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Inviting ideas for PM Narendra Modi's Mann Ki Baat for June 2016

Inviting ideas for PM Narendra Modi's Mann Ki Baat for June 2016
आरंभ करने की तिथि :
Jun 17, 2016
अंतिम तिथि :
Jun 25, 2016
08:30 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

Prime Minister Narendra Modi looks forward to sharing his thoughts on a number of themes and issues in the next 'Mann ki Baat' which is on 26th June, 2016. As always, the Prime ...

Prime Minister Narendra Modi looks forward to sharing his thoughts on a number of themes and issues in the next 'Mann ki Baat' which is on 26th June, 2016. As always, the Prime Minister invites you to share your ideas on topics he should address. So what are the themes, issues or topics that you want the Prime Minister to speak about?

Share your views in this Open Forum or alternatively you can also dial the toll free number 1800-11-7800 and record your message for the Prime Minister in either Hindi or English. Some of the recorded messages may become part of the broadcast.

And stay tuned to Mann Ki Baat at 11:00 AM on 26th June, 2016.

फिर से कायम कर देना
1266 सबमिशन दिखा रहा है
Tonmoy Mukhrjee
Tonmoy Mukhrjee 10 साल 3 सप्ताह पहले
I will be extremely thankful to the honourable PM if he talks or suggests some idea to eradicate the curse of private tuition of Govt school and college teachers (both of state and central). I, being a teacher, think its a curse of our present education system. And teachers have deviated far from their principles and are earning black money at will.
Lakshya Khajuria
Lakshya Khajuria 10 साल 3 सप्ताह पहले
It pains me alot to see that in Olympic Games,India is ranked so low and that is because pre. govt never focused on it,I urge you to make Olympic academy in 4 Regions of our Nation i.e N,S,E,W and that too not in major cities.This will be a full time sports boarding school where along with studies the major focus would be on sports and Students can take the degrees of the sport. this will enhance sports skills and medal tally an pride of my nation would be higher.pls call so i cn xpln fully
Sumit kumar_63
Sumit kumar_63 10 साल 3 सप्ताह पहले
नमस्ते सर जी, हमारे देश में शारीरिक रूप से अक्षम क्रिकेटरो की एक बहुत बड़ी संख्या क्रिकेट से जुड़ी हुई है एवं हम पूर्ण समर्पण,दृढ़ निश्चय एवं निष्ठा के साथ क्रिकेट को खेलते है परंतु हमारे लिए दुर्भाग्यशाली यह है कि आज तक इस खेल को बीसीसीआई या खेल मंत्रालय की ओर से मान्यता प्राप्त नही है। हम उन सभी सुविधाओ से वंचित है जो सामान्य खिलाड़ियो को खेल मंत्रालय के द्वारा प्रदान की जाती है। हमारे खिलाड़ियो को खेल की मुख्य धारा से जोड़ने एवं समान अवसर प्रदान करने के लिए एक प्लेटफार्म देने की कृपा करे
Sumit kumar_63
Sumit kumar_63 10 साल 3 सप्ताह पहले
नमस्ते सर जी, हमारे देश में शारीरिक रूप से अक्षम क्रिकेटरो की एक बहुत बड़ी संख्या क्रिकेट से जुड़ी हुई है एवं हम पूर्ण समर्पण,दृढ़ निश्चय एवं निष्ठा के साथ क्रिकेट को खेलते है परंतु हमारे लिए दुर्भाग्यशाली यह है कि आज तक इस खेल को बीसीसीआई या खेल मंत्रालय की ओर से मान्यता प्राप्त नही है। हम उन सभी सुविधाओ से वंचित है जो सामान्य खिलाड़ियो को खेल मंत्रालय के द्वारा प्रदान की जाती है। हमारे खिलाड़ियो को खेल की मुख्य धारा से जोड़ने एवं समान अवसर प्रदान करने के लिए एक प्लेटफार्म देने की कृपा करे
Sumit kumar_63
Sumit kumar_63 10 साल 3 सप्ताह पहले
नमस्ते सर जी, हमारे देश में शारीरिक रूप से अक्षम क्रिकेटरो की एक बहुत बड़ी संख्या क्रिकेट से जुड़ी हुई है एवं हम पूर्ण समर्पण,दृढ़ निश्चय एवं निष्ठा के साथ क्रिकेट को खेलते है परंतु हमारे लिए दुर्भाग्यशाली यह है कि आज तक इस खेल को बीसीसीआई या खेल मंत्रालय की ओर से मान्यता प्राप्त नही है। हम उन सभी सुविधाओ से वंचित है जो सामान्य खिलाड़ियो को खेल मंत्रालय के द्वारा प्रदान की जाती है। हमारे खिलाड़ियो को खेल की मुख्य धारा से जोड़ने एवं समान अवसर प्रदान करने के लिए एक प्लेटफार्म देने की कृपा करे
Sumit kumar_63
Sumit kumar_63 10 साल 3 सप्ताह पहले
नमस्ते सर जी, हमारे देश में शारीरिक रूप से अक्षम क्रिकेटरो की एक बहुत बड़ी संख्या क्रिकेट से जुड़ी हुई है एवं हम पूर्ण समर्पण,दृढ़ निश्चय एवं निष्ठा के साथ क्रिकेट को खेलते है परंतु हमारे लिए दुर्भाग्यशाली यह है कि आज तक इस खेल को बीसीसीआई या खेल मंत्रालय की ओर से मान्यता प्राप्त नही है। हम उन सभी सुविधाओ से वंचित है जो सामान्य खिलाड़ियो को खेल मंत्रालय के द्वारा प्रदान की जाती है। हमारे खिलाड़ियो को खेल की मुख्य धारा से जोड़ने एवं समान अवसर प्रदान करने के लिए एक प्लेटफार्म देने की कृपा करे
Sumit kumar_63
Sumit kumar_63 10 साल 3 सप्ताह पहले
नमस्ते सर जी, हमारे देश में शारीरिक रूप से अक्षम क्रिकेटरो की एक बहुत बड़ी संख्या क्रिकेट से जुड़ी हुई है एवं हम पूर्ण समर्पण,दृढ़ निश्चय एवं निष्ठा के साथ क्रिकेट को खेलते है परंतु हमारे लिए दुर्भाग्यशाली यह है कि आज तक इस खेल को बीसीसीआई या खेल मंत्रालय की ओर से मान्यता प्राप्त नही है। हम उन सभी सुविधाओ से वंचित है जो सामान्य खिलाड़ियो को खेल मंत्रालय के द्वारा प्रदान की जाती है। हमारे खिलाड़ियो को खेल की मुख्य धारा से जोड़ने एवं समान अवसर प्रदान करने के लिए एक प्लेटफार्म देने की कृपा करे
Sumit kumar_63
Sumit kumar_63 10 साल 3 सप्ताह पहले
नमस्ते सर जी, हमारे देश में शारीरिक रूप से अक्षम क्रिकेटरो की एक बहुत बड़ी संख्या क्रिकेट से जुड़ी हुई है एवं हम पूर्ण समर्पण,दृढ़ निश्चय एवं निष्ठा के साथ क्रिकेट को खेलते है परंतु हमारे लिए दुर्भाग्यशाली यह है कि आज तक इस खेल को बीसीसीआई या खेल मंत्रालय की ओर से मान्यता प्राप्त नही है। हम उन सभी सुविधाओ से वंचित है जो सामान्य खिलाड़ियो को खेल मंत्रालय के द्वारा प्रदान की जाती है। हमारे खिलाड़ियो को खेल की मुख्य धारा से जोड़ने एवं समान अवसर प्रदान करने के लिए एक प्लेटफार्म देने की कृपा करे