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टिप्पणियाँ (1)
टिप्पणियाँ (1)
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RISHIDEV ARYA
5 साल 7 महीने पहले
Fundamental Duty 9- To Safeguard The Public Property
सार्वजनिक सम्पत्ति सभी के लिये होती है। हमें यह जानना आवश्यक है कि सार्वजनिक सम्पत्ति पर किसी व्यक्ति-विशेष अथवा समुदाय-विशेष का अधिकार नहीं होता। इसलिये सार्वजनिक सम्पत्ति का संरक्षण हमारा कर्तव्य है। अक्सर देखा गया है कि कुछ लोग सार्वजनिक सम्पत्ति जैसे बसों को फूंक देते हैं; इमारत तोड़ देते हैं। यह सही नहीं है। बसें फूँक देने और इमारत तोड़ देने से अन्ततः जनता और देश का ही नुकसान होता है। Such public property should be conserved.
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Nandakumaran_Moorkath
5 साल 7 महीने पहले
Shame that Millions and Millions of educated indians DO NOT shout that it is faulty election system that is the curse OF CORRUPTION AND 99 % problems of the nation and these faulty election systems have created a situation that more than 90 percent of elected MPs and MLAs and people representiaties at village and municipality are SELFISH TO the Core & are Bothered ONLY to LOOT to make their family members FREE OF Poverty &Let india GO to Hell! SHAME!
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Chaturbhuj Tembhare
5 साल 7 महीने पहले
शिक्षा मे नये विषयो को...
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Abhey Kumar Rajput
5 साल 7 महीने पहले
धर्माचरणी हिन्दू ही हिन्दू राष्ट्र स्थापित कर सकते हैं !
राष्ट्ररचना करने के इच्छुक नेता और उनके अनुयायियों में नैतिक (आध्यात्मिक) प्रेरणा होना आवश्यक है । धर्माचरणी हिन्दुआें में ही खरी नैतिक प्रेरणा जागृत होती है । इसलिए वे हिन्दू राष्ट्र की स्थापना में प्रत्यक्ष भाग ले सकेंगे ।
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Abhey Kumar Rajput
5 साल 7 महीने पहले
धर्मरक्षा हेतु संगठित लोग हिन्दुत्वनिष्ठ विचारधारा के हों, तब भी प्रत्येक की प्रवृत्ति एवं सोच भिन्न होती है । हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताआें में कुछ तो व्यसनी होते हैं और कुछ वाममार्गी । संक्षेप में, जिस प्रकार का आचरण अनेक राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता करते हैं, उसी प्रकार का आचरण हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के कार्यकर्ता करते दिखाई देते हैं । हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताआें की वर्तमान स्थिति के विषय में विचार करें, तो निम्नांकित बातें ध्यान में आती हैं ।
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Abhey Kumar Rajput
5 साल 7 महीने पहले
यद्यपि सभी लोग हिन्दू धर्म और हिन्दूराष्ट्र के लिए ही कार्य करते हैं, तथापि सनातन धर्म का अध्ययन न होनेके कारण अनेक लोगों को यह पता ही नहीं रहता कि हिन्दू धर्म में ज्ञान का कितना भव्य अक्षय भण्डार है तथा अन्य धर्मों में इसका लाखवां अंश भी नहीं है ।
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Abhey Kumar Rajput
5 साल 7 महीने पहले
अनेक लोग साधना नहीं करते । इसलिए उन्हें पता नहीं होता कि हिन्दू धर्म व्यक्ति को सर्वोच्च स्तर की अनुभूति दान करता है तथा अन्त में अद्वैततक पहुंचाता है ।
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Abhey Kumar Rajput
5 साल 7 महीने पहले
व्यवहार में यदि कोई हमारी सहायता करता है, तो हमें उसके प्रति कृतज्ञता लगती है । हिन्दू धर्म जन्म- मृत्यु के चक्र से सदा के लिए मुक्ति दिलाता है; परन्तु यह ज्ञात न होने के कारण हिन्दू धर्म में जन्म होने पर भी अनेक लोगों को उसके प्रति कृतज्ञता नहीं लगती ।
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Abhey Kumar Rajput
5 साल 7 महीने पहले
कुछ लोग केवल मानसिक स्तर पर धर्म के प्रति अभिमान रखते हैं, इसलिए कभी-कभी वे धर्मद्रोही कार्य भी कर जाते हैं । उदाहरण के लिए, श्रीलंका में तमिल हिन्दुआें पर अत्याचार हुआ । उस समय बंगाल की मुख्यमन्त्री ममता बनर्जी ने केन्द्र के तत्कालीन कांग्रेस शासन की तटस्थ भूमिका का समर्थन किया । उनका विरोध करने के लिए तमिल हिन्दुआें ने बंगाली मूल के महर्षि अरविंद के पुदुचेरी स्थित आश्रम पर आक्रमण किया । सन्त जाति, प्रान्त, भाषा एवं अस्मिता से परे होते हैं ।
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Abhey Kumar Rajput
5 साल 7 महीने पहले
कुछ लोग पद-प्रतिष्ठा पाने के लिए अथवा राजनीतिक स्वार्थ साधने के लिए धर्मरक्षा का कार्य करते हैं । वास्तव में धर्म को, अर्थात ईश्वर को धर्म की रक्षा के लिए किसी की आवश्यकता नहीं होती । धर्मग्लानि होने पर ईश्वर स्वयं अवतार लेते हैं अथवा किसी के माध्यम से वह कार्य करते हैं । इसमें अपनी साधना के रूप में हमें सम्मिलित होना चाहिए ।
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