Ayushkashyap
3 महीने 8 घंटे पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी, सादर प्रणाम आपसे कुछ शिकायतें है,
आपने सोनम वांगचुक को देशद्रोही बताया, जो कि सत्य सिद्ध न हो सका, आप प्रकृति के संरक्षण के लिए भी कुछ खास न कर सके, आपने गंगा जी की धारा को अविरल रखने के लिए भी कुछ नहीं किया, गोरक्षा भी नहीं हो रही ब्राह्मणों की भी नहीं सुनते आप(पूरी पीठ के शंकराचार्य की बात कर रहे हैं वो ही ब्राह्मण रह गए हैं आज के युग में) आपका प्रशासन गैस सिलेंडर की कालाबाजारी रोक नहीं पा रहा है और आप कहते है ईंधनों की कोई कमी नहीं है, हम 25 वर्ष के हैं फिर भी मरने से इसीलिए नहीं डरते क्योंकि मेरा चिता भस्म महादेव अपने ऊपर धारण करेंगे , लेकिन आप ने अस्सी वर्ष जी लिया 3 अवधि से प्रधानमंत्री हैं फिर भी कौन सी महत्वाकांक्षा रह गई है आपकी जो आप अपने राज धर्म का पालन नहीं कर रहे हैं। शायद अपने धर्म का पालन कर भी रहे हो पर आपके आचरण में धर्म नहीं है केवल आपके वाणी में है।
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