है जिसमे सभी महत्वपूर्ण बिन्दुओ को प्रदर्शित किया गया है जिसमे न्याय की पराकाष्ठा मे उचित निर्णय व कदम अभिसारित है इस न्याय कानून मे 1) नये कानून मे 21प्रकार की विकलांगता को जोड़ना जैसे एसिड पीड़ित, मानसिक रोगी 2) नौकरी मे आरक्षण 3%-4% बढ़ाना 3) मौजूदा भवनो ईमारतो को 5साल के अंदर संरखचन 4) दंड 5) राज्य व केंद्र के सक्छम अधिकारी के देखरेख मे जवाबदेही तय करना और पालक अभिवाहक और संस्था से सम्बन्ध स्थापित करना ये इस कानून की खूबसूरती को ढर्शाता है सरकार ने वास्तव मे अपनी नैतिक जिम्मेदारी को संसद के पटल से आम व्यक्ति के सोच पर सीधी छाप छोड़ी है और उनके तकलीफे, दुःख का निराकरण मे नय दिक्कतों को शामिल कर अधिक जवाबदेही किया है इस कानून ने अधिक न्याय कम समय मे इस सिद्धांत को प्रतिपादित किया है विकलांग जो अपनी पहचान छुपा कर रखते है उन्हें नया सोच दृश्टिकोण प्रसारित किया है नैतिक मूल्यों को अब वास्तव मे आम गरीब विकलांग श्रेणी के सभी वर्ग को न्याय किया है विकसित न्याय क़ानून - सुदृण विकलांग