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राष्‍ट्रीय अभिलेखागार हेतु प्रतीक चिह्न का डिजाइन बनाएं और वाक्‍यांश सृजित करें

Design an Emblem and Create a Motto for National Archives of India
आरंभ करने की तिथि :
Jul 23, 2015
अंतिम तिथि :
Aug 16, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

राष्‍ट्रीय अभिलेखागार भारत सरकार के असामयिक अभिलेखों का भंडारगृह ...

राष्‍ट्रीय अभिलेखागार भारत सरकार के असामयिक अभिलेखों का भंडारगृह है और यह प्रशासकों तथा शोधार्थियों के प्रयोग के लिए इन्‍हें न्‍यास के रूप में रखता है। यह संस्‍कृति मंत्रालय, भारत सरकार का संबद्ध कार्यालय है ।

इसे 11 मार्च 1891 को कलकत्‍ता (कोलकाता) में इम्‍पीरियल रिकार्ड डिपार्टमेंट के रूप में स्‍थापित किया गया था । 1911 में राष्‍ट्रीय राजधानी के कलकत्‍ता से नई दिल्‍ली में स्‍थानांतरण के पश्‍चात् इसे 1926 में जनपथ और राजपथ के क्रासिंग पर वर्तमान भवन में स्‍थानांतरित किया गया था ।
लोक अभिलेख अधिनियम, 1993 और लोक अभिलेख नियमावली, 1997 के क्रियान्‍वयन हेतु नोडल एजेंसी के रूप में राष्‍ट्रीय अभिलेखागार केंद्र सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के अभिलेखों के प्रबंधन को सरल ओर कारगर बनाने के लिए उत्‍तरदायी है।

विस्‍तृत ब्‍यौरे के लिए हमारी वेबसाइट www.nationalarchives.nic.in देखें ।

लोक अभिलेखों के अतिरिक्‍त, राष्‍ट्रीय अभिलेखागार में भारत के प्रसिद्ध व्‍यक्‍तियों के निजी दस्‍तावेजों का भी संग्रह है ।

यह प्रतियोगिता (https://mygov.in/task/design-emblem-and-create-tagline-national-archives...) 13-27 फरवरी 2015 की अवधी मे भी आयोजित की गई थी परंतु उचित प्रविष्टि का चयन नहीं हो सका। अत: यह प्रतियोगिता पुन: आयोजित की जा रही है।

भारतीय नागरिकों से वाक्‍यांश के साथ उपयुक्‍त प्रतीक चिह्न के डिजाइन/सुझाव आमंत्रित किए जाते हैं ताकि राष्‍ट्र की अभिलेखीय विरासत के परिरक्षण हेतु जागरूकता पैदा की जा सके।

प्रविष्‍टि प्रस्‍तुत करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त 2015 है।

चयनित प्रविष्‍टि को 50,000/- रुपये का पुरस्‍कार दिया जाएगा।

कृपया शर्तें और निबंधन तथा तकनीकी मापदंडों की अधिक जानकारी के लिए यहां क्‍लिक करें।

कार्य संचालक

श्री राजमणि
अभिलेख सहायक निदेशक
ई-मेल-naiwebcoordinator@gmail.com

इस कार्य के लिए प्राप्त हुई प्रविष्टियाँ
241
कुल
193
स्वीकृत
48
समीक्षाधीन
फिर से कायम कर देना
193 सबमिशन दिखा रहा है
ROSHINI VENKITARAMAN
ROSHINI VENKITARAMAN 10 साल 10 महीने पहले
All that is to be known is in the deep recess of the mind. The physical representation of the mind is depicted in the design as the brain. The brain is shown inside a house (i.e. hall of records). Within the brain lies stack of books with the Tiranga denoting the knowledge of India. Motto: Where Knowledge is preserved.
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PRATIBHA GOPAL
PRATIBHA GOPAL 10 साल 10 महीने पहले
NAI’s extensive work can be ethnically perceived as:RESTORE documents;RARE data preservation;RECORD maintenance.Its nationalistic approachto strive and conserve our historical individuality through Cartulary.NAI can pride of sustenance by diligent team cheering completion of125years ofhard work and service.Its vast structure of framework applied in planning, organization, expedition & perseverance of success makes NAI thriving andimportant organisation.Motto:ConSERVING Cartulary PreSERVING India