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आरंभ करने की तिथि :
May 01, 2021
अंतिम तिथि :
Jun 30, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
Recognizing the universal appeal of Yoga, owing to its demonstrated benefits towards immunity building and stress relief, the United Nations General Assembly (UNGA) proclaimed 21st ...
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shakti singh
5 साल 1 महीना पहले
"योग भारत की प्राचीन परम्परा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है; मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है; विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन- शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। तो आयें एक अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस को गोद लेने की दिशा में
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shakti singh
5 साल 1 महीना पहले
"योग भारत की प्राचीन परम्परा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है; मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है; विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन- शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। तो आयें एक अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस को गोद लेने की दिशा में
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shakti singh
5 साल 1 महीना पहले
"योग भारत की प्राचीन परम्परा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है; मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है; विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन- शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। तो आयें एक अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस को गोद लेने की दिशा में
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5 साल 1 महीना पहले
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5 साल 1 महीना पहले
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"योग भारत की प्राचीन परम्परा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है; मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है; विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन- शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। तो आयें एक अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस को गोद लेने की दिशा में
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shakti singh
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VIJAY KUMAR VISHWAKARMA
5 साल 1 महीना पहले
आमजनों में यह भ्रम है कि मात्र विभिन्न आसनों का मतलब ही योग है, जबकि आसन योग का एक महत्वपूर्ण अंग है । प्राणायाम और ध्यान भी अपेक्षकृत ज्यादा लाभदायक है । अतएव जब भी योग की बात की जाए तो पूरे परिप्रेक्ष्य में की जाए । यम नियम से प्रारंभ करते हुए क्रमशः आगे बढ़ना हितकारी है बजाए सीधे आसन आजमाने के । चूंकि आज का जमाना तुरंत परिणाम चाहता है और योग में प्रत्याहार के रूप में धैर्य की आवश्यकता है । अतः प्रभावी परिणाम के लिए शनैः शनैः आगे बढ़ने से ही लाभ मिलेगा ।
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Khyati goswami
5 साल 1 महीना पहले
Jai Hind
#NCCforYoga
Cdt Khyati goswami gajendrapuri from 2 Guj Girls BN NCC,Rajkot. Performing Yoga at her residence.
7th International Yoga Day on 21 june 2021
@moayush
@HQ_DG_NCC
@DefencePRO_Guj
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