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नई शिक्षा नीति के लिए प्रतीक-चिन्ह बनाएं

आरंभ करने की तिथि :
Jan 09, 2015
अंतिम तिथि :
Jan 21, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

नई शिक्षा नीति (एनईपी) के लिए पृष्ठभूमि नोट ...

नई शिक्षा नीति (एनईपी) के लिए पृष्ठभूमि नोट

• समावेशी, सहभागिता पूर्ण और समग्र दृष्टिकोण से देश के लिए एक नई शिक्षा नीति तैयार की जा रही है। राष्ट्री य शिक्षा नीति 1986 में बनाई गई थी और 1992 में संशोधित की गई थी। तब से अब तक अनेक बदलाव हुए हैं, जिसकी वजह से नीति में संशोधन की आवश्यकता है।

• नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य, लोगों की गुणवत्ता परक शिक्षा, नवाचार और अनुसंधान संबंधी आवश्यकता के परिवर्तनशील पहलुओं से निपटना और भारत को, इसके छात्रों को आवश्य्क कौशल तथा ज्ञान प्रदान करके ज्ञान के क्षेत्र में महाशक्ति बनाना तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा एवं उद्योग जगत में श्रमशक्ति की कमी को दूर करना होगा।

• स्कूल शिक्षा के लिए 12 प्रकरण हैं, जिनमें अधिगम परिणामों को बेहतर बनाना, माध्य्मिक और वरिष्ठ माध्य मिक शिक्षा की पहुंच का विस्तापर करना, व्या,वसायिक शिक्षा का सुदृढ़ीकरण, स्कूधल परीक्षा प्रणालियों में सुधार करना, अध्यारपक शिक्षा में सुधार करना, महिलाओं, अ.जा., अ.ज.जा. और अल्पकसंख्यकों पर विशेष बल देते हुए ग्रामीण साक्षरता की गति बढ़ाना, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का संवर्धन, विज्ञान और गणित शिक्षण के लिए नया ज्ञान और दृष्टिकोण, स्कू ल मानदण्ड , मूल्यांकन और प्रबंध तंत्र, समावेशी शिक्षा, भाषाओं और बोधगम्यू शिक्षा का संवर्धन शामिल हैं।

• उच्चंतर शिक्षा के लिए 20 प्रकरण हैं जिनमें प्रशासन में सुधार, संस्थांओं की रैंकिंग और मान्यंता, विनियमन की गुणवत्ताक, केन्द्री य संस्थारओं की प्रोत्सा हक भूमिका, राज्योंए के लोक विश्व विद्यालयों को बेहतर बनाना, उच्चकतर शिक्षा में कौशल विकास को शामिल करना, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों और प्रौद्योगिकी समर्थित शिक्षा का संवर्धन, क्षेत्रीय, जेन्डयर और सामाजिक विषमताओं को दूर करना, उच्चदतर शिक्षा को समाज से जोड़ना, सर्वोत्तिम शिक्षक विकसित तैयार करना, छात्र सहयोग प्रणाली को बनाए रखना, भाषा के माध्यतम से सांस्कृ तिक एकीकरण का संवर्धन, निजी क्षेत्र की भागीदारी, उच्चभतर शिक्षा का वित्त‍-पोषण, अन्त र्राष्ट्री्यकरण, शिक्षा को नियोजनीयता से जोड़ने के लिए उद्योग जगत की भागीदारी, अुनसंधान और नवाचार तथा नया ज्ञान शामिल हैं।

नई शिक्षा नीति हेतु प्रतीक चिन्ह बनाने के लिए आप सभी आमंत्रित हैं।

प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि 19 जनवरी, 2015 है।

चयनित प्रविष्टि को 10,000 रु. के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

नियम एवं शर्तें, तकनीकी प्राचल और मूल्‍यांकन मापदंड के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

इस कार्य के लिए प्राप्त हुई प्रविष्टियाँ
220
कुल
128
स्वीकृत
92
समीक्षाधीन
फिर से कायम कर देना
128 सबमिशन दिखा रहा है
Kalpesh Chavan
Kalpesh Chavan 11 साल 5 महीने पहले
I have used Science of ‘Light and vision’ concept. Explanation of logo: The puzzle-community or civilization Small kids-trying to solve puzzle-system Light- education. ‘Education’ is ‘light’ with the help of which the system which governs a nation can have much better vision of different parts of nation, people of the nation, their cultures, problems and opinions so that it can modify itself to govern accordingly.
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Mehtab malik
Mehtab malik 11 साल 5 महीने पहले
The Logo design shows the Leaves of Book. And as every leaf of Book have different chapter, the leaves also shows the different ways to students. And the color of leaves also shows the different fields like, Nature, Technology, Life and energy, where student could build there career in future.
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Jiten Amin
Jiten Amin 11 साल 5 महीने पहले
The wavy waters in the picture are symbolic of Karma, the lotus of Bhakti, and the rising-sun of Jnana. The encircling serpent is indicative of Yoga and awakened Kunadalini Shakti, while the swan in the picture stands for Paramatman. Therefore, the ideal of the picture is that by the union of Karma, Jnana, Bhakti and Yoga, the vision of the Paramatman is obtained.
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