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How will you celebrate #BapuAt150?

आरंभ करने की तिथि :
Mar 08, 2019
अंतिम तिथि :
May 31, 2019
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

2019 is the year of Bapu’s 150th Birth Anniversary. What do the teachings and work of the Mahatma mean to you? How will you inculcate Bapu’s work in your daily life and ...

2019 is the year of Bapu’s 150th Birth Anniversary. What do the teachings and work of the Mahatma mean to you? How will you inculcate Bapu’s work in your daily life and celebrate this year? How will you put Bapu’s thoughts into action in your home, your community and society at large and make #Bapu150 a mass movement? Share your stories, thoughts and ideas here!

फिर से कायम कर देना
3015 सबमिशन दिखा रहा है
Rajendra Bora
Rajendra Bora 7 साल 3 सप्ताह पहले
गांधी जी का कहना था हमेशा सच के मार्ग पर चलो सच को छुपा सकते हो पर उसे दबा नहीं सकते। आज हर भारतीय अगर संकल्प करे की वो सचाई के रास्ते पर चलेगा तो हिंदुस्तान में परिवर्तन आने के लिए १०० साल नहीं १० साल में ही आ जाएगा ।
Chaitrali Bhalchandra Chinchanikar
Chaitrali Bhalchandra Chinchanikar 7 साल 4 सप्ताह पहले
We Support all the activities of Govt.of.India. But there are many citizens who are not aware of these initiatives. Also there are many citizens who deliberately neglect these things. For example, people do not use public toilets. There are many public toilets in city. 2 public toilets share the common area as 2 bench partners share their bench . But many people do not follows Sanitation Rules . They sit on Roads. Nobody punishes them for their unhygiene. strict actions are needed for this.
Rajkamal jangir
Rajkamal jangir 7 साल 4 सप्ताह पहले
सर्वप्रथम जाति और वर्ण के भेद से ऊपर उठकर मनुष्य को मनुष्य समझें। अपने आप को धार्मिक तभी माने जब आप अपने धर्म को मानते हुए दुसरे धर्म का सम्मान करते हो। आहिंसा के मार्ग पर चलते हुए मानव मात्र के प्रति प्रेम, करुणा, और सहयोग की भावना से अपना जीवन व्यतीत करें। यही सही मायनों में महात्मा गांधजी के प्रति हमारी भाव पूर्ण श्रद्धांजलि होगी। धन्यवाद
Sukumar Sarkar
Sukumar Sarkar 7 साल 4 सप्ताह पहले
I shall request our President & PM to issue appropriate orders or to advise MLAs & MPs to do their Legislative jobs as full time jobs, for 24 hours. They should not extend any undue benefits to their family and friends. They should not take any salary and pensions from Government. It has been found all MLAs and MPs become unified when some proposal for facilities to them are raised . This must be curtailed. MLAs & MPs should serve country as Servants of People not as KINGs .
Mitul Kansal
Mitul Kansal 7 साल 4 सप्ताह पहले
जो कोई भी उनके आश्रम में रहने आता था, तो गांधी जी की पहली शर्त यह होती थी कि उसे आश्रम की सफाई का काम करना होगा, जिसमें शौच का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण करना भी शामिल था। गांधी का मानना था कि स्वच्छता ईश्वर भक्ति के बराबर है, इसलिये वे लोगों से स्वच्छता बनाए रखने को कहते थे। वे चाहते थे कि भारत के सभी नागरिक एक साथ मिलकर देश को स्वच्छ बनाने के लिये कार्य करें।
Mitul Kansal
Mitul Kansal 7 साल 4 सप्ताह पहले
‘बलात्कार के समय क्या करें?’ लेख में गांधी आगे लिखते हैं- ‘जिस स्त्री पर इस तरह का हमला हो, वह हमले के समय हिंसा-अहिंसा का विचार न करे. उस समय आत्मरक्षा ही उसका परम-धर्म है. उस समय उसे जो साधन सूझे उसका उपयोग कर उसे अपने सम्मान और शरीर की रक्षा करनी चाहिए. ईश्वर ने उसे जो नाखून दिए हैं, दांत दिए हैं और जो बल दिया है वह उनका उपयोग करेगी. और उनका उपयोग करते-करते वह जान दे देगी.
Mitul Kansal
Mitul Kansal 7 साल 4 सप्ताह पहले
इंसान हमेशा वो बन जाता है जो वो होने में वो यकीन करता है। अगर मैं खुद से यह कहता रहूँ कि मैं इस चीज को नहीं कर सकता, तो यह संभव है कि मैं शायद सचमुच में वो करने में असमर्थ हो जाऊं। और इसके विपरीत अगर मैं यह यकीन करूँ कि मैं ये कर सकता हूँ, तो मैं निश्चित रूप से उसे करने की क्षमता पा ही लूँगा, फिर भले ही शुरू में मेरे पास वो क्षमता ना रही हो।
Mitul Kansal
Mitul Kansal 7 साल 4 सप्ताह पहले
महात्मा गांधी के स्लोगन जो आप लोग ज़रूर ज़िंदगी भर याद रखना चाहेंगे – जहाँ पवित्रता है, वहीं निर्भयता है। कानों का दुरुपयोग मन को दूषित और अशांत करता है। विश्व में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इतने भूखे हैं कि भगवान् उन्हें किसी और रूप में नहीं दिख सकता, सिवाय रोटी देने वाले के रूप में। किसी की मेहरबानी माँगाना, अपनी आजादी बेचना है। जब आपका सामना किसी विरोधी से हो, तो उसे प्रेम से जीतें, अहिंसा से जीते। दिल की कोई भाषा नहीं होती, दिल – दिल से बात करता
Mitul Kansal
Mitul Kansal 7 साल 4 सप्ताह पहले
गांधीजी ने कहा था की हम अपने वांछित गुणों को दूसरो में देखने की कोशिश करते है। असल में हम सभी अंदर से बहुत सुन्दर और अद्भुत है। जितनी हम दूसरो की मदद करेंगे जवाब में वे भी हमें उतनी ही मदद करेंगे। हमें सभी से प्यार और दया की भावना रखनी चाहिये। ऐसा करने से ही हमारे जीवन में अद्भुत बदलाव आयेंगा। यदि हमें दुनिया में प्यार और दया देखनी है तो पहले हमें अपने आप को प्यार और दया से भरना होगा।
Mitul Kansal
Mitul Kansal 7 साल 4 सप्ताह पहले
माफ़ करना बहुत कठिन होता है। वह आदमी जो माफ़ करके जिंदगी में आगे बढ़ता जाता है वही महान है। हमें दूसरो की गलतियों को माफ़ कर देना चाहिये ताकि हम जीवन शांति से व्यतीत कर सके। माफ़ करना मजबूत लोगो की ही निशानी है ना की कमजोर लोगो की। यदि हम लोगो की गलतियों को माफ़ नही करते तो हम हमारे चारो और अशांति का वातावरण निर्माण करते है। और ऐसा करने से हमेशा के लिये हमारा जीवन परेशानियों में अटका रहेगा। इसीलिए हमें लोगो की गलतियों को माफ़ कर देना चाहिये।