Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

विद्यार्थियों के अधिगम परिणामों में सुधार लाने के लिए स्कूली शिक्षा में विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी के अध्यापन के लिए नया ज्ञान, अध्यापन और दृष्टिकोण

दसवीं बोर्ड परीक्षा में 80% छात्र विज्ञान और गणित (अंग्रेजी) में कमजोर अध्यापन की वजह से फेल होते हैं। उच्चतर माध्यमिक स्तर पर विज्ञान विषय में कम दाखिला और गुणवत्ता रहित शिक्षा, देश में वैज्ञानिक कार्मिकों के विकास में बाधा है। विज्ञान और गणित की शिक्षा में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। हमसे यह अपेक्षित है कि हम विचार-विमर्श करके बेहतर परिणामों के लिए शिक्षण - अधिगम प्रक्रियाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने तथा पाठ्यचर्या, अध्यापन और अधिगम स्तर में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग के मामलों में अभिनवता तथा विविध दृष्टि‍कोणों के लिए व्यावहारिक कार्यनीतियां तलाशनी होंगी।

मॉडरेटर का नामः श्री विपल्व बख्शी, फिक्की के प्रतिनिधि

दिन, तिथि एंव समयः सोमवार, 1 जून, 2015 शाम 3 बजे

खंडनः ये विचार वक्ताओं/ मध्यस्थों के द्वारा व्यक्त किए गए है, जो किसी भी प्रकार से मानव संसाधन विकास मंत्रालय और भारत सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।

इस बात के लिए टिप्पणियाँ बंद हो गईं।
फिर से कायम कर देना
290 सबमिशन दिखा रहा है
Prakash KC
Prakash KC 11 साल 3 सप्ताह पहले
क्या है विद्यातत्त्वम् पद्वति ? – NEW EDUCATION SYSTEM विद्यातत्त्वम् पद्धति को ही परम विद्या भी कहा जाता है जिसका एक उपांग शिक्षा है । ‘विद्यातत्त्वम् पद्धति’ के अन्तर्गत (1) शिक्षा (EDUCATION) (2) स्वाध्याय (SELF-REALIZATION) (3) अध्यात्म (SPRITUALIZATION) (4) तत्त्वज्ञान (TRUE SUPREME AND PERFECT KNOWLEDGE) ये चार विधान आते है जिससे ही सम्पूर्ण की सम्पूर्णतया- संसार, शरीर, जीव, आत्मा, परमात्मा की अलग-अलग जानकारी-दर्शन होता है ।