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समावेशी भारत पहल प्रतियोगिता - "इन्क्लूसिव एजुकेशन( समावेशी शिक्षा) पर मेरी राय"

Inclusive India Initiative Competition - "My Views on Inclusive Education"
आरंभ करने की तिथि :
Jun 05, 2017
अंतिम तिथि :
Jul 05, 2017
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

छात्र हमारे समाज में 'परिवर्तन एजेंटों' या कहें बदलाव की दिशा में एक ...

छात्र हमारे समाज में 'परिवर्तन एजेंटों' या कहें बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षण और शिक्षा के स्थापित तरीकों को चुनौती देने की शक्ति के साथ, हम एक समावेशी समाज के निर्माण में विद्यार्थियों के हस्तक्षेप और सहभागिता की उम्मीद करते हैं। भारत के स्कूलों और कॉलेजों के छात्र, हमारे सहयोगी के रूप में या कहें सह भागीदार के तौर पर काम करेंगे और वे हमारी बातों को प्रसारित करने के साथ साथ जनता तक पहुंचने में मदद करेंगे।

प्रविष्ठियां जमा करने की श्रेणियां-

1. वीडियो
2. आलेख/ निबंध/कहानी
3. कविता / चित्रकारी / स्लोगन लेखन / पोस्टर डिजाइनिंग

प्रतियोगिता में कौन शामिल हो सकते हैं?

इस प्रतियोगिता में केवल और केवल स्कूल ऑर कॉलेज के छात्र प्रतिभागी बन सकते हैं या कहें तो भाग ले सकते हैं। लेकिन इनकी उम्र 12 से 20 वर्ष के अंदर होनी चाहिए

आप इन विषयों पर अपने वीडियो/आलेख/निबंध/कहानी/कविता/चित्रकारी/स्लोगन/पोस्टर डिजाइनिंग कर सकते हैं

1. अगर आपका किसी ऐसे शख्स से सामना हो जाता है जो कि विकासात्मक/बौद्धिक विकलांगता से ताल्लुक रखता हो| तो आपकी तत्काल प्रक्रिया क्या होगी? अपने विचार 500 शब्दों में राय रखें?
2. आप अपने स्कूल को दिव्यांग फ्रैंडली या कहें तो उनके अनुकूल कैसे बनाएंगे?
3. तमाम बाधाओं के बावजूद, अपने सपने को पूरा करने में आपका जुनून किस हद तक कामगार होगा। (केवल फ़ोकस समूह/ दिव्यांगों के लिए)
4. फोकस समूह की ओर यानी दिव्यांगों के प्रति समाज को कैसे संवेदनशील बनाया जा सकता है और इन के लिए बेहतर और सहायक समुदाय का निर्माण कैसे और किस तरह से करना है? 500 शब्दों में लिखें
5. ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है।
6. फ़ोकस किए गए समूह के लिए मोबाइल ऐप और इन पर केंद्रित सॉफ्टवेयर की उपयोगिता पर एक दस्तावेज़ बनाएं
7. फोकस समूह के लिए उद्यमशीलता पर एक मॉडल बनाएं

प्रतियोगिता की समय सीमा - 4 जुलाई 2017

प्रस्तावित पुरस्कार राशि:
पहला पुरस्कार - रु 5,000 / -
दूसरा पुरस्कार - रु 3000 / -
तीसरा पुरस्कार - रु 2,000 / -

नोटः भागीदारी की प्रमाणपत्र सभी प्रविष्टियों को दिया जाएगा।

आप इस लिंक पर क्लिक कर प्रतियोगिता से जुड़ी नियम व शर्तें देख सकते हैं

इस कार्य के लिए प्राप्त हुई प्रविष्टियाँ
121
कुल
120
स्वीकृत
1
समीक्षाधीन
फिर से कायम कर देना
120 सबमिशन दिखा रहा है
Kirtesh Goswami
Kirtesh Goswami 8 साल 12 महीने पहले
First if I will met any disable person I will help him as I could. Second, to make our school friendly for disable students we should make ramps(for leg disabled), to teach braille script or if possible then provide eye treatment by school(for eye disabled), to teach sign language or to provide ear treatment by school(for deaf). To teach self dependent skills to disable students. To teach other student not to discriminate disable student and to help them. Teachers will have to help these.
mygov_149839399447479861
ojharavimangla
ojharavimangla 8 साल 12 महीने पहले
बच्चियों की शिक्षा के लिए अलग से सरकारी व निजी क्षेत्र द्वारा व्यवस्था करने की आवश्यकता है। इसके लिए निजी क्षेत्र द्वारा वर्तमान सह शिक्षा व्यवस्था की जगह अलग-अलग सेक्शन बनाकर उनकी बेहतरीन पढ़ाई और उनके जैविकीय जरूरतों पर बेहतर मार्गदर्शन प्रदान किया जा सकता है।
ojharavimangla
ojharavimangla 8 साल 12 महीने पहले
सशरीरी दिव्यांग बच्चों को ही सामान्य बच्चों के साथ अध्ययन अध्यापन हेतु शामिल किया जाय। इससे अन्य बच्चों की शिक्षा के साथ दिव्यांग बच्चे भी बेहतर शिक्षा हासिल कर सकेंगे।
Chandan Kumar Sah
Chandan Kumar Sah 8 साल 12 महीने पहले
We can make our schools disabled friendly by the following steps: 1.If there are any steps at the entrance to our school building if possible, place a handrail on both sides of these steps, as people with mobility difficulties need extra support when climbing up or down steps. 2.We should ensure that door handles are at a height that a person who uses a wheelchair can reach easily. 3.If we have students who uses wheelchair then there must be suitable desks for them where they can study easily
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SIMRAN_107
SIMRAN_107 8 साल 12 महीने पहले
Parents send their child to schools to seek education. Education which is light of our life and its ambience makes our thinking and actions more scientific and mature. Students are supposed to be a clean slate. Their life is a journey to discover who they really are. No one wants this journey to be broken. Teachers are our nation builders. Responsibility of make good citizens are on their shoulders. Teachers always act as guide and phillosopher, also teaches us art of living.