GOVINDTHAKUR
4 साल 4 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी
आपके नेतृत्व प्रबंधन पर संदेह नहीं किया जा सकता, मगर कुछ ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर आपका ध्यान आकर्षित कराना बतौर पत्रकार मैं अपना नैतिक अधिकार मानता हूं, भले आप उन विषयों को कितनी गंभीरता से ले रहे हो ये आपका विशेषाधिकार है. क्योंकि सवाल हमेशा सत्ता से किया जाता है, माननीय महोदय वर्तमान समय में निश्चय ही आपके समक्ष कई चुनौतियां हैं. मगर एक और बड़ी और गंभीर चुनौती आपके समक्ष है, जिसे शायद आप देख नहीं पा रहे या आप देखकर भी अंजान बने रहना चाह रहे हैं. माननीय महोदय मेरा इशारा 2011- 12 से चले आ रहे सहारा- सेबी विवाद की ओर है. तत्कालीन यूपीए सरकार के कार्यकाल से शुरू हुए विवाद और उबाऊ न्यायिक प्रक्रिया ने इस विवाद को 21 वीं सदी के सबसे बड़े त्रासदी की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है. लागभग 10 सालों से चले आ रहे इस विवाद का अंत आखिर कब होगा ये महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि इस प्रक्रिया ने सहारा के साम्राज्य को पूरी तरह बर्बाद कर उस दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां से सहारा के पास मात्र दो ही विकल्प बचे हैं या तो संस्था को अपना पैराबैंकिंग सेक्टर को बंद करना होगा
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