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Tune in to 132nd Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 29th March 2026

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PRAKASH TELI
PRAKASH TELI 3 महीने 1 day पहले
सर, जलगांव शहर के हमारे MLA माननीय राजुमामा भोले, जलगांव शहर में हर किसी को परिवार के सदस्य जैसे लगते हैं। सर राजुमामा भोले जी के स्वभाव के कई पहलू हैं। कई बार राजुमामा भोले जी अपने जेबसे कई काम करते हैं, लेकिन वे कभी इसका दिखावा नहीं करते। मैं हमेशा यह देखता हूँ। आज भी, वे पानी के टैंकरों से मुफ़्त में अलग-अलग प्रोग्राम और पब्लिक कामों के लिए मुफ़्त में पानी देते है। उस पानी के ट्रैक्टर पर एक बहुत सुंदर वाक्य लिखा था। मुफ़्त नहीं, ड्यूटी। माननीय राजुमामा ऐसे कई काम करते हैं। मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि मन की बात में माननीय राजुमामा भोले जी के कामों पर चर्चा करें ताकि बहुत से लोग उनसे प्रेरणा ले सकें। धन्यवाद ! प्रकाश तेली
Harsh Barot
Harsh Barot 3 महीने 1 day पहले
कुछ महीने पहले हमने एक बहुत छोटा सा प्रयास शुरू किया था — “बुक टॉक क्लब”। उद्देश्य सिर्फ इतना था कि लोग फिर से किताबों से जुड़ें, पढ़ें, और अपनी संस्कृति को समझें। शुरुआत में हम बहुत कम लोग थे। कई लोग ऐसे भी थे जिन्होंने वर्षों से कोई किताब नहीं पढ़ी थी। लेकिन जब हमने आनंदमठ जैसी पुस्तक पढ़ना शुरू किया, तो धीरे-धीरे कुछ बदलने लगा। आज हमारे इस छोटे से प्रयास से 200 से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। हर महीने जब हम मिलते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे एक परिवार अपने विचार, अपने अनुभव और अपने संस्कार साझा कर रहा हो। प्रधानमंत्री जी, सबसे भावुक पल तब आता है जब कोई युवा कहता है — “मैंने अपनी ज़िंदगी में पहली बार पूरी किताब पढ़ी है।” यही हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। अब हम एक मोबाइल एप्लिकेशन बनाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं, ताकि यह प्रयास और लोगों तक पहुँच सके, और देशभर में पढ़ने की एक नई लहर पैदा हो सके। इस छोटी सी पहल से हमने यह अनुभव किया है कि किताबें सिर्फ ज्ञान नहीं देतीं, बल्कि सोच बदलती हैं, आत्मविश्वास बढ़ाती हैं और हमें अपनी जड़ों से जोड़ती हैं।
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Manoj Pandey
Manoj Pandey 3 महीने 1 day पहले
honourable prime minister, Sir most respectfully I would like to say that the faculty and HOD of private institutions which is attached or affiliates with reputed University, they behave with their students as unfaithfully specially the DIRECTORS of institute who behave unfair specially for migratory students of other states.... only on requirement of hostel food sefty, hygiene and for specially on unhealthy food consuming while students paid for these facilities. respected sir I hope you consult these major issues....... and coperate uss.... sir
Dr Mamta Baunthiyal
Dr Mamta Baunthiyal 3 महीने 1 day पहले
आदरणीय प्रधानमंत्रीजी नमस्ते, वर्तमान ऊर्जा संकट एवं शहरी क्षेत्रों में बढ़ते जैविक कचरे की समस्या को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव है कि शहर की कॉलोनियों में विकेन्द्रीकृत बायोगैस संयंत्रों को एक सतत “वेस्ट-टू-एनर्जी” समाधान के रूप में बढ़ावा दिया जाए। पूर्णतः अनिवार्य करने के स्थान पर, बड़े आवासीय समूहों, संस्थानों एवं बाजारों जैसे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले क्षेत्रों में इन संयंत्रों की स्थापना अनिवार्य की जा सकती है, जबकि छोटी कॉलोनियों के लिए क्लस्टर आधारित मॉडल अपनाया जा सकता है। सरकार इस पहल को सफल बनाने हेतु वित्तीय प्रोत्साहन, तकनीकी सहयोग एवं स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण के कड़े नियम लागू कर सकती है। साथ ही, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से इन संयंत्रों के संचालन एवं रख-रखाव को प्रभावी बनाया जा सकता है।
DeepRay
DeepRay 3 महीने 1 day पहले
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