Shankar Sriram
4 साल 4 महीने पहले
कहानी एक सफल महिला आर्गेनिक किसान की
अम्बासमुद्रम की रेहनी वाली, श्रीमती देवी लक्ष्मी , बीएसएनएल में अपनी १२ साल की नौकरी छोड़, आर्गेनिक फार्मिंग के प्रति अपने सपने को पूरा करने निकल पड़ी .
देवी लक्ष्मी ने अपने ३ एकर के कृषि भूमि को ३ हिस्सों में बांटा और धान के बीज इक्कठा करने निकल पड़ी. भारत के कई हिस्सों से जैसे राजस्थान , ओडिशा , तंजौरे धान के बीज इक्कठे कर अगले १० सालों में कई तरह के चावल की खेती कर डाली.
इस साल देवी लक्ष्मी ने लगभग ३६ विविद तरीकों के धान इक्कठे किये हैं . इन में उनके वल्लियूर के पैतृक घर में पिछले ४० साल से बड़े बड़े घड़ों में धान के बीज जो संभल के रखे हुए थे वह भी शामिल है ..... जिस तरह से आज कल गोदाम में बीज रखे जाते हैं , पुराने ज़माने में इसी तरह परंपरागत तरीके से घड़ों में धान के बीज रखे जाते थे.
देवी लक्ष्मी की जितनी तारीफ की जाये उतनी कम है. वह हर किसम के प्रोत्साहन , सहायता की हकदार हैं और आने वाले सालों में वह दुसरे किसानो के लिए आर्गेनिक फार्मिंग में प्रेरणास्रोत बनने की पूरी क्षमता रखती हैं
mygov_164519240975656521.pdf
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