Dr. V. P. Singh
3 साल 10 महीने पहले
विषय: उ. प्र. उ. शि. सेवा आयोग के विज्ञापन सं. 49 की प्रतिक्षा सूची में चयनित प्राचार्यों को हुए महाविद्यालय आवंटन पर मेरी आपत्ति।
आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
उपरोक्त विषय में निम्नलिखित तथ्य आपके समक्ष अवलोकन व न्याय हेतु प्रेषित हैं:-
1. मेरा नाम डा. वीरेंद्र प्रताप सिंह है। मेरा रोल नं. 100022 है। मेरा नाम उपरोक्त प्रतिक्षा सूची में 18 वें नंबर पर है।
2. दि. 5 अगस्त 2022 को मुझे फेसबुक से पता चला कि उपरोक्त प्रतिक्षा सूची से मुझे छोड़कर 50 प्राचार्यों को महाविद्यालयों का आवंटन हुआ है। यह जान कर मैं एकदम हतप्रभ रह गया। पता करने पर मुझे बताया गया कि मेरे प्रिफरेंस के किसी भी महाविद्यालय में प्राचार्य का पद रिक्त नहीं है। यह सरासर झूठ है। क्योंकि मैंने सभी महाविद्यालयों के लिए अपनी वरीयता आन लाइन भरी हुई है। यह उ. शि. निदेशालय, उत्तर प्रदेश का खुलेआम भ्रष्टाचार है। जिसकी निष्पक्ष जॉच होनी चाहिए। यदि नियुक्तियों में ऐसे भ्रष्टाचार पर सरकार अंकुश नहीं लगाती है तो किसी भी सेवा में गुणवत्ता का अनुरक्षण व संवर्धन दोनों संभव ही नहीं है।
अतः विनम्र निवेदन है कि आप मुझे न्याय दिलायें।
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